शर्मनाक हार के बाद क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका? आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में साख बचाने उतरेगा भारत

नई दिल्ली. आयरलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में मिली हार के बाद भारतीय टीम रविवार को दूसरे और अंतिम मुकाबले में साख बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली और स्टार खिलाड़ियों से सजी इस भारतीय टीम पर न सिर्फ सीरीज में बराबरी करने का, बल्कि अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब देने का भी भारी दबाव होगा.पहले मैच में मिली करारी हार ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि यह किसी भी प्रारूप में आयरलैंड की भारत पर इतिहास की पहली जीत थी.
टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम करने के बाद भारतीय टीम का यह पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा है. विश्व चैंपियन के तमगे के साथ मैदान पर उतरी इस युवा टीम को उम्मीद नहीं थी कि मेजबान आयरलैंड उन्हें इस तरह घुटने टेकने पर मजबूर कर देगा. पहले टी20 मैच में आयरलैंड ने शानदार खेल दिखाते हुए भारत को जीत के लिए 182 रनों का मजबूत लक्ष्य दिया था. जवाब में भारतीय बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और पूरी टीम महज़ 148 रनों पर सिमट गई. इस 33 रनों की ऐतिहासिक जीत ने आयरिश टीम के हौसलों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है और अब वे भारत के खिलाफ अपनी पहली सीरीज जीतने के सुनहरे मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहेंगे.
कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी और फॉर्म की अग्निपरीक्षाभारतीय टीम के नवनियुक्त कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है. पूरे 963 दिनों के लंबे अंतराल के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे अय्यर के लिए राष्ट्रीय टीम के कप्तान के तौर पर शुरुआत बेहद निराशाजनक रही. वह न तो अपनी कप्तानी से प्रभावित कर सके और न ही बल्ले से कोई खास योगदान दे पाए. बुधवार से चेस्टर-ले-स्ट्रीट में इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की बेहद अहम सीरीज से ठीक पहले, अय्यर हर हाल में आयरलैंड दौरे का समापन एक शानदार जीत के साथ करना चाहेंगे, ताकि टीम का मनोबल ऊंचा रह सके.
बल्लेबाजी का बिखरना सबसे बड़ी चिंताइस मुकाबले में भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी उसका शीर्ष बल्लेबाजी क्रम साबित हुआ. तीन महीने पहले टी20 विश्व कप में भारतीय खिताबी सफर के नायक रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने बेहद निराश किया और वह सिर्फ चार गेंदें खेलकर पवेलियन लौट गए. उनके जोड़ीदार ईशान किशन और खुद कप्तान श्रेयस अय्यर भी पिच पर टिकने का जज्बा नहीं दिखा सके. केवल ओपनर अभिषेक शर्मा ने ही अपनी आक्रामक शैली को जारी रखते हुए टीम को एक तेज शुरुआत दी, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का सहयोग नहीं मिला. पावरप्ले समाप्त होने के तुरंत बाद अभिषेक का आउट होना भारतीय पारी के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ.
इसके बाद जरूरी रन-रेट का दबाव लगातार बढ़ता गया, जिसे झेलने में मध्यक्रम के बल्लेबाज तिलक वर्मा, वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे पूरी तरह नाकाम रहे. आयरलैंड की ओर से अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे जय मूंदड़ा और मैट हॉलार्ड ने अपनी धारदार गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को बांध कर रखा. मूंदड़ा ने अपनी करियर की पहली ही गेंद पर संजू सैमसन का बड़ा विकेट चटकाया, जबकि हॉलार्ड ने ईशान किशन, श्रेयस अय्यर और बाद में वॉशिंगटन सुंदर को आउट कर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी. रविवार के मैच का परिणाम काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय बल्लेबाज इस युवा और आत्मविश्वास से ओतप्रोत आयरिश तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना किस रणनीति के साथ करते हैं.
गेंदबाजी में सुधार की जरूरत, राणा रहे सकारात्मक पहलूपहले मुकाबले में भारतीय गेंदबाजी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा था. चोट के बाद टीम में वापसी कर रहे तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाते हुए 24 रन देकर तीन विकेट चटकाए, जो भारत के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू रहा. डेथ ओवरों में अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने भी कसी हुई गेंदबाजी की. हालांकि, टीम को सबसे ज्यादा नुकसान प्रसिद्ध कृष्णा और वॉशिंगटन सुंदर के ओवरों में उठाना पड़ा. सुंदर ने अपने एक ओवर में 19 रन लुटाए, जबकि तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा बेहद महंगे साबित हुए और उन्होंने अपने 4 ओवर के कोटे में 57 रन दे डाले. कृष्णा ने पारी के 17वें ओवर में अकेले 27 रन खर्च किए, जिसने मैच का रुख पूरी तरह आयरलैंड की तरफ मोड़ दिया था। दूसरे मैच में गेंदबाजी विभाग को इन गलतियों से सबक लेना होगा.
टीम संयोजन में बदलाव की संभावना कमभले ही टीम को पहले मैच में करारी हार झेलनी पड़ी हो, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि प्रबंधन केवल एक हार के बाद शीर्ष क्रम में बड़ा बदलाव करने से बचेगा. इसका मतलब यह है कि घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रीय कैप पहनने और अपने मौके के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है. भारतीय टीम प्रबंधन उसी संयोजन के साथ उतरकर खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का एक और मौका देना चाहेगा. यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम छह बजे से खेला जाएगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि विश्व चैंपियन टीम अपनी गलतियों से सीखकर किस प्रकार वापसी करती है.
दोनों टीमें इस प्रकार हैंभारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, सुर्यांश शेडगे, प्रसिद्ध कृष्णा, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी.
आयरलैंड: लोर्कान टकर (कप्तान और विकेटकीपर), रॉस एडेयर, बेन कैलिट्ज़, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, स्टीफन डोहनी, मैथ्यू हंपहरेज, गेविन होई, मैथ्यू हॉलार्ड, लियाम मैकार्थी, जय मूंदड़ा, हैरी टेक्तर, टिम टेक्तर, रूबेन विल्सन.



