देश-विदेश तक फैले इस संस्थान की चीफ बनी मोहिनी दीदी, 50,000 से अधिक हैं महिला सदस्य

Last Updated:April 17, 2025, 23:47 IST
Mohini Didi: वर्ष 1937 में स्थापित हुए इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आज लगभग 9,200 सेवा केंद्र करीबन 140 देशों में खोले जा चुके हैं. वर्ष 1976 में उत्तरी अमेरिका में पहली बार ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्रों की स्थ…और पढ़ेंX

मोहिनी दीदी बनी ब्रह्माकुमारीज की नई चीफ
सिरोही: 140 देशों में फैली आध्यात्मिक संस्था ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की नई मुखिया के रूप में 84 वर्षीय राजयोगिनी मोहिनी दीदी को चुना गया है. मोहिनी दीदी ब्रह्माकुमारीज़ की छठीं मुख्य प्रशासिका बनी हैं. संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी का 101 वर्ष की आयु में निधन होने के बाद संस्थान की मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में सर्वसहमति से यह निर्णय लिया गया है.
अब तक संस्थान में मुखिया के तौर पर दादियों की ही नियुक्ति की जाती रही है, लेकिन पहली बार इस पद पर किसी दीदी को नियुक्त किया गया है. संस्थान में वरिष्ठतम और संस्थापक महिला सदस्यों को दादी के तौर पर जाना जाता है. उनसे जूनियर सदस्य को दीदी के रूप में बुलाया जाता है. इस मीटिंग में संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी को अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका पद पर नियुक्त किया गया है.
दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, विदेशों में संस्थान को दिलाई पहचानवर्ष 1941 में दिल्ली में जन्मी बीके मोहिनी दीदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है. उन्होंने इतिहास, राजनीति विज्ञान और पत्रकारिता में कला स्नातक की डिग्री ली है. संस्थान में रहकर उन्होंने उत्तर और दक्षिण अमेरिका और कैरिबियन में ब्रह्माकुमारीज़ के क्षेत्रीय समन्वयक के रूप में सेवाएं दी. मुख्य प्रशासिका नियुक्त होने पर राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि उन्हें संस्थान के संस्थापक ब्रह्मा बाबा के साथ रहने और शिक्षा प्राप्त करने का सौभाग्य मिला. उन शिक्षाओं को अपने जीवन में और सामाजिक जीवन में उपयोग करती हैं. जैसा घरों में होता है कि पहले दादा-दादियों को आगे रखा जाता है. इसी तरह अब दादियों के बाद मुझे यह दायित्व सौंपा गया है.
मोहिनी दीदी ने पहली बार वर्ष 1972 में विदेश में सेवा केंद्र खोले. वर्ष 1976 में उत्तरी अमेरिका में पहली बार ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्रों की स्थापना की. पहले कैरेबियन और फिर 1978 में अमेरिका के लिए एक क्षेत्रीय मुख्यालय की स्थापना की. मोहिनी संस्थान के यूएसए के वर्ल्ड स्प्रीचुअल आर्गनाइजेशन की अध्यक्ष भी हैं.ये है संस्था का इतिहासवर्ष 1937 में स्थापित हुए इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आज लगभग 9,200 सेवा केंद्र करीबन 140 देशों में खोले जा चुके हैं. इस संस्था की स्थापना प्रजापिता ब्रह्मा, जो दादा लेखराज के नाम से जाने जाते थे उन्होंने वर्ष 1937 में अविभाजित भारत के हैदराबाद, सिंध प्रांत में की थी. बाद में वर्ष 1950 में इसे माउंट आबू में स्थानांतरित कर दिया गया. आज ये आध्यात्मिक संगठन पूरी दुनिया के 5 महाद्वीपों और 140 से अधिक देशों में अपनी पहचान बना रहा है. संस्थान में 50 हजार से अधिक महिला सदस्य समर्पित होकरसेवाएं दे रही हैं.
Location :
Sirohi,Rajasthan
First Published :
April 17, 2025, 23:47 IST
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देश-विदेश मे फैले इस संस्थान की चीफ बनी मोहिनी दीदी, हजारों महिला हैं सदस्य



