नाडोल सरकारी अस्पताल के हॉल की गिरी पीओपी छत; कहीं दीवारों में दरार तो कहीं उखड़ रहीं टाइल्स, ऐसे चल रहा इलाज

Last Updated:November 04, 2026, 07:44 IST
Nadol Government Hospital Roof Collapse Ground Report: पाली के रानी क्षेत्र के नाडोल सरकारी अस्पताल में रविवार देर रात मुख्य हॉल की पीओपी छत भरभराकर गिर गई. गनीमत रही कि रात का समय होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई. ड्यूटी डॉक्टर गोपाल कुमार की सूझबूझ से मुख्य गेट बंद कर एंबुलेंस पार्किंग के वैकल्पिक गेट से आवाजाही शुरू की गई. सरपंच टीकमचंद मेघवाल व अन्य जनप्रतिनिधियों ने मौके का जायजा लिया, जहाँ उद्घाटन के बाद से ही दीवारों की टाइल्स उखड़ने और अस्पताल की जर्जर हालत की पोल खुल गई है.
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Pali: जब अस्पताल खुद बीमार हो जाए और हादसों का खतरा बढ़ जाए, तो क्या आप उस अस्पताल में कदम रखेंगे? नहीं ना, यही सवाल आज पाली जिले में आने वाले नाडोल के सरकारी अस्पताल की हालत देखकर वहाँ के लोगों के मन में आ रहा है, जब अचानक से अस्पताल के हॉल की पीओपी की छत नीचे गिर गई. रानी क्षेत्र के नाडोल से सामने आई इस बड़ी खबर के अनुसार, यहाँ लापरवाही और अनदेखी के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया.
गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, वरना एक बड़ा जनसैलाब सदमे में आ सकता था. यह पूरा मामला रानी थाना क्षेत्र के नाडोल स्थित सरकारी अस्पताल का है, जहाँ रविवार देर रात अस्पताल के मुख्य हॉल की पीओपी छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा. राहत की बात यह रही कि घटना देर रात की थी और उस वक्त परिसर या हॉल में कोई मरीज या स्टाफ मौजूद नहीं था, जिससे अनहोनी टल गई. मगर बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि पाली जिले के ऐसे कितने अस्पताल हैं जो मरम्मत की दरकार हैं मगर इसी तरह संचालित किए जा रहे हैं.
रात के सन्नाटे में भरभराकर गिरी पीओपी छत का मंजरनाडोल स्थित सरकारी अस्पताल के मुख्य हॉल की पीओपी छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक तेज आवाज के साथ नीचे आ गिरा. जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त हॉल पूरी तरह से खाली था, न तो वहाँ कोई मरीज था और न ही कोई अस्पताल का स्टाफ मौजूद था. सुबह जब अस्पतालकर्मी पहुँचे तो हॉल का यह मंजर देखकर उनके होश उड़ गए. मलबे को देखकर आसानी से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यदि यह हादसा दिन के समय में हुआ होता, तो स्थिति कितनी भयावह और खतरनाक हो सकती थी.
डॉक्टर की सूझबूझ से टला खतरा और बंद हुआ मुख्य गेटघटना की जानकारी मिलते ही ड्यूटी पर तैनात डॉ. गोपाल कुमार ने तुरंत तत्परता दिखाई. स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने तुरंत अस्पताल का मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) बंद करवा दिया. किसी भी अनहोनी से बचने के लिए मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल के स्टाफ की आवाजाही को एंबुलेंस पार्किंग की तरफ बने वैकल्पिक गेट से शुरू करवाया गया. डॉ. गोपाल कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस दुर्घटना की सूचना तत्काल प्रभाव से उच्च अधिकारियों और संबंधित महकमे को दे दी गई है. इसके साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने तथा जल्द से जल्द छत की मरम्मत का कार्य शुरू करवाने की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सुरक्षा बनी रहे.
जनप्रतिनिधियों ने लिया मौके का जायजा और खुली बदहाली की पोलघटना की भनक लगते ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया. नाडोल के सरपंच टीकमचंद मेघवाल और पंचायत कोरम के कई सदस्य तुरंत मौके पर पहुँचे. उन्होंने अस्पताल के क्षतिग्रस्त हॉल का बारीकी से निरीक्षण किया और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि यदि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता और समय-समय पर रखरखाव होता, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती. नाडोल अस्पताल की बदहाली केवल छत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी इमारत की नींव से लेकर दीवारों तक की स्थिति दयनीय बनी हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल की बाहरी दीवारें और आंतरिक हिस्से कई सालों से खराब स्थिति में हैं. स्थिति यह है कि उद्घाटन के कुछ ही समय बाद से यहाँ दीवारों पर लगी टाइल्स उखड़कर गिरने लगी थीं. इसके अलावा, अस्पताल के निर्माण में सहयोग करने वाले भामाशाहों के नाम की पट्टिकाएं और अस्पताल के मुख्य साइन बोर्ड भी क्षतिग्रस्त होकर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं. सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल अस्पताल का मुख्य गेट अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है और मरीजों व उनके परिजनों को एंबुलेंस पार्किंग के पास बने वैकल्पिक गेट से ही प्रवेश दिया जा रहा है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
November 04, 2026, 07:44 IST



