राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, सरेंडर पर लगी रोक, जमा करने होंगे 5 करोड़

Last Updated:September 08, 2026, 22:59 IST
राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में बड़ी राहत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर को सरेंडर से राहत देते हुए 5 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिया. राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.राजपाल यादव को मिली बड़ी राहत.
नई दिल्ली. एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत मिली है. मंगलवार को शीर्ष अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी की याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताई. एक्टर और उनकी पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका दायर की थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के 7 मामलों में उनकी सजा बरकरार रखी थी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए राजपाल यादव और उनकी पत्नी को 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर सरेंडर करने से छूट दे दी है.
भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय बेंच ने मामले में सुनवाई की. बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे. सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल लीव पिटीशन यानी एसएलपी पर नोटिस जारी करते हुए राजपाल यादव को जवाब दाखिल करने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया है. कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, याचिकाकर्ताओं को बुधवार तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करने होंगे. रकम जमा करने के बाद ही उन्हें सरेंडर से मिली राहत प्रभावी रहेगी.
राजपाल यादव ने हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
ये एसएलपी राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देते हुए दायर की हैं, जिसमें ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत चेक बाउंस होने के 7 मामलों में उनकी सजा को बरकरार रखा गया था. दिल्ली हाई कोर्ट ने 10 जुलाई को राजपाल यादव की सजा को बरकरार रखा था, लेकिन सात मामलों में से प्रत्येक में उनकी सजा को छह महीने से घटाकर तीन महीने की साधारण कैद कर दिया था. कोर्ट ने हर मामले में जुर्माना भी 1.60 करोड़ रुपए से घटाकर 1.05 करोड़ रुपए कर दिया था और सभी मुख्य सजाओं को एक साथ चलाने का निर्देश दिया था.
हाईकोर्ट ने कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को अभिनेता द्वारा पहले ही किए गए भुगतान को ध्यान में रखा था. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर याचिकाओं में तर्क दिया गया कि हाईकोर्ट पार्टियों के बीच बाद में हुए उस सहमति समझौते पर विचार करने में विफल रहा, जिसके तहत कथित तौर पर पहले दिए गए सिक्योरिटी चेक वापस किए जाने थे और नए चेक जारी किए जाने थे.
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From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…
New Delhi,Delhi
First Published :
September 08, 2026, 22:59 IST



