ये क्या था! अचानक शहर में दिखा डरावना नजारा, कार की छत पर बैठा दिखा विशालकाय पक्षी, सोशल मीडिया पर वायरल

Last Updated:December 13, 2025, 12:13 IST
Bird On Car Roof: शहर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब लोगों ने एक विशाल पक्षी को सड़क पर खड़ी गाड़ी के ऊपर बैठे देखा. इस अनोखे नजारे को देख राहगीर रुक गए और कई लोगों ने अपने मोबाइल में वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
भीलवाड़ा: लगातार घटते वन क्षेत्र और लगातार कम होते पेड़ों की संख्या का असर अब वन्यजीवों के व्यवहार में साफ नजर आने लगा है. जंगलों में सुरक्षित आश्रय और भोजन की कमी के कारण पक्षी और जानवर शहरों व रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में भीलवाड़ा शहर के सिंधुनगर क्षेत्र में उस समय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जब एक उल्लू पानी की टंकी के पीछे स्थित गली में खड़ी एक कार पर बैठा दिखाई दिया. अचानक शहर के बीच उल्लू दिखने से लोग हैरान रह गए और इसकी सूचना जानकारों तक पहुंचाई गई.

सेवानिवृत्त फोरेस्टर छोटूलाल कोली मौके पर पहुंचे और उल्लू की पहचान करेल प्रजाति के रूप में की हैं, उन्होंने बताया कि यह उल्लू अभी बच्चा है, इसी कारण वह ठीक से उड़ नहीं पा रहा था और सुरक्षित जगह की तलाश में गली तक आ गया. छोटूलाल कोली के अनुसार आमतौर पर करेल प्रजाति के उल्लू जंगलों में बड़े और घने पेड़ों पर घोंसला बनाते हैं, लेकिन प्राकृतिक आवास नष्ट होने से अब ये शहरों में भटकते नजर आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है.

उल्लू सामान्य रूप से शांत और रात में सक्रिय रहने वाले पक्षी होते हैं. ये बड़े पेड़ों की ऊंचाई पर अंडे देते हैं, जिससे उनके बच्चे सुरक्षित रह सकें. लेकिन शहरीकरण और पुराने पेड़ों की कटाई के कारण अब उल्लू शहर की पुरानी, सूनी और परित्यक्त इमारतों में भी अंडे देने लगे हैं. इससे उन्हें तो अस्थायी आश्रय मिल जाता है, लेकिन शहरी माहौल में उनके बच्चों पर कुत्तों, बिल्लियों और अन्य हिंसक जानवरों का खतरा बना रहता है.
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भीलवाड़ा में उल्लुओं की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें करेल, कोचर और घुग्घु प्रमुख हैं. ये सभी प्रजातियां पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं, क्योंकि ये चूहे और अन्य हानिकारक जीवों को नियंत्रित करती हैं. बावजूद इसके, अंधविश्वास और जानकारी के अभाव में कई बार लोग इन्हें नुकसान पहुंचा देते हैं. वन विभाग और पर्यावरण प्रेमी लगातार लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि इन पक्षियों को सुरक्षित रखा जा सके.

छोटूलाल कोली ने बताया कि दो महीने पहले तिलकनगर क्षेत्र में एक भूखंड से करेल प्रजाति के दो उल्लुओं को सुरक्षित निकाला गया था. वहीं, कोठारी नदी की पुलिया के पास से कोचर प्रजाति के उल्लू को हिंसक जानवरों से बचाकर स्मृति वन में छोड़ा गया था. उन्होंने अपील की कि यदि कहीं उल्लू या अन्य वन्यजीव दिखाई दें, तो उन्हें नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग या जानकारों को सूचना दें, ताकि समय रहते उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके.
First Published :
December 13, 2025, 12:13 IST
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अचानक शहर में दिखा डरावना नजारा, कार की छत पर बैठा दिखा विशालकाय पक्षी



