बड़े ब्रेस्ट से गर्दन और कमर में रहता है दर्द? जानें कब जरूरी हो सकती है ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी

फरीदाबाद: कई महिलाओं के लिए बड़े ब्रेस्ट सिर्फ दिखने से जुड़ी बात नहीं होते, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी की वजह भी बन सकते हैं. लंबे समय तक गर्दन, कंधे और कमर में दर्द, कपड़े पहनने में दिक्कत या काम करने में असहजता जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. ऐसे में कई महिलाओं के मन में सवाल रहता है कि क्या ब्रेस्ट रिडक्शन सिर्फ सुंदरता के लिए कराया जाता है या इससे दर्द और दूसरी परेशानियों में भी राहत मिल सकती है. इसकी जरूरत कब पड़ती है, किस उम्र में सर्जरी कराई जा सकती है और क्या इसके बाद स्तनपान में दिक्कत होती है. इन्हीं सवालों पर Local18 ने डॉ. शिखा गुप्ता से खास बातचीत की.
बड़े ब्रेस्ट से महिलाओं को रोजमर्रा में क्यों होती है परेशानी
Local18 से बातचीत में अमृता अस्पताल, फरीदाबाद की वरिष्ठ कंसल्टेंट और प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. शिखा गुप्ता ने महिलाओं से जुड़ी इस समस्या, इसके कारण और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी. बड़े ब्रेस्ट सिर्फ अपीरियंस की बात नहीं है, इससे महिलाओं को काफी सारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं. जैसे कंधों में दर्द, पीठ में दर्द, गर्दन में दर्द और बार-बार इंफेक्शन होना. ब्रेस्ट के नीचे रैशेज की वजह से फोड़ियां आती हैं, जिसकी वजह से बार-बार इलाज कराना पड़ता है.
ब्रा स्ट्रैप की वजह से जो निशान पड़ते हैं, उससे भी काफी तकलीफ होती है. क्योंकि इससे इतनी सारी प्रॉब्लम खड़ी होती हैं, इसलिए हमारा पोस्चर भी इफेक्ट हो जाता है. इसके अलावा बड़े या भारी ब्रेस्ट की वजह से चलने में दिक्कत आती है, एक्सरसाइज करने में परेशानी होती है और अपने मनपसंद कपड़े पहनने में भी दिक्कत आती है. इसका इंप्लीकेशन सिर्फ कंधे में दर्द या अपीरियंस या ब्यूटी तक सीमित नहीं है. इसकी वजह से बहुत सारे साइकोलॉजिकल और फिजिकल सिम्टम्स होते हैं.
भारी ब्रेस्ट से गर्दन, कंधे और कमर में दर्द क्यों होता है
भारी ब्रेस्ट से गर्दन कंधे कमर में दर्द क्यों होता है इस पर डॉक्टर शिखा बताती हैं कि भारी ब्रेस्ट की वजह से लगातार कंधों पर वजन पड़ता है. आप सोचिए कि इतना भारी वजन कंधों पर लगातार पड़ा रहे और आप काम कर रहे हों या घर में एक्सरसाइज करने जा रहे हों, बच्चों को उठा रहे हों या डेली एक्टिविटीज कर रहे हों, तो जाहिर है कि इससे कंधे में दर्द होगा, पीठ में दर्द होगा और पोस्चर में प्रॉब्लम होगी. इससे पोस्चरल प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं.
ब्रेस्ट रिडक्शन सिर्फ सुंदरता नहीं, दर्द का इलाज भी
इस पर डॉक्टर शिखा गुप्ता बताती हैं कि नहीं, इसका काफी सोशल स्टिग्मा है कि ब्रेस्ट रिडक्शन एक कॉस्मेटिक सर्जरी है या ब्यूटीफिकेशन सर्जरी है. ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. ब्रेस्ट रिडक्शन एक ऐसी सर्जरी है, जिससे आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ इंप्रूव होती है. कंधे में दर्द, पीठ में दर्द, इंफेक्शंस या साइकोलॉजिकल इश्यूज और संबंध रखने में प्रॉब्लम जैसी कई परेशानियां ब्रेस्ट रिडक्शन के बाद कम हो सकती हैं. हमारे पास कई महिलाएं आती हैं, जिनको भारी ब्रेस्ट की वजह से प्रॉब्लम्स होती हैं, लेकिन ब्रेस्ट रिडक्शन कराने के बाद वे कहती हैं कि आपने हमें नया जीवन दे दिया.
ब्रेस्ट रिडक्शन कौन करा सकता है, उम्र कितनी जरूरी
इस पर डॉक्टर शिखा गुप्ता बताती हैं कि देखिए, इसमें कोई उम्र या ऐसा कोई बैरियर नहीं है. इसमें एक बात ध्यान रखनी है कि ब्रेस्ट डेवलपमेंट कंप्लीट होनी चाहिए. इसमें किसी भी उम्र की लड़की या महिला ब्रेस्ट रिडक्शन करा सकती है. हमारे पास 20 से 21 साल की उम्र की भी लड़कियां आती हैं, जिनके भारी ब्रेस्ट की वजह से वे परेशान हैं. ज्यादातर लेडीज या लड़कियों में ब्रेस्ट डेवलपमेंट उस उम्र तक कंप्लीट हो गई होती है. यहां तक कि 18 साल तक मोस्टली ब्रेस्ट डेवलपमेंट कंप्लीट हो जाती है. तो हम इसे किसी भी उम्र में कर सकते हैं. ऐसा कुछ नहीं है कि इसे सिर्फ इसी उम्र में या उस उम्र में करना चाहिए.
सर्जरी के बाद निशान और स्तनपान में दिक्कत होगी
इस पर डॉक्टर शिखा गुप्ता बताती हैं कि देखिए, ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के बाद स्कार्स आते हैं, लेकिन समय के साथ ये स्कार्स हल्के पड़ जाते हैं. साथ ही हम सर्जरी के बाद काफी सारी स्कार मैनेजमेंट एडवाइस देते हैं, जिसकी वजह से ये स्कार्स हल्के पड़ जाते हैं. स्कार्स कहां आते हैं, यह उस टेक्निक पर डिपेंड करता है, जिसका इस्तेमाल किया जाता है. हर पेशेंट के साइज के हिसाब से हम अलग टेक्निक का इस्तेमाल करते हैं.
डॉक्टर शिखा गुप्ता बताती है कि अगर आपने स्तनपान या ब्रेस्टफीडिंग के बारे में पूछा है, तो काफी सारी महिलाएं ब्रेस्ट रिडक्शन के बाद भी प्रेगनेंसी प्लान करती हैं और ब्रेस्टफीडिंग भी कर सकती हैं. अगर आप प्रेगनेंसी प्लान कर रहे हैं, तो यह सब आपको अपने प्लास्टिक सर्जन के साथ पहले ही डिस्कस करना चाहिए. क्योंकि प्रेगनेंसी के समय ब्रेस्ट का साइज और शेप फिर से चेंज हो सकता है. तो इसे आपको माइंड में रखकर चलना है. दूसरा, ब्रेस्टफीडिंग में हम कितना साइज छोटा कर रहे हैं, कितना ग्लैंड रिमूव कर रहे हैं, कितना फैट रिमूव कर रहे हैं और कौन सी टेक्निक इस्तेमाल कर रहे हैं, यह सब चीजों पर डिपेंड करता है. इसलिए मैं ऐसा नहीं कह सकती कि मैं 100 प्रतिशत गारंटी दूंगी कि आप ब्रेस्टफीडिंग कर सकती हैं, लेकिन अधिकतर महिलाएं ब्रेस्टफीडिंग कर सकती हैं.
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी में आखिर क्या किया जाता है
इस पर डॉक्टर शिखा गुप्ता बताती हैं कि ब्रेस्ट रिडक्शन में बड़े ब्रेस्ट का आकार छोटा किया जाता है. इसमें ब्रेस्ट की अतिरिक्त त्वचा, ज्यादा फैट और ग्लैंड टिश्यू को कम किया जाता है. इससे ब्रेस्ट का साइज कम होता है और उसकी शेप में भी बदलाव आता है. इसके साथ ब्रेस्ट को बेहतर पोजिशन में लाया जाता है, जिससे उसमें होने वाली लटकन भी कम हो जाती है. यानी ब्रेस्ट रिडक्शन में बड़े ब्रेस्ट को छोटा करने के साथ-साथ उसकी शेप और पोजिशन को भी बेहतर किया जाता है. यही ब्रेस्ट रिडक्शन का मुख्य प्रोसीजर है.



