दांतों को नींबू-नमक से रगड़ना पड़ सकता है भारी, पीली परत दिखे तो भूलकर भी ना करें ये गलती, जानिए डॉक्टर से राय

Last Updated:August 17, 2026, 18:15 IST
Ghaziabad News: दांतों पर पीली परत देखकर नींबू, नमक या बेकिंग सोडा से रगड़ना नुकसान पहुंचा सकता है. डेंटिस्ट डॉ. शालिनी गौतम के अनुसार, नींबू का एसिड इनेमल को नुकसान पहुंचाता है और बेकिंग सोडा से दांत घिस सकते हैं, जिससे सेंसिटिविटी बढ़ सकती है.
गाजियाबाद: दांतों पर पीली परत देखकर अक्सर लोग परेशान हो जाते हैं और उसे हटाने के लिए घर में मौजूद नींबू, नमक या बेकिंग सोडा से दांत रगड़ना शुरू कर देते हैं. लोगों को लगता है कि इससे दांत चमकदार और सफेद हो जाएंगे, लेकिन यही जल्दबाजी दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है. डेंटिस्ट के मुताबिक, इन चीजों का बार-बार इस्तेमाल दांतों की ऊपरी और मजबूत परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है.
इससे दांतों में सेंसिटिविटी बढ़ सकती है और धीरे-धीरे दांत कमजोर भी हो सकते हैं. ऐसे में पीली परत देखकर उसे खुद रगड़ने के बजाय यह समझना जरूरी है कि आखिर दांत पीले क्यों हो रहे हैं और उनकी सही सफाई कैसे की जाए.
दांतों में बढ़ सकती है सेंसिटिविटी की समस्यागाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित दातून डेंटल की डॉक्टर शालिनी गौतम ने बताया कि दांतों को सफेद करने के लिए कई लोग घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं. खासकर बेकिंग सोडा और नींबू से दांत रगड़ने की आदत आम है. लोगों को लगता है कि इससे दांतों की पीली परत निकल जाएगी और दांत सफेद हो जाएंगे. लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. नींबू में मौजूद एसिड दांतों की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि बेकिंग सोडा से ज्यादा रगड़ने पर दांत घिस सकते हैं. इससे दांतों में सेंसिटिविटी की समस्या बढ़ सकती है.
दांतो को रगड़ने से बचेंडॉक्टर के मुताबिक, कई बार लोगों को लगता है कि घरेलू नुस्खे से दांत साफ हो रहे हैं, जबकि वास्तव में दांतों की सुरक्षा करने वाली परत धीरे-धीरे कमजोर हो रही होती है. अगर दांतों पर पीली परत लगातार जमी हुई है तो उसे घर पर किसी चीज से रगड़कर हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसी स्थिति में डेंटिस्ट से जांच और जरूरत पड़ने पर प्रोफेशनल क्लीनिंग कराना बेहतर होता है. अगर दांत ज्यादा पीले हैं तो डॉक्टर की सलाह से व्हाइटनिंग भी कराई जा सकती है.
दांतों को स्वस्थ और साफ रखने के लिए दिन में दो बार करीब दो मिनट तक ब्रश करना चाहिए. फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है और बिना डॉक्टर की सलाह के अलग-अलग तरह के टूथपेस्ट या दांत सफेद करने वाले उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. दांतों के बीच की सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है.
हर 6 महीने में डेंस्टिस्ट को जरूर दिखाएंडॉक्टर शालिनी गौतम ने बताया कि अगर दांतों में सेंसिटिविटी, मसूड़ों से खून आना या लगातार पीली परत जैसी समस्या हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर डेंटिस्ट को दिखाना जरूरी है. हर छह महीने में दांतों का चेकअप कराने से दांतों और मसूड़ों की समस्या को समय रहते पहचाना जा सकता है. पीली परत को सिर्फ खूबसूरती की समस्या समझकर घर पर रगड़ना नहीं, बल्कि उसकी वजह जानना ज्यादा जरूरी है.
About the Authorआर्यन सेठ
आर्यन सेठ, Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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Ghaziabad,Uttar Pradesh
First Published :
August 17, 2026, 18:15 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



