रोज 5 KM पैदल, हाथों में फावड़ा; 106 साल की उम्र में क्या है करौली के मोतीलाल के फिटनेस का राज

Last Updated:August 07, 2026, 21:51 IST
Karauli News : करौली के 106 वर्षीय मोतीलाल सैनी आज भी सक्रिय जीवन जी रहे हैं. देसी खानपान, मेहनत और नशे से दूरी को वे लंबी उम्र का राज मानते हैं. लोकल 18 से बातचीत में उन्होंने बताया कि करीब 15 साल की उम्र से ही मजदूरी शुरू कर दी थी. उस समय कुएं खोदना, जंगलों से लकड़ी लाना और राजाओं के दरबार में ऊंटों की देखभाल जैसे कठिन काम करते थे.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां कम उम्र में ही लोग कई बीमारियों से घिर रहे हैं, वहीं करौली जिले के 106 वर्षीय मोतीलाल सैनी आज भी सक्रिय जीवन जी रहे हैं. उनकी चुस्ती-फुर्ती देखकर युवा भी हैरान रह जाते हैं. लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन के लिए जिला प्रशासन की ओर से उन्हें अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सम्मानित भी किया जा चुका है.
मोतीलाल सैनी ने बचपन से ही सादगीपूर्ण जीवनशैली, नियमित मेहनत और देसी खानपान को अपनाया. लोकल 18 से बातचीत में उन्होंने बताया कि करीब 15 साल की उम्र से ही मजदूरी शुरू कर दी थी. उस समय कुएं खोदना, जंगलों से लकड़ी लाना और राजाओं के दरबार में ऊंटों की देखभाल जैसे कठिन काम करते थे. उनका मानना है कि लगातार शारीरिक श्रम ने आज भी उनके शरीर को मजबूत बनाए रखा है.
उनके माता-पिता ने बचपन और युवावस्था में उन्हें भरपूर मात्रा में दूध, घी और पौष्टिक भोजन दिया. वह बताते हैं कि जवानी में उन्होंने पानी की तरह घी और दूध का सेवन किया. इसके अलावा चना उनके भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा. उनके अनुसार, वह सालभर में 100 किलो से भी अधिक चना खा लेते थे. उनका मानना है कि देसी और पौष्टिक खानपान उनकी मजबूत सेहत का आधार रहा है.
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106 वर्ष की उम्र में भी मोतीलाल सैनी अपना अधिकांश काम खुद करने की कोशिश करते हैं. उनके बड़े बेटे रमेश सैनी के अनुसार, उनके पिता आज भी रोजाना 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलते हैं. खेतों में जाकर काम करना और फावड़ा चलाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है. परिवार के मुताबिक उन्हें आज तक कोई गंभीर बीमारी नहीं हुई है.
मोतीलाल सैनी बताते हैं कि उन्होंने जीवनभर चाय, तंबाकू, बीड़ी और अन्य नशीली चीजों से दूरी बनाए रखी. लंबी उम्र का राज पूछने पर वह लोगों को धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहने की सलाह देते हैं. उनका कहना है कि सुबह-रात पानी में भिगोए हुए चने खाना, नियमित व्यायाम करना और सात्विक भोजन को दिनचर्या में शामिल करना स्वस्थ जीवन के लिए फायदेमंद है.
मोतीलाल सैनी का मानना है कि स्वस्थ जीवन का कोई शॉर्टकट नहीं है. अनुशासित दिनचर्या, प्राकृतिक खानपान, मेहनत और नशे से दूरी ही अच्छी सेहत और लंबी उम्र की असली कुंजी है. उनकी जिंदगी आज की पीढ़ी के लिए सादगी और सक्रिय जीवनशैली की एक मिसाल बनी हुई है.
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August 07, 2026, 21:51 IST



