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Udaipur Classical Dance Festival | उदयपुर शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव न्यूज़

Last Updated:April 27, 2026, 09:43 IST

Udaipur Classical Dance and Music Festival: उदयपुर के अटल सभागार में दो दिवसीय ‘छठे शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया. कथक आश्रम और आइडा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 22 राज्यों से आए 400 कलाकारों ने अपनी कला का जादू बिखेरा. शास्त्रीय नृत्य के नौ रसों पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस दौरान प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘तांबावती नगरी सम्मान’ प्रदान किया गया. महोत्सव का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत से जोड़ना है.

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Udaipur Classical Dance and Music Festival: राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी और झीलों की नगरी उदयपुर में इन दिनों शास्त्रीय कला की अद्भुत छटा देखने को मिल रही है. यहाँ दो दिवसीय ‘छठे शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव’ का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ. सेक्टर-4 स्थित अटल सभागार में आयोजित इस महोत्सव ने भारतीय शास्त्रीय कला की गौरवशाली परंपरा को एक नए और जीवंत रूप में प्रस्तुत किया. इस भव्य आयोजन का श्रेय कथक आश्रम उदयपुर और ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन (आइडा) को जाता है, जिनके संयुक्त तत्वावधान में देश के 22 अलग-अलग राज्यों से आए 400 से अधिक कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया.

महोत्सव के पहले दिन मंच पर शास्त्रीय नृत्य और संगीत की विविध विधाओं ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति की गहराई से रूबरू कराया. इस आयोजन का मुख्य आकर्षण शास्त्रीय नृत्य की वे प्रस्तुतियां रहीं, जिनमें कलाकारों ने भाव, लय और ताल के सटीक समन्वय से अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. कार्यक्रम के दौरान शास्त्रीय नृत्य के नौ रसों श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, बीभत्स, अद्भुत और शांत—का सुंदर समागम देखने को मिला. हर प्रस्तुति में भावनाओं की गहराई और कलाकारों की सजीव अभिव्यक्ति ने सभागार में उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया.

सम्मान और प्रोत्साहन का मंचमहोत्सव के दौरान केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में बाल और युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपनी छिपी हुई प्रतिभा को दुनिया के सामने रखा. कलाकारों के उत्साहवर्धन के लिए इस वर्ष ‘तांबावती नगरी सम्मान’ की विशेष शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया. पहले दिन की शाम पूरी तरह से कथक और भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुतियों के नाम रही, जहाँ कलाकारों की सधी हुई भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा.

विरासत को सहेजने का संकल्पइस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की प्राचीन परंपरा को आने वाली पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बनाना और युवा कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है. देश के कोने-कोने से आए कलाकारों ने इस आयोजन को एक मिनी इंडिया या सांस्कृतिक संगम के रूप में बदल दिया. उदयपुर में आयोजित यह महोत्सव न केवल कला का प्रदर्शन है, बल्कि यह नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत से जोड़ने की एक सशक्त कड़ी बनकर उभरा है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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Location :

Udaipur,Udaipur,Rajasthan

First Published :

April 27, 2026, 09:43 IST

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