Rajasthan

Ishita Rathi IAS Jammu ADC Husband Ravi Sihag IAS: IAS इशिता राठी को मिली नई पोस्टिंग, अब बनीं जम्मू एडीसी, आईएएस पति रवि सिहाग से बस 3.5 घंटे की दूरी

नई दिल्ली (Ishita Rathi IAS Jammu ADC). यूपी के बागपत की होनहार बेटी और देश की चर्चित आईएएस अधिकारी इशिता राठी अपनी कार्यशैली और प्रशासनिक सफर को लेकर सुर्खियों में हैं. यूपीएससी 2021 की परीक्षा में AIR 8वीं हासिल करने वाली इशिता राठी ने जम्मू में अतिरिक्त उपायुक्त (प्रशासन) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाल ली है. इससे पहले वह पुडुचेरी के रायकल में बतौर जिला कलेक्टर अपनी सेवाएं दे रही थीं, जहां उनके काम को काफी सराहा गया था.

इशिता राठी का यूपीएससी सफर जितना इंस्पायरिंग है, उतनी ही दिलचस्प उनकी और उनके पति आईएएस रवि सिहाग की लव स्टोरी और प्रशासनिक जुगलबंदी है. दोनों आईएएस अधिकारी 2022 बैच के चर्चित चेहरे हैं. आईएएस रवि सिहाग को पहले मध्य प्रदेश कैडर अलॉट किया गया था. फिर शादी के बाद आईएएस ट्रांसफर नियमों के तहत उन्होंने अपना कैडर बदलवा लिया था. अब वह भी आईएसस इशिता राठी की तरह जम्मू कैडर में हैं. पढ़िए दोनों की सक्सेस स्टोरी.

आईएएस इशिता राठी ने जम्मू में संभाला एडीसी का कार्यभार

यूपीएससी 2021 की टॉपर और AGMUT कैडर की तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी इशिता राठी ने जम्मू में अतिरिक्त उपायुक्त (प्रशासन) के पद पर आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया है. हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. इससे पहले वह पुडुचेरी में अपनी सेवाएं दे रही थीं. अपनी शानदार कार्यशैली और प्रशासनिक सूझबूझ के लिए पहचानी जाने वाली इशिता से इस नए पद पर जनता को काफी उम्मीदें हैं.

खत्म हुईं दूरियां, पति रवि सिहाग के पास ही हुई तैनाती

शादी के बाद इस चर्चित आईएएस जोड़े के बीच करीब 3,271 किलोमीटर की लंबी दूरी थी. तब रवि सिहाग मध्य प्रदेश कैडर में तैनात थे. लेकिन नियति और प्रशासनिक नियमों ने उनका साथ दिया. मैरिज ग्राउंड पर कैडर चेंज होने के बाद रवि सिहाग को AGMUT कैडर मिल गया और वह जम्मू-कश्मीर के राजौरी में एडीसी के पद पर तैनात हैं. अब जम्मू से राजौरी की महज 140 किलोमीटर की दूरी (3.5 घंटे का सफर) रह गई है. इससे दोनों के बीच की दूरियां खत्म हो गई हैं.

दिल्ली पुलिस परिवार से ताल्लुक रखती हैं इशिता राठी
इशिता राठी की सफलता के पीछे उनके परिवार का सख्त अनुशासन और मेहनत है. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली इशिता का परिवार खाकी और देश सेवा को समर्पित रहा है. उनकी मां मीनाक्षी राठी दिल्ली पुलिस में एएसआई हैं और पिता आईएस राठी हेड कॉन्स्टेबल के रूप में सेवा दे रहे हैं. इसके अलावा उनके चाचा भी सीबीआई में तैनात हैं. यही वजह है कि बचपन से ही उनके घर में प्रशासनिक सेवाओं का मजबूत माहौल रहा है.

बिना किसी कोचिंग के क्रैक किया था यूपीएससी एग्जाम
इशिता राठी की सफलता का सबसे बड़ा पहलू यह है कि उन्होंने यूपीएससी जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा बिना किसी कोचिंग की मदद के पास की थी. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के डीएवी पब्लिक स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की डिग्री ली. मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स करने के बाद उन्होंने खुद सिलेबस का बारीकी से अध्ययन किया. यूपीएससी के तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल कर उन्होंने इतिहास रच दिया.

हिंदी मीडियम के पावरहाउस बने आईएएस रवि सिहाग
इशिता के हमसफर आईएएस रवि सिहाग की कहानी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले रवि ने साबित कर दिया कि भाषा कभी भी सफलता के आड़े नहीं आती. किसान परिवार में जन्मे और खेतों में पिता का हाथ बंटाने वाले रवि ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई करते हुए यूपीएससी 2021 पास की थी. यूपीएससी सीएसई में ऑल इंडिया 18वीं रैंक के साथ वह हिंदी मीडियम के टॉपर बने थे. चार प्रयासों के संघर्ष के बाद उन्होंने अपनी मंजिल हासिल की.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj