सक्सेस स्टोरी : हादसे ने तोड़ी हड्डियाँ, पर जगा दिया कलाकार; राजस्थान का यह आर्टिस्ट कैसे बना देशभर का सितारा?

Last Updated:November 25, 2025, 20:35 IST
Sikar Famous Artist : सीकर के पलसाना के महेंद्र जांगिड़ ने पेंसिल और कागज से AI जैसी पेंटिंग बनाकर कला में अनोखी पहचान बनाई, कई एग्जीबिशन और बड़े प्रोग्रामों में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं.
सीकर जिले के पलसाना कस्बे के रहने वाले महेंद्र जांगिड़ सिर्फ एक पेंसिल और कागज के टुकड़े से देश दुनिया अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. ये अपने हाथों से AI जैसी सुंदर पेंटिंग बनाते हैं. इसके स्केच और पेंटिंग कई घरों की शोभा भी बढ़ा रहे हैं. महेंद्र जांगिड़ की कलाकारी इतनी जबरदस्त है कि इसे देखकर हर कोई दांतों तले उंगली दबा लेते हैं. ये हल्की-गहरी छायाओं, बारीक रेखाओं से गहरी भावनाओं वाली ऐसी पेंटिंग बनाते हैं जो सभी को अच्छी लगती है. इनकी बनाई पेंडिंग की कई बार एग्जीबिशन भी लग चुकी है.

इस कलाकारी अलर्ट लवर के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जो यह बताती है कि अगर कोई भी काम पूरे लगन और मेहनत से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है. लेकिन इस गजब से आर्टिस्ट महेंद्र जांगिड़ की कहानी किसी आम आर्टिस्ट की जैसी नहीं है. इसके पीछे की कहानी भी बहुत गजब है. उन्होंने उस उम्र में इस कला से अपनी पहचान बनाई है जिसमें अधिकाश लोग घर पर आराम करते हैं. महेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें बचपन से ही चित्र बनाने का बहुत शौक था परंतु घर की जिम्मेदारी के कारण उन्होंने कला को समय न देकर और उसे करियर ऑप्शन के रूप में नहीं चुन पाए थे.

वे बचपन में स्कूल दीवारों पर नोटबुक्स में चित्र बनाया करते थे और उनके दोस्त और उनके टीचर उनकी बहुत तारीफ करते थे. लेकिन, घर की जिम्मेदारियों ने उनकी कला के पंख को बाद दिया. कमाई और घर चलाने में उन्होंने अपनी पेंटिंग की कला को कही दूर छोड़ दिया. शादी हुए, बच्चे हुए और जिंदगी ठीक ठाक चल रही थी. तभी कोई जाते वक्त महेंद्र जांगिड़ का एक्सीडेंट हो गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें करीब चार महीने तक आराम करने की सलाह दी. उस कठिन समय को उन्होंने अवसर में बादल दिया. जिसके तहत खाली समय में पेंसिल के जरिए स्केच बनाने लगे.
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जिसके बाद उनके भीतर का कलाकार फिर से जिंदा हो गया और कला के जरिए नया जीवन मिल गया. महेंद्र कुमार ने बताया कि उनके परिवार मां बाबा बच्चे पत्नी और उनके साथियों ने इस यात्रा में उनका खूब सहयोग किया, उन्हें प्रोत्साहित किया. वह आज इस मुकाम तक पहुंच गए हैं की इस कला से अपने परिवार का गुजारा भी चला रहे हैं. वे बताते हैं कि उनके बच्चे भी उनके साथ बैठकर कैनवास में रंग भरते हैं जो कि उनकी जिंदगी में अलग ही रोमांच पैदा करता है. ये पल उनके लिए बहुत खास होता हैं सभी लोग उनकी कला की खूब तारीफ कर उन्हें प्रोत्साहित करते हैं.

महेंद्र की कला का सबसे आकर्षक पहलू है उनका पोट्रेट वर्क, चाहे बुजुर्गों के चेहरे की झुर्रियों में छुपा इतिहास हो, बच्चों की आंखों में छलकती मासूमियत हो, या फिर युवाओ के चेहरे का जोश महेंद्र अपने स्केच के माध्यम से हर भाव को इतनी बारीकी और जीवंतता से उकेरते हैं कि लगता है मानो चेहरा कागज से बोल उठेगा. इनकी इसी कला के सभी दीवाने बनते जा रहे हैं. उनके इस आर्ट के चकते कई बड़े प्रोग्रामों में भी उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल चुका है.

आर्टिस्ट महेंद्र जांगिड़ का कहना है कि काम कोई भी हो, अगर उसमें पूरी मेहनत और लगन लगा दी जाए तो निश्चित ही सफलता मिलती है. इसलिए मैंने कला के दम पर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पेंडिंग का सहारा लिया है. आज मुझे लगता है कि इस कला ने मुझे एक सफल इंसान बनाया है. अब इस कला से राष्टीय और अंतर्राज्यीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं. इसके लिए वे लगातार मेहनत भी कर रहे हैं. आर्टिस्ट महेंद्र जांगिड़ कई दिग्गज नेता, अभिनेता और खिलाड़ियों के चित्र भी बनाए हैं.
First Published :
November 25, 2025, 20:35 IST
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हादसे ने तोड़ी हड्डी, पर जगा दिया कलाकार; यह आर्टिस्ट कैसे बना देशभर का सितारा



