साल में दो महीने मिलता है यह रेगिस्तानी फल, एनर्जी का है पावर हाउस, नेचुरल कूलिंग लू से दिलाता है राहत

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साल में दो महीने मिलता है यह रेगिस्तानी फल, इसका शर्बत एनर्जी का है पावर हाउस
Last Updated:May 09, 2026, 22:24 IST
Peelu Sharbat Recipe and Benefits: पीलू को रेगिस्तानी अंगूर भी कहा जाता है. राजस्थान के गर्म इलाकों में पाया जाने वाला एक पारंपरिक फल है. इसका सेवन गर्मियों में विशेष रूप से मई और जून के महीनों में किया जाता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ लू से बचाव करता है. पीलू से बना शर्बत डिहाइड्रेशन दूर करने पाचन सुधारने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं और यह गर्मी में एक प्रभावी और स्वास्थ्यवर्धक पेय माना जाता है. गर्मियों में लू से बचाव के लिए लोग कई तरह के जतन करते हैं. बाजार में मिलने वाली कोल्ड ड्रिंक से शरीर को ठंडक तो मिलती है, लेकिन यह शरीर के लिए नुकसानदायक भी होती है आज हम आपको एक ऐसी नेचुरल ड्रिंक के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होगी. राजस्थान में मिलने वाले एक रेगिस्तान फल पीलू से यह ड्रिंक आप घर पर भी तैयार कर सकते हैं
गर्मियों में लू से बचाव के लिए लोग कई तरह के जतन करते हैं. बाजार में मिलने वाली कोल्ड ड्रिंक से शरीर को ठंडक तो मिलती है, लेकिन यह शरीर के लिए नुकसानदायक भी होती है आज हम आपको एक ऐसी नेचुरल ड्रिंक के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होगी. राजस्थान में मिलने वाले एक रेगिस्तान फल पीलू से यह ड्रिंक आप घर पर भी तैयार कर सकते हैं. पीलू या जाल के फल को रेगिस्तानी अंगूर भी कहा जाता है. राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में मिलने वाला यह फल गर्मियों में खास महत्व रखता है. इसका सेवन मई और जून के महीनों में किया जाता है. चिलचिलाती गर्मी और लू से बचाव के लिए इसका शर्बत पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है.
इस फल से घर पर आसानी से स्वादिष्ट शर्बत बनाकर सेवन किया जा सकता है. गृहिणी शालिनी चौधरी ने इस शर्बत की रेसिपी साझा की है. उन्होंने बताया कि गर्मियों में मिलने वाला पीलू फल राजस्थान का रेगिस्तानी अंगूर कहलाता है. इससे बना शर्बत गर्मी में बेहद लाभकारी होता है. सबसे पहले ताजे पीलू फल चुनकर उन्हें साफ पानी से अच्छे से धो लें. इसके बाद उनका गूदा निकालकर उपयोग में लिया जाता है. यह फल शरीर को ठंडक प्रदान करने के साथ पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है. इसमें प्राकृतिक रूप से पानी की मात्रा अधिक होती है जो शरीर में पानी की कमी को दूर करने का काम करता है. गर्मियों में यह सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. इसका शर्बत शरीर को ठंडक देता है और लू से बचाव में मदद करता है.
हाथों से पीलू को मसलकर या मिक्सर में हल्का सा चलाकर इसका पल्प निकाल सकते हैं. मिक्सर का उपयोग करते समय ध्यान रखें कि फल के नाजुक रेशे और प्राकृतिक स्वाद सुरक्षित रहें. तैयार किए गए गूदे में साफ पानी मिलाकर अच्छे से मिक्स करें. इसके बाद मिश्रण को बारीक छलनी या कपड़े की मदद से छान लें ताकि बीज और रेशे अलग हो जाएं. छना हुआ रस शर्बत का आधार बनता है. इसे ठंडा करने के लिए फ्रिज में रखा जा सकता है. यह शर्बत गर्मियों में शरीर को ठंडक देने का प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक तरीका है.
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पीलू के बीज की थोड़ी कड़वाहट रह सकती है इसलिए इसे सावधानी से छानना जरूरी है. छने हुए रस में भुना हुआ जीरा काला नमक और स्वादानुसार मिश्री या चीनी मिलाई जा सकती है. मिश्री का उपयोग करने से जूस की तासीर और अधिक ठंडी हो जाती है. यह तेज धूप में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह शर्बत शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है और तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है. गर्मियों में इसका सेवन सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है और यह प्राकृतिक ठंडक देने वाला पेय है.
पीलू के नियमित सेवन से डिहाइड्रेशन समेत कई तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है. यह शरीर को गर्मी में ठंडक देने के साथ पेट से जुड़ी तकलीफों में भी फायदेमंद होता है. पीलू का शरबत पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है और पाचन क्रिया को बेहतर करता है. पेट में जलन और अधिक भोजन के बाद होने वाली बेचैनी को कम करने में भी इसका उपयोग किया जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं.
वरिष्ठ आयुर्वेद डॉ. दामोदर प्रसाद चतुर्वेदी ने बताया कि पीलू के फल या शर्बत का सेवन करने से भीषण गर्मी में चलने वाली लू से बचाव होता है. यह शरीर के अंदर के तापमान को कम करने में मदद करता है. साथ ही यह इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को भी संतुलित बनाए रखता है. इसके नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी महसूस नहीं होती है. यह प्राकृतिक पेय डिहाइड्रेशन से बचाने में भी सहायक है. गर्मियों में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है और शरीर को ठंडक प्रदान करता है.
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