Rajasthan

Captain Smit Machhar:174 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन को मेवाड़ का सलाम, उदयपुर में तैयार हुई 174 साहस पगड़ी

Last Updated:October 09, 2026, 17:57 IST

174 Courage Turban: उदयपुर में मेवाड़ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में खास ‘174 साहस’ पगड़ी तैयार की गई है. फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट के हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने 174 यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी. उनकी बहादुरी से प्रभावित पगड़ी निर्माता जिनेश और जयंत कोठारी ने इस अनूठी पगड़ी के जरिए उनके साहस को सलाम किया है.Amazon Prime DayTop Deals Inside

उदयपुर. मेवाड़ में किसी के साहस और उपलब्धि को सम्मान देने की परंपरा आज भी कायम है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उदयपुर में कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में एक खास पगड़ी तैयार की गई है. इस पगड़ी पर ‘174 साहस’ लिखा गया है, जो मुश्किल हालात में भी हिम्मत नहीं हारने और 174 यात्रियों की सुरक्षा के लिए निभाई गई जिम्मेदारी का प्रतीक है. पगड़ी बनाने वाले जिनेश और जयंत कोठारी का कहना है कि यह पगड़ी सिर्फ सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि मेवाड़ की ओर से कैप्टन स्मित के साहस को सलाम है.

दरअसल, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ 1073 में कैप्टन स्मित मच्छर ने उस समय अदम्य साहस और धैर्य का परिचय दिया, जब उड़ान के दौरान को-पायलट के हमले में वे घायल हो गए. ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में भी उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, उनके इस साहस की खबर सामने आने के बाद लोगों ने उनकी बहादुरी की सराहना की. इसी घटना से प्रभावित होकर उदयपुर के पगड़ी निर्माताओं ने उनके सम्मान में एक खास पगड़ी बनाने का फैसला किया.

पगड़ी पर ‘174’ और ‘Courage’ का खास संदेश

इस पगड़ी को खास अंदाज में तैयार किया गया है. इस पर लिखा ‘174’ विमान में सवार यात्रियों की संख्या और उनकी सुरक्षा के लिए दिखाई गई जिम्मेदारी को दर्शाता है. वहीं, पगड़ी पर अंकित ‘Courage’ शब्द कैप्टन स्मित के अदम्य साहस को समर्पित है. पगड़ी निर्माताओं का कहना है कि जब उन्होंने कैप्टन स्मित से जुड़ी घटना के बारे में जाना, तो मन भीतर तक विचलित हो गया. लेकिन उनके साहस और भारतीय मूल के बारे में जानकर गर्व भी महसूस हुआ. इसी भावना को पगड़ी के जरिए व्यक्त करने का प्रयास किया गया है.

मेवाड़ में पगड़ी पहनाकर सम्मान करने की पुरानी परंपरा

जिनेश और जयंत कोठारी बताते हैं कि मेवाड़ में विशिष्ट व्यक्तियों, वीरता दिखाने वालों और खास अवसरों पर पगड़ी पहनाकर सम्मान करने की पुरानी परंपरा रही है. यहां पगड़ी को मान-सम्मान और स्वाभिमान से जोड़कर देखा जाता है. इसी परंपरा के तहत कैप्टन स्मित के लिए यह विशेष पगड़ी तैयार की गई है. उनका कहना है कि पगड़ी के जरिए वे यह संदेश देना चाहते हैं कि मुश्किल समय में साहस दिखाने वाले लोगों का सम्मान होना चाहिए.

कैप्टन स्मित तक पगड़ी पहुंचाने की कोशिश

पगड़ी निर्माताओं की इच्छा है कि यह खास पगड़ी कैप्टन स्मित मच्छर तक पहुंचे, ताकि वे मेवाड़ की इस भावना और सम्मान को महसूस कर सकें. उनके मुताबिक, यह केवल कपड़े और कारीगरी से तैयार की गई पगड़ी नहीं है, बल्कि इसमें उन लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं, जो कैप्टन स्मित के साहस से प्रभावित हैं. उदयपुर से तैयार हुई यह ‘174 साहस’ पगड़ी वीरता, जिम्मेदारी और हिम्मत को सम्मान देने की मेवाड़ की परंपरा को एक बार फिर सामने लाती है.

About the Authorमोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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Udaipur,Rajasthan

First Published :

October 09, 2026, 17:57 IST

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