प्रतापगढ़ सिंहाड़ गांव की समस्याएं

Last Updated:September 10, 2026, 14:36 IST
Pratapgarh News: प्रतापगढ़ के धरियावद उपखंड की सिंहाड़ ग्राम पंचायत में ग्रामीण पानी, बिजली, जर्जर सड़क और साफ-सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं से त्रस्त हैं. हैंडपंप खराब होने और पाइपलाइन न पहुंचने से पेयजल संकट गहरा गया है. झूलते बिजली के तार बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रधान हकरी देवी मीणा और उपप्रधान रागिनी चौधरी पर चुनाव जीतने के बाद सुध न लेने का गंभीर आरोप लगाया है.
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Pratapgarh News: धरियावद के सिंहाड़ गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, ग्रामीण परेशान
Pratapgarh: प्रतापगढ़ जिले के धरियावद उपखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिंहाड़ के ग्रामीण आज भी विकास और मूलभूत सुविधाओं के दावों के बीच पानी, बिजली, सड़क और सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि ये समस्याएं नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से बनी हुई हैं. कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए. ग्रामीणों में सबसे ज्यादा नाराजगी पंचायत के प्रधान और उपप्रधान को लेकर है, जिनका आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद उन्होंने गांवों की ओर ध्यान नहीं दिया.
सिंहाड़ गांव में पानी की समस्या सबसे बड़ी परेशानी बनकर सामने आई है. ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से हैंडपंप बंद पड़ा है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. गांव में पर्याप्त पानी की टंकी की व्यवस्था भी नहीं है. ग्रामीणों के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत आसपास के क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की बात कही जा रही है, लेकिन सिंहाड़ में कई जगह अभी तक पाइपलाइन ही नहीं खोदी गई है और न ही सभी घरों तक नल कनेक्शन पहुंचे हैं.
झूलते बिजली के तार और कटौती का दंशगांव में बिजली व्यवस्था भी ग्रामीणों के लिए एक बड़ा चिंता का कारण बनी हुई है. ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के तार कई स्थानों पर काफी नीचे झूल रहे हैं, और एक बार बिजली की लाइन गिरने की घटना भी हो चुकी है, जिसके चलते रात को लाइन बंद करवानी पड़ी थी. गांव में 11 हजार वोल्ट की लाइन से लगातार बड़ा खतरा बना हुआ है. इसके अलावा, बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति से घरेलू कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है.
जर्जर सड़कें और जलभराव की समस्यागांव में बनी सीसी सड़कें अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं. पुरानी और जगह-जगह टूटी सड़कों के कारण आवागमन में भारी परेशानी होती है. इसके साथ ही गांव में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश के मौसम में हालात और अधिक गंभीर होने की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बड़े-बड़े दावों की नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले काम की जरूरत है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Pratapgarh,Pratapgarh,Rajasthan
First Published :
September 10, 2026, 14:36 IST



