Sports

टेस्ट में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले 5 गेंदबाज, 3 के नाम 18000 से ज्यादा रन, एक भारतीय भी शामिल

नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट धैर्य, एकाग्रता और निरंतरता की ऐसी परीक्षा है, जहां एक गेंदबाज को एक-एक विकेट हासिल करने के लिए सैकड़ों गेंदें फेंकनी पड़ती हैं. दुनिया जब किसी महान गेंदबाज के विकेटों का आंकड़ा देखती है, तो उसके पीछे के उस विशाल संघर्ष और अनगिनत स्पैल को अक्सर नजरअंदाज कर देती है. रेड बॉल फॉर्मेट में सबसे ज्यादा सफलता हासिल करने वाले दिग्गज वही हैं, जिन्होंने मैदान पर सबसे लंबा समय बिताया और सबसे ज्यादा ओवर डाले. इस लंबी यात्रा का एक दूसरा पहलू यह भी है कि अत्यधिक गेंदबाजी करने के कारण इन्हीं गेंदबाजों के खाते में सबसे ज्यादा रन लुटाने का रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ है. यह किसी नाकामी का प्रतीक नहीं, बल्कि खेल के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और लंबी पारी की दास्तान है.

इंग्लैंड के स्विंग मास्टर जेम्स एंडरसन (James Anderson) ने 2003 से 2024 के बीच 188 टेस्ट मुकाबलों में हिस्सा लेकर तेज गेंदबाजी के सारे पैमाने बदल दिए. अपने लंबे करियर की 350 पारियों में उन्होंने 40,037 गेंदें फेंकी और 704 विकेट चटकाए. हालांकि, लंबे करियर में उन्होंने 18,627 रन भी दिए, जो टेस्ट इतिहास में किसी भी गेंदबाज द्वारा खर्चे गए सबसे ज्यादा रन हैं. एंडरसन ने 26.45 के औसत और 2.79 की इकोनॉमी से गेंदबाजी की, जिसमें 32 बार पांच विकेट और 3 बार मैच में दस विकेट लेने का कारनामा शामिल है. उनके ये आंकड़े बताते हैं कि इंग्लिश परिस्थितियों से लेकर एशियाई पिचों तक उन्होंने कितना लंबा स्पैल खींचा है.

टेस्ट में सबसे ज्यादा रन खर्च करने वाले 5 गेंदबाजों की लिस्ट.

भारत के ‘जंबो’ अनिल कुंबले का अथक संघर्षभारतीय स्पिन आक्रमण के सबसे मजबूत स्तंभ अनिल कुंबले (Anil Kumble) इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं. 1990 से 2008 के बीच खेले गए 132 टेस्ट मैचों में कुंबले ने 236 पारियों में 40,850 गेंदें फेंकी. अपनी सटीक लाइन-लेंथ और निरंतरता के बल पर उन्होंने 619 विकेट झटके, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने 18,355 रन भी दिए. कुंबले का गेंदबाजी औसत 29.65 और इकोनॉमी 2.69 की रही. भारत को घरेलू और विदेशी सरजमीं पर जीत दिलाने के लिए उन्होंने कई-कई घंटे लगातार स्पैल फेंके, जिसमें दिल्ली के कोटला मैदान पर एक ही पारी में 10 विकेट (10/74) लेने का ऐतिहासीक कारनामा भी शामिल है.

मुथैया मुरलीधरन 800 विकेटों की मिसाल और रनों का भारी अंबारश्रीलंका के जादुई ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muthiah Muralithran) ने 1992 से 2010 के बीच टेस्ट क्रिकेट पर एकछत्र राज किया. 133 टेस्ट मैचों की 230 पारियों में मुरलीधरन ने दुनिया में सबसे ज्यादा 44,039 गेंदें फेंकी और 800 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज बने. इतने लंबे करियर और लगभग हर मैच में एक छोर थामे रहने के कारण उनके खिलाफ बल्लेबाजों ने 18,180 रन भी बनाए. मुरलीधरन का औसत 22.72 और इकोनॉमी 2.47 का रहा, जो बेहद प्रभावशाली है. उनके नाम 67 बार पांच विकेट और 22 बार मैच में दस विकेट लेने का अद्भुत रिकॉर्ड दर्ज है, जो उनकी क्षमता को साबित करता है.

लेग-स्पिन के जादूगर शेन वॉर्न का शानदार रिकॉर्डऑस्ट्रेलिया के दिवंगत लेग-स्पिनर शेन वॉर्न (Shane Warne) ने अपनी जादुई गेंदों से बल्लेबाजों को दशकों तक चकमा दिया. 1992 से 2007 तक 145 टेस्ट मैचों की 273 पारियों में वॉर्न ने 40,705 गेंदें फेंकी और 708 विकेट हासिल किए. बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के इस लंबे दौर में वॉर्न ने कुल 17,995 रन खर्च किए. उनका गेंदबाजी औसत 25.41 और इकोनॉमी 2.65 की रही. वॉर्न ने अपने करियर में 37 बार पांच विकेट और 10 बार दस विकेट चटकाए. ऑस्ट्रेलियाई टीम के आक्रमण की रीढ़ रहे वॉर्न का यह आंकड़ा दिखाता है कि महानता हासिल करने के लिए मैदान पर कितना पसीना बहाना पड़ता है.

मॉडर्न युग के सबसे भरोसेमंद स्पिनर नाथांन लायनइस लिस्ट में पांचवां नाम ऑस्ट्रेलिया के सक्रिय ऑफ स्पिनर नाथान लायन (Nathan Lyon) का है, जिन्होंने 2011 से 2026 के बीच 143 टेस्ट मैचों में अपनी उपयोगिता साबित की है. 265 पारियों में 35,117 गेंदें फेंकते हुए लायन ने 571 विकेट अपने नाम किए हैं. इस दौरान उन्होंने 17,249 रन दिए हैं. लायन का औसत 30.2 और इकोनॉमी रेट 2.94 का रहा है, जबकि उनके नाम 24 बार पांच विकेट और 5 बार मैच में दस विकेट दर्ज हैं. ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण के बीच एक छोर संभालकर लंबे ओवर डालना लायन की खासियत रही है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj