Rajasthan

15 साल से नहीं मिला मेहनत का पैसा; टैंकरों से बुझाई थी शहर की प्यास, अब भुगतान के लिए कोर्ट के सहारे ठेकेदार

Last Updated:August 07, 2026, 22:23 IST

Rajasmand news : राजसमंद में ठेकेदार बद्रीलाल भोई को 15 साल से पानी सप्लाई के काम का भुगतान नहीं मिला. कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई पहुंची, तो नगर परिषद ने 5 दिन का समय मांगा. यह मामला ठेकेदार बद्रीलाल भोई से जुड़ा है. नगर परिषद आयुक्त विजेश मंत्री ने अदालत के आदेश के बीच लिखित प्रार्थना पत्र देकर भुगतान के लिए पांच दिन का समय मांगा.

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Amazon Prime DayTop Deals Inside15 साल से नहीं मिला मेहनत का पैसा; भुगतान के लिए कोर्ट के सहारे ठेकेदारZoom2011 में पानी सप्लाई का काम किया था. करीब 12 लाख रुपये के काम में सिर्फ 3 लाख का भुगतान मिला. बाकी रकम के लिए 15 साल से नगर परिषद के चक्कर.राजसमंद. सरकारी दफ्तरों में फाइलें कितनी लंबी चलती हैं, इसका एक मामला राजसमंद से सामने आया है. यहां एक ठेकेदार पिछले करीब 15 साल से अपने ही मेहनत के पैसे के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. हालात ऐसे हो गए कि मामला अदालत तक पहुंच गया. अब कोर्ट के आदेश पर नगर परिषद में कुर्की की कार्रवाई की नौबत आ गई. हालांकि आखिरी समय में नगर परिषद आयुक्त ने भुगतान के लिए पांच दिन का समय मांग लिया, जिसके बाद फिलहाल कार्रवाई पर रोक लग गई.

यह मामला ठेकेदार बद्रीलाल भोई से जुड़ा है. बद्रीलाल का कहना है कि वर्ष 2011 में राजसमंद में पानी की कमी के दौरान उन्होंने टैंकरों के जरिए शहर के लोगों तक पानी पहुंचाया था. उस समय नगर परिषद की ओर से उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी. उन्होंने तय काम पूरा किया और लोगों तक पानी की सप्लाई भी की.

करीब 12 लाख का काम, लेकिन पूरा भुगतान नहींपीड़ित ठेकेदार के अनुसार उस समय किए गए काम की कुल राशि करीब 12 लाख रुपये थी. इसमें से करीब 3 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया. बाकी बकाया राशि आज तक नहीं मिली. बद्रीलाल का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद के अधिकारियों से संपर्क किया, आवेदन दिए और भुगतान की मांग की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला. इन वर्षों में नगर परिषद में कई आयुक्त आए और उनका कार्यकाल खत्म भी हो गया, लेकिन भुगतान की फाइल आगे नहीं बढ़ सकी. इसी वजह से आखिरकार उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया.

कोर्ट के आदेश पर पहुंची कुर्की की कार्रवाईमामला न्यायालय पहुंचने के बाद कोर्ट ने आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए. इसी क्रम में कोर्ट के कार्मिक कुर्की का आदेश लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे. इससे नगर परिषद में हलचल मच गई. कोर्ट कार्मिक राधेश्याम ने बताया कि न्यायालय के आदेश की पालना के लिए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी. इस दौरान नगर परिषद प्रशासन की ओर से समय मांगा गया.

आयुक्त ने मांगे पांच दिननगर परिषद आयुक्त विजेश मंत्री ने अदालत के आदेश के बीच लिखित प्रार्थना पत्र देकर भुगतान के लिए पांच दिन का समय मांगा. इसके बाद फिलहाल कुर्की की कार्रवाई पर पांच दिन का विराम लगा दिया गया है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि तय समय के भीतर ठेकेदार का भुगतान होता है या फिर मामला दोबारा कानूनी कार्रवाई तक पहुंचता है.

15 साल से एक ही सवालइस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि किसी व्यक्ति ने सरकारी काम पूरा किया है, तो उसे अपने मेहनत के पैसे के लिए डेढ़ दशक तक इंतजार क्यों करना पड़े. बद्रीलाल भोई का कहना है कि उन्होंने अपना काम पूरी जिम्मेदारी से किया था, लेकिन भुगतान के लिए लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े. अब अदालत की दखल के बाद इस मामले में नई हलचल जरूर दिखी है. हालांकि भुगतान अभी होना बाकी है. पांच दिन बाद नगर परिषद की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर इस पूरे मामले की अगली दिशा तय होगी.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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August 07, 2026, 22:23 IST

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