साले ने कराया अधिकारी जीजा को किडनैप, 51 लाख रुपये की मांगी फिरौती, जानें क्या है पूरा मामला

अजमेर. रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर में मुख्य कार्यालय अधीक्षक के पद पर कार्यरत रवि मीणा के कथित अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, अधिकारी जीजा के अपहरण की साजिश में उसके साले महेंद्र की भूमिका सामने आई है. रवि की पत्नी के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा है और दोनों के बीच तलाक का मामला कोर्ट में विचाराधीन है. इसी विवाद के बीच रवि का कथित तौर पर अपहरण कराया गया और उससे 51 लाख रुपए की फिरौती मांगे जाने की बात सामने आई है.
रवि मीणा 21 अगस्त को बांदीकुई जाने के लिए निकले थे, लेकिन वहां नहीं पहुंचे. इसके बाद उनकी मां सामंती देवी ने अजमेर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में उन्होंने रवि के ससुराल पक्ष के महेंद्र, पलाराम, इंद्राज सहित अन्य लोगों पर अपहरण का शक जताया था. पुलिस ने शिकायत मिलते ही रवि की तलाश शुरू कर दी और अब उसे बांदीकुई से सकुशल बरामद कर अजमेर ले आई है.
साले पर अपहरण कराने का आरोप, 51 लाख रुपए की फिरौती मांगीरवि ने पुलिस को बताया कि 21 अगस्त को कार्यालय के बाहर एक गाड़ी ने उसे टक्कर मारने का प्रयास किया था. इसके बाद गाड़ी से दो लोग नीचे उतरे और उसे जबरन अंदर बैठा लिया. रवि के अनुसार, दोनों में से एक का नाम देव और दूसरे का नाम अनुज था. कुछ दूर ले जाने के बाद दोनों ने उसे बताया कि उसके साले महेंद्र ने उसका अपहरण करवाया है. रवि का आरोप है कि इसके बाद उसे अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया. इस दौरान उससे 51 लाख रुपए की मांग की गई. रवि ने पुलिस को यह भी बताया कि उसका पत्नी के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा है और तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है. पुलिस अब इसी पारिवारिक विवाद को भी पूरे मामले से जोड़कर जांच कर रही है.
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से पुलिस को मिली अहम जानकारी
रवि के लापता होने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने जांच के लिए टीम बनाई. पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मोबाइल लोकेशन की भी जांच की. इस दौरान रवि की लोकेशन बांदीकुई, दौसा सदर और आसपास के इलाकों में मिली. पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्धों और उनके रिश्तेदारों से पूछताछ शुरू की. कार्रवाई का दबाव बढ़ने के बाद पुलिस को मामले में अहम सुराग मिले. इसी दौरान कथित अपहरणकर्ताओं ने रवि को बांदीकुई में छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए. इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस रवि को सकुशल अजमेर लेकर पहुंची.
मां ने पहले जताया था ससुराल पक्ष पर शकरवि के गायब होने के बाद उसकी मां सामंती देवी ने थाने में शिकायत देकर बेटे के ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर शक जताया था. शिकायत में महेंद्र, पलाराम और इंद्राज सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए थे. अब पुलिस की जांच में साले महेंद्र की कथित भूमिका की बात सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है. कथित अपहरण में देव और अनुज नाम के जिन दो लोगों का रवि ने जिक्र किया है, उनकी भूमिका भी पुलिस जांच का हिस्सा है.
पुलिस की कार्रवाई से दबाव में आए कथित अपहरणकर्तारवि की तलाश में पुलिस लगातार अलग-अलग जगहों पर दबिश और पूछताछ कर रही थी. मोबाइल लोकेशन से उसके बांदीकुई और दौसा इलाके में होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने स्थानीय स्तर पर कार्रवाई तेज की. संदिग्धों के रिश्तेदारों से पूछताछ और लगातार बढ़ते पुलिस दबाव के बीच रवि को बांदीकुई में छोड़ दिया गया. रवि को सकुशल वापस लाने में सिविल लाइन थाना एएसआई मनीराम और कांस्टेबल सुमित की विशेष भूमिका बताई गई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अधिकारी जीजा के कथित अपहरण की पूरी साजिश कैसे रची गई, इसमें महेंद्र की क्या भूमिका रही और 51 लाख रुपए की फिरौती मांगने के पीछे असली मकसद क्या था.
पत्नी से विवाद बना जांच का अहम हिस्साइस मामले में रवि और उसकी पत्नी के बीच चल रहा विवाद सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है. दोनों के बीच विवाद के चलते तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है. रवि ने पुलिस को दिए बयान में इसी विवाद को अपने कथित अपहरण की वजह बताया है. फिलहाल रवि सकुशल अपने परिवार के पास है और पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है. अब जांच में सामने आने वाली जानकारी से साफ होगा कि साले ने कथित तौर पर जीजा के अपहरण की साजिश क्यों रची और इस पूरी घटना में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे.



