Rajasthan

उन्नत तकनीक का कमाल! भरतपुर में मिर्च बनी किसानों की नई कमाई का जरिया, इस वजह से है बंपर डिमांड

Last Updated:November 25, 2025, 14:02 IST

भरतपुर मिर्च की खेती: भरतपुर जिले में मिर्च की खेती किसानों के लिए बड़ी आमदनी का साधन बनती जा रही है. जिले की उपजाऊ मिट्टी, अनुकूल मौसम और उन्नत तकनीकों के उपयोग से इस बार मिर्च की पैदावार और गुणवत्ता दोनों बेहतर रही. भरतपुर की मिर्च अपने तीखेपन और चमकदार लाल रंग के कारण जयपुर, दिल्ली और आगरा जैसी बड़ी मंडियों में भी खूब पसंद की जा रही है. अच्छी कीमत मिलने से किसानों की आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है. किसान पारंपरिक फसलों से हटकर अब बड़े पैमाने पर मिर्च की खेती की कर रहे हैं.

भरतपुर. राजस्थान में भरतपुर जिले के किसान इन दिनों मिर्च की खेती के जरिए अच्छी-खासी आमदनी कमा रहे हैं. तेज और उच्च गुणवत्ता वाली मिर्च के उत्पादन को लेकर भरतपुर प्रदेश में तेजी से एक पहचान बना रहा है. यहां की मिर्च अपनी तीखापन, रंग और लंबे समय तक सुरक्षित रहने की क्षमता के कारण न केवल राजस्थान बल्कि देश के बड़े शहरों की मंडियों में भी खूब पसंद की जा रही है. भरतपुर जिले के कई गांवों में किसान पारंपरिक फसलों से हटकर अब बड़े पैमाने पर मिर्च की खेती की ओर रुख कर रहे हैं.

किसानों के अनुसार, इस बार मौसम पूरी तरह अनुकूल रहा, जिससे फसल को किसी बड़े नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा. साथ ही जिले की उपजाऊ मिट्टी मिर्च की खेती के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है, जिसके चलते उत्पादन में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. किसानों का कहना है कि पहले जहां गेहूं और बाजरा जैसी पारंपरिक फसलें लगाते थे, अब मिर्च की खेती से कइ गुणा अधिक लाभ कमा रहे हैं.

इस वजह से भरतपुर की मिर्च की है डिमांड

भरतपुर की मिर्च की सबसे बड़ी खासियत इसका तीखापन और आकर्षक लाल रंग है. यही वजह है कि यहां की मिर्ची प्रदेश की विभिन्न मंडियों के साथ-साथ जयपुर, दिल्ली, आगरा और अन्य बड़े शहरों की सब्जी मंडियों में बड़े पैमाने पर भेजी जा रही है. व्यापारी भी भरतपुर की मिर्च को उच्च गुणवत्ता वाली मानते हुए इससे अच्छे दाम पर खरीद कर रहे हैं. किसानों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार मिर्च की कीमतें काफी बेहतर है. जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

किसान खेती में अपना रहे उन्नत तकनीक

किसानों ने बताया कि उन्नत खेती तकनीकों का उपयोग भी इस बढ़ती सफलता का एक बड़ा कारण है. अब किसान ड्रिप सिस्टम, पिचकारी सिंचाई, जैविक खादों और आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रयोग कर मिर्च की गुणवत्ता को और भी बेहतर बना रहे हैं. कई किसान कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर मिर्च की नई किस्मों और रोगों से बचाव के तरीकों को भी सीख रहे हैं. भरतपुर का वातावरण और मिट्टी मिर्च उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है. यदि किसानों को इसी तरह तकनीकी सहायता और अच्छी मंडी सुविधाएं मिलती रही, तो आने वाले वर्षों में भरतपुर प्रदेश के प्रमुख मिर्च उत्पादक जिलों में शामिल हो सकता है. बढ़ती मांग और बेहतरीन बाजार मूल्य ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है और गांवों में आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती दिखाई दे रही है.deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें

Location :

Bharatpur,Rajasthan

First Published :

November 25, 2025, 14:02 IST

homeagriculture

भरतपुर की मिर्च की बंपर डिमांड! इस वजह ने बढ़ाई देशभर की मंडियों में पहचान

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj