मोहम्मद रफी का गजलनुमा गाना, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने वेस्टर्न स्टाइल में किया कंपोज, सुभाष घई भी हुए हैरान

Last Updated:August 25, 2026, 17:02 IST
Mohammed Rafi Evergreen Romantic Song: हम मोहम्मद रफी के जिस गजलनुमा गाने की बात कर रहे हैं, उसे लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने वेस्टर्न स्टाइल में कंपोज किया था. सुभाष घई भी तब संगीतकार जोड़ी के टैलेंट से हैरान थे, क्योंकि लोग समझते थे कि वे सिर्फ देसी अंदाज वाले गाने ही बना सकते हैं. फिल्म ‘कर्ज’ के इस सुपरहिट गाने को ऋषि कपूर पर फिल्माया गया था.
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ऋषि कपूर पर फिल्माए गाने को आनंद बक्शी ने लिखा था.
नई दिल्ली: ऋषि कपूर की फिल्म ‘कर्ज’ के जितने भी गाने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने बनाए, वे सभी सुपरहिट रहे थे. मगर मोहम्मद रफी के गाए एक गजलनुमा गाने ने सबको हैरान कर दिया था, जिसे हिट जोड़ी ने वेस्टर्न स्टाइल में कंपोज किया था. उस गाने की रिकॉर्डिंग से पहले डायरेक्टर सुभाष घई ने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल संपर्क किया, जिन्हें उन पर पूरा भरोसा था. दरअसल, यह पहली फिल्म नहीं थी, जिसके गानों के खातिर सुभाष घई ने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल से हाथ मिलाया था. उन्होंने सबसे पहले ‘गौतम गोविंदा’ के लिए संगीत रचा था, जिसके गाने ‘इक ऋतु आए इक ऋतु जाए’ के सुभाष घई मुरीद हो गए थे. उन्होंने तब निर्णय किया था कि वे जो भी फिल्में बनाएंगे, उनमें संगीत देने की जिम्मेदारी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की होगी.
मगर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के लिए सुभाष घई की अगली फिल्म ‘कर्ज’ के लिए संगीत देना एक बड़ा चैलेंज था. दरअसल, फिल्म की कहानी एक पॉप स्टार की थी और वे देसी संगीत देने के लिए पॉपुलर थे. हालांकि, जब सुभाष घई ने यह फिल्म प्लान की, तो योजना के मुताबिक उन्होने संगीत की जिम्मेदारी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को सौंप दी. मगर उस वक्त डायरेक्टर के जितने करीबी थे, वे उनके फैसले के खिलाफ थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सबको लगता था कि पॉप संगीत के लिए उन्हें आरडी बर्मन को लेना चाहिए जो अपने वेस्टर्न अंदाज वाले गानों के लिए पॉपुलर थे. वे लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को देसी संगीत के लिए अनुकूल मान रहे थे.
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का देसी अंदाजसुभाष घई को लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल पर भरोसा था, मगर करीबियों की बातों से वे दुविधा से घिर गए. उन्होंने अपनी परेशानी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को बताई और समझाया कि उन्हें किस तरह का संगीत चाहिए. फिर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने उनसे फिल्म की कहानी सुनाने को कहा. उन्होंने फिर कहानी को पकड़ा और डायरेक्टर के मनमुताबिक संगीत बनाकर दिया. सुभाष घई ने एक इंटरव्यू में बताया था कि गजलनुमे गाने ‘दर्द-ए-दिल दर्द-ए-जिगर’ को लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने सबसे पहले वेस्टर्नाइज किया, तो किसी को यकीन नहीं हुआ. हर कोई उनके काम से हैरान था.
टैलेंट देखकर हैरान थे सुभाष घईमोहम्मद रफी जब इस गाने को रिकॉर्ड करने पहुंचे, तो उन्हें लगा कि इसे सॉफ्ट अंदाज में रिकॉर्ड किया जाएगा, मगर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का तामझाम देखकर उन्हें कुछ और ही समझ आ रहा था. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के दिमाग और ऑर्केस्ट्रा को मिलाकर गाने ‘दर्द-ए-दिल दर्द-ए-जिगर’ को ऐसा रचा जो मोहम्मद रफी के करियर के बेहतरीन गानों में शुमार हो गया. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने फिल्म ‘कर्ज’ के जितने भी गाने बनाए, वो सब सुपरहिट रहे. उन्होंने साबित कर दिया कि वे हर तरह का काम कर सकते हैं. सुभाष घई भी हैरान थे. गाने को आनंद बक्शी ने लिखा था.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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First Published :
August 25, 2026, 17:02 IST



