Rajasthan

Rajasthan SIR Survey Ground Report by Local18

Last Updated:November 06, 2025, 11:06 IST

Ground Report: लोकल 18 की टीम ने सीकर में बीएलओ के साथ एक दिन बिताया और मतदाता सूची के एसआईआर सर्वे की हकीकत जानी. बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी अपडेट कर रहे हैं. अभी किसी दस्तावेज़ की कॉपी नहीं ली जा रही, केवल आधार कार्ड समेत अन्य मान्य दस्तावेज़ों से सत्यापन किया जा रहा है.

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Ground Report: राजस्थान में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR Survey) शुरू किया गया है. इस सर्वे के तहत बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी अपडेट कर रहे हैं. मंगलवार से इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है, और राज्य निर्वाचन विभाग ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं. लोकल 18 की टीम ने सीकर शहर में बीएलओ के साथ पूरे दिन रहकर यह समझने की कोशिश की कि मतदाता सूची का सर्वे असल में कैसे चल रहा है और आम नागरिक इस प्रक्रिया को लेकर क्या सोचते हैं.

सीकर के बीएलओ सैयद फारूक अहमद ने लोकल 18 को बताया कि निर्वाचन विभाग के आदेशों के अनुसार 2002 के बाद जुड़े मतदाताओं से पहचान व नागरिकता के प्रमाण मांगे जा रहे हैं. उन्होंने बताया, “आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में मान्यता दी गई है, और फॉर्म भरने का काम सीधे घर-घर जाकर किया जा रहा है. सभी रिकॉर्ड के आधार पर ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार होगी, जिसकी मॉनिटरिंग जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) स्वयं कर रहे हैं.” यह सर्वे सुनिश्चित करता है कि सूची त्रुटिहीन और अपडेटेड हो.

अभी नहीं देनी होगी कोई डॉक्यूमेंट कॉपीलोकल 18 की टीम ने सर्वे के दौरान पाया कि बीएलओ सिर्फ दस्तावेज देखकर फॉर्म भर रहे हैं. मतदाताओं को अभी कोई दस्तावेज जमा नहीं कराने हैं. ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद जिन लोगों के नाम सूची में नहीं होंगे, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा और तय समय सीमा में प्रमाण पत्र मांगे जाएंगे. बीएलओ एक माह में तीन बार घर जाएंगे. अगर तीनों बार परिवार नहीं मिलता तो घर पर नोटिस चस्पा कर फॉर्म घर के अंदर डाल दिया जाएगा, ताकि कोई मतदाता वंचित न रह जाए.

मान्य सरकारी दस्तावेज़ों की सूची

बीएलओ सैयद फारूक अहमद के अनुसार, एसआईआर सर्वे में निम्न सरकारी दस्तावेज़ पहचान या प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जा रहे हैं:

आधार कार्ड
पेंशन भुगतान आदेश (सरकारी या अर्धसरकारी)
भारत सरकार, बैंक, डाकघर, एलआईसी या पीएसयू द्वारा 1 जुलाई 1987 से पूर्व जारी कोई दस्तावेज़
मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का मेट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र
जन्म प्रमाण पत्र या निवास प्रमाण पत्र

निर्वाचन विभाग का उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सही तरीके से मतदाता सूची में शामिल हो. लोकल 18 की टीम की ग्राउंड रिपोर्ट से साफ हुआ कि बीएलओ पूरी ईमानदारी से घर-घर जाकर कार्य कर रहे हैं ताकि कोई पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए और आगामी चुनावों के लिए एक पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची तैयार हो सके.

Location :

Sikar,Sikar,Rajasthan

First Published :

November 06, 2025, 11:01 IST

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घर-घर पहुंची मतदाता सूची की जांच, एसआईआर सर्वे में क्या चल रहा है?

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