राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, धौलपुर-करौली में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 19 जिलों में आंधी-बिजली

जयपुर. राजस्थान में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर करवट लेने वाली हैं. पिछले कुछ दिनों से बारिश में आई कमी के बीच मौसम विभाग ने 20 अगस्त से पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है. जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 20 अगस्त को बारिश होने की संभावना है. वहीं धौलपुर और करौली में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.
इन जिलों के अलावा कई क्षेत्रों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. पश्चिमी राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर रहने की संभावना है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले 4 से 5 दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है. हालांकि बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं.
राजस्थान में 20 अगस्त से पूर्वी हिस्सों में मानसून की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है
डिप्रेशन कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया बना
आईएमडी के अनुसार उत्तर झारखंड और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बिहार व दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए कमजोर हो गया है. 19 अगस्त को सुबह 11:30 बजे यह सिस्टम वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल गया. इसके अगले 24 घंटे में दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है. इस सिस्टम के प्रभाव से जुड़ी ट्रफ मध्य प्रदेश होते हुए दक्षिण गुजरात तक बनी हुई है.
वहीं उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. मानसून ट्रफ भी फिरोजपुर, करनाल, हरदोई से होते हुए लो प्रेशर एरिया के केंद्र और दीघा तक सक्रिय है. इन मौसमी सिस्टम के कारण पूर्वी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती है.
अलवर और बारां सहित इन जिलों में आंधी और बिजली का अलर्ट
20 अगस्त को अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी इसी तरह का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
आईएमडी ने धौलपुर और करौली में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है
21 से 24 अगस्त तक राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार 20 से 23 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान के भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 21 और 22 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं. 23 और 24 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में भी बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में 21 से 24 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं बारिश संभव है, लेकिन व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं.
23 और 24 अगस्त को बढ़ सकती है बारिश की गतिविधियां
• राजस्थान में 20 अगस्त से पूर्वी हिस्सों में मानसून की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
• आईएमडी ने धौलपुर और करौली में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है.
• जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में 20 अगस्त को कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं.
• अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, जयपुर और कई अन्य जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी है.
• राजस्थान के कई जिलों में बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
• पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों में अगले चार से पांच दिन मानसून कमजोर रहने और मौसम शुष्क रहने की संभावना है.
21 और 22 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है
• बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी क्षेत्र में 20 से 22 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
• 21 और 22 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है.
• 23 और 24 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
• बुधवार को राजस्थान में सबसे अधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और आर्द्रता 45 से 85 प्रतिशत रही.
श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा तापमान
राज्य में बुधवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राज्य में औसत आर्द्रता 45 से 85 प्रतिशत के बीच रही. बारिश की गतिविधियां कमजोर होने से कई इलाकों में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है. अगले कुछ दिनों में पूर्वी राजस्थान में बारिश होने से तापमान और उमस में स्थानीय स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है.
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों में अगले चार से पांच दिन मानसून कमजोर रहने की संभावना
20 अगस्त को राजस्थान में कहां बारिश की संभावना है?
20 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. धौलपुर और करौली में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर और जोधपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, लेकिन अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. शेखावाटी में भी बारिश संभव है.
राजस्थान के किन जिलों में तेज हवा और बिजली का अलर्ट है?
20 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी ऐसा ही मौसम रहने की चेतावनी है. इन क्षेत्रों में लोगों को मौसम खराब होने पर सावधानी बरतने की सलाह है.
पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
पश्चिमी राजस्थान में अगले चार से पांच दिन मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है. आईएमडी के अनुसार जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है. हालांकि बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ भागों में 20 से 22 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 21 से 24 अगस्त के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश संभव है, लेकिन व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं.
राजस्थान में बारिश बढ़ने की वजह क्या है?
राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी के पीछे कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं. उत्तर झारखंड और आसपास बना डिप्रेशन कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल गया है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. मानसून ट्रफ भी सक्रिय है. इन सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान में स्थानीय स्तर पर बादल, बारिश, गरज और तेज हवाएं चल सकती हैं.
राजस्थान में 21 से 24 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?
21 से 24 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. 21 और 22 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. 23 और 24 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में भी कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में इस अवधि में कहीं-कहीं बारिश संभव है, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम है.



