कोटा में JEE Advanced सेकंड शिफ्ट खत्म, छात्र बोले- फिजिक्स ने बढ़ाई टेंशन, मैथ्स-केमिस्ट्री रही ईजी

Last Updated:May 17, 2026, 22:47 IST
JEE Advanced 2026 Exam : कोटा में JEE Advanced 2026 की सेकंड शिफ्ट परीक्षा के बाद छात्रों में राहत और उत्साह देखने को मिला. अधिकांश स्टूडेंट्स ने मैथ्स और केमिस्ट्री को आसान बताया जबकि फिजिक्स को टफ और टाइम-कंज्यूमिंग कहा. कई परीक्षार्थियों ने पेपर को मॉडरेट लेवल का बताया और टाइम मैनेजमेंट को अहम बताया. हालांकि कुछ छात्रों ने सेकंड शिफ्ट को फर्स्ट शिफ्ट से कठिन बताया. परीक्षा केंद्रों पर गर्मी और कूलर की कमी को लेकर अभिभावकों और छात्रों ने नाराजगी जताई.
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कोटा. JEE Advanced 2026 की सेकंड शिफ्ट समाप्त होने के बाद परीक्षा केंद्रों के बाहर स्टूडेंट्स में राहत और उत्साह दोनों देखने को मिला. एग्जाम देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों ने पेपर को लेकर अलग-अलग रिएक्शन दिए. अधिकांश स्टूडेंट्स का कहना था कि मैथ्स और केमिस्ट्री कम्पेरेटिवली ईजी रही, जबकि फिजिक्स ने इस बार अपना टफ लेवल दिखाया. कई स्टूडेंट्स ने फिजिक्स सेक्शन को लेंथी और टाइम-कंज्यूमिंग बताया.
परीक्षार्थी प्रिया ने बताया कि ओवरऑल पेपर बेहतर रहा और उन्हें पेपर आसान लगा. उनका कहना था कि टाइम मैनेजमेंट सही रहने के कारण पूरा पेपर समय पर कम्प्लीट हो गया. उन्होंने कहा कि इस बार सवालों का पैटर्न ज्यादा चौंकाने वाला नहीं था और प्रिपरेशन के अनुसार पेपर सॉल्व हो गया. वहीं कुछ स्टूडेंट्स ने दूसरी पारी को पहली पारी की तुलना में ज्यादा कठिन बताया.
सेकंड शिफ्ट का पेपर फर्स्ट शिफ्ट से कम्पेरेटिवली हार्ड रहा
परीक्षार्थी शिवाय सिंह ने कहा कि सेकंड शिफ्ट का पेपर फर्स्ट शिफ्ट से कम्पेरेटिवली हार्ड रहा. खासतौर पर फिजिक्स सेक्शन ने छात्रों का काफी समय लिया. उनका कहना है कि इस बार कट-ऑफ भी ज्यादा जा सकती है क्योंकि मैथ्स और केमिस्ट्री में कई सवाल सीधे और स्कोरिंग थे. छत्तीसगढ़ से परीक्षा देने पहुंचे नवल ने बताया कि पेपर मॉडरेट लेवल का रहा. वे दूसरी बार JEE Advanced की परीक्षा दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैथ्स आसान रही और टाइम मैनेजमेंट में कोई बड़ी परेशानी नहीं आई. नवल ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वे रोजाना औसतन 8 से 9 घंटे स्टडी करते थे. उनका मानना है कि लगातार प्रैक्टिस और मॉक टेस्ट की वजह से पेपर हैंडल करना आसान हुआ.
गर्मी की वजह से कंसंट्रेशन प्रभावित हुआ
इधर एग्जाम सेंटर की व्यवस्थाओं को लेकर भी स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में नाराजगी देखने को मिली. कई परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों पर भीषण गर्मी के बावजूद कूलर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. गर्म मौसम के कारण कई छात्र पसीने से तरबतर नजर आए. स्टूडेंट्स का कहना था कि गर्मी की वजह से कंसंट्रेशन प्रभावित हुआ और पेपर सॉल्व करने में परेशानी हुई.
पेरेंट्स ने एग्जाम सेंटर मैनेजमेंट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाया
परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद डॉ. प्रद्युम्न गोयल की बेटी ने पेपर के बाद बताया कि एग्जाम अच्छा गया, लेकिन परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही कूलर हटा दिए गए. उन्होंने कहा कि गर्मी के बीच परीक्षा देना काफी मुश्किल रहा और इससे उनका समय भी प्रभावित हुआ. पेरेंट्स ने एग्जाम सेंटर मैनेजमेंट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाया है. कोटा में आयोजित इस प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम को लेकर पूरे दिन परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों और स्टूडेंट्स की भारी भीड़ देखने को मिली. अब सभी को प्रोविजनल आंसर-की और रिजल्ट का इंतजार है.About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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