Public Opinion: वो तो लाठीचार्ज करा देंगे, कहां उठाएं आवाज…? किसानों का छलका दर्द, सरकार पर सवाल!

Last Updated:October 12, 2025, 00:43 IST
Pali News: हनुमानगढ़ में किसानों को अतिवृष्टि, खराब फसल और डीएपी खाद की किल्लत ने परेशान किया, पुलिस लाठीचार्ज से दर्द बढ़ा. दिनेश सारस्वत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संज्ञान की मांग की.
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पाली. पहले ही अतिवृष्टि की मार झेल रहे किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पानी में डूबे खेत और खराब फसलों का दर्द अभी खत्म हुआ भी नहीं था कि रबी फसलों की बुआई के बीच डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों को दोहरी परेशानी में डाल दिया. हनुमानगढ़ में अन्नदाताओं की इस समस्या को समझने के बजाय पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिससे किसान और ज्यादा परेशान हो गए. लोकल 18 की टीम ने जब किसानों से बात की तो उनके आंसू छलक पड़े और उन्होंने कहा कि आखिर हम जाएं तो कहां जाएं.
किसान परिवार से जुड़े दिनेश सारस्वत ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि किसानों के दर्द को दबाने के लिए लाठीचार्ज करना निंदनीय है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए. देश की जीडीपी और आर्थिक हालात किसानों पर ही निर्भर हैं, ऐसे में डीएपी खाद न मिलने के कारण किसान परेशान हैं. किसानों पर लाठीचार्ज करना न्याय के विपरीत है.सड़कों पर उतरे किसानों पर लाठीचार्ज
हनुमानगढ़ में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के दौरान किसान अनिल प्रजापति ने बताया कि किसानों पर लाठीचार्ज करना पूरी तरह से निंदनीय है. हम धरती का सीना चीरकर अन्न उगाते हैं और जब फसल खराब होती है तो हमारा दर्द किसको बताएंगे. डीएपी खाद न मिलने के बावजूद जब हम अपनी मांग लेकर गए तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. ऐसे में हमारे साथ न्याय कहा है और हम अपना दर्द कहां सुनाएं. हम किसान अपनी आवाज कहां उठाएं. सरकार तो लाठीचार्ज करा दे रही.
किसानों की आंखों से निकल पड़े आंसूलोकल 18 की टीम जब किसानों के बीच पहुंची तो उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि से पहले ही उनकी फसलें खराब हो चुकी थीं और अब डीएपी खाद न मिलने के कारण रबी की बुआई भी मुश्किल हो गई है. कई किसान ऐसे थे जिनकी आंखों से दर्द के आंसू निकल आए. किसानों के लिए यह सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है कि आखिर वह अपनी फसलें कैसे बचाएंगे और सरकार से न्याय की उम्मीद कैसे रखेंगे.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
First Published :
October 12, 2025, 00:43 IST
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वो लाठीचार्ज करा देंगे, कहां उठाएं आवाज? किसानों का छलका दर्द, सरकार पर सवाल!



