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गर्मी में पानी बना पशुओं का असली सहारा! सही देखभाल से बढ़ेगा दूध, बीमारियां रहेंगी दूर, जानें सारी डिटेल्स

Last Updated:May 09, 2026, 12:49 IST

Dhaulpur News : गर्मी बढ़ते ही पशुओं की देखभाल पशुपालकों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है. तेज तापमान का असर पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन दोनों पर पड़ता है. विशेषज्ञों के अनुसार केवल चारा ही नहीं, बल्कि पर्याप्त और साफ पानी भी पशुओं के लिए बेहद जरूरी है. सही समय पर पानी पिलाने, छांव में रखने और संतुलित आहार देने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और पेट संबंधी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है.

गर्मी का मौसम शुरू होते ही पशुओं की देखभाल करना पशुपालकों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. तेज गर्मी का असर सिर्फ पशुओं के स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि उनके दूध उत्पादन पर भी पड़ता है. कई बार लोग यह मान लेते हैं कि दूध कम होने की वजह केवल भोजन है, लेकिन पानी की कमी भी इसका बड़ा कारण होती है.

गर्मी के दिनों में पशुओं को पर्याप्त मात्रा में साफ और ताजा पानी देना बेहद जरूरी है. यदि पशु समय पर पानी नहीं पीते या तेज धूप में ज्यादा पानी पी लेते हैं, तो उन्हें पेट संबंधी बीमारियां, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, रूमेन इंफेक्शन और मूत्र संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.

गर्मी हो या सर्दी, एक पशु को प्रतिदिन कम से कम 30 लीटर पानी जरूर मिलना चाहिए. अगर पशु अधिक पानी पीते हैं तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है. गर्मी में पशुओं को बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी देना चाहिए, ताकि उनका शरीर हाइड्रेट रहे और हीट स्ट्रेस से बचाव हो सके.

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चराई से लौटने के तुरंत बाद पशुओं को ज्यादा पानी नहीं पिलाना चाहिए. पहले उन्हें 10 से 15 मिनट आराम करने दें और फिर धीरे-धीरे पानी दें. अचानक अधिक पानी पिलाने से पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

पशुपालकों को ध्यान रखना चाहिए कि पशुओं को कभी भी धूप में रखा हुआ गर्म पानी न पिलाएं. पानी हमेशा छांव में रखा होना चाहिए और हल्का ठंडा व साफ होना चाहिए. बहुत ज्यादा ठंडा पानी भी नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि इससे पशुओं का पाचन खराब हो सकता है.

गर्मी के मौसम में पानी पशुओं के लिए जीवन रेखा की तरह है. यदि पशुओं को समय पर पर्याप्त पानी, संतुलित आहार और हरा चारा मिलता रहे, तो उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है और दूध उत्पादन पर भी असर नहीं पड़ता. इसलिए इस मौसम में पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

यदि पशु पानी कम पी रहे हों, तो पानी में थोड़ा गुड़ या नमक मिलाकर दिया जा सकता है. इससे पशु पानी पीने के लिए आकर्षित होते हैं. इसके अलावा हरा चारा, साइलेंज और भीगा हुआ चारा खिलाना भी फायदेमंद होता है. दाने में पानी मिलाकर खिलाने से भी शरीर में पानी की कमी नहीं होती.

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