एलन विक्ट्री कार्निवल कोटा 2025

Last Updated:December 26, 2025, 08:04 IST
कोटा के दशहरा मैदान में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा ‘विक्ट्री कार्निवल 2025’ का भव्य आयोजन किया गया. इसमें जेईई और नीट-यूजी परीक्षाओं में सफल हुए 5,000 से अधिक छात्र-छात्राओं को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया. इस दौरान सफल विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी मौजूद रहे. विशेष रूप से पालू बिश्नोई की दो बेटियों की सफलता चर्चा का विषय रही, जिन्होंने एक साथ डॉक्टर बनकर अपने परिवार का नाम रोशन किया है. संस्थान के निदेशकों ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी. यह आयोजन कोटा की शैक्षणिक सफलता और छात्रों के अटूट परिश्रम का एक जीवंत प्रमाण बना.

कोटा का ‘विक्ट्री कार्निवल’ अब देशभर में टॉपर्स के सबसे बड़े मेले के रूप में अपनी पहचान बना चुका है. यह एक ऐसा अनूठा आयोजन है, जहाँ आईआईटी, एम्स, एनआईटी और देश के प्रतिष्ठित मेडिकल व इंजीनियरिंग संस्थानों में चयनित होकर अपना भविष्य संवारने वाले सफल विद्यार्थी एक साथ जुटते हैं. कोटा को देश में प्रवेश परीक्षाओं का सबसे बड़ा मैदान माना जाता है और यहीं से निकलने वाले ऐतिहासिक परिणामों के कारण यहाँ का टॉपर्स मेला भी भव्य और अद्वितीय होता है. इस आयोजन की एक खास विशेषता ‘गुदड़ी के लालों’ का सम्मान रही. एलन शिक्षा संबल अभियान के तहत कोटा में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर मध्यप्रदेश के रीवा स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाली प्राची पटेल का मंच पर सम्मान किया गया. प्राची ने अपनी इस सफलता में शिक्षा संबल अभियान को एक वरदान की तरह बताया. इसी प्रकार, बाड़मेर के चौहटन क्षेत्र के एक अति निर्धन परिवार से आने वाले देराज राम की कहानी भी प्रेरणादायी रही. मजदूरी करने वाले पिता के पुत्र देराज ने अपनी मेहनत से एम्स जोधपुर में स्थान सुरक्षित किया. इन दोनों ही मेधावी छात्रों को ‘गुदड़ी के लाल स्कॉलरशिप’ के तहत उनके ग्रेजुएशन तक प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, ताकि उनकी आगे की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके.

फैकल्टीज ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल अच्छे डॉक्टर और इंजीनियर बनना ही काफी नहीं है, बल्कि एक अच्छा इंसान बने रहना भी बेहद जरूरी है. अपने परिवार और समाज की सेवा का भाव सदैव मन में रखें, क्योंकि आपके संकल्प से ही आपकी स्वयं की पहचान कायम होगी. लक्ष्य ऐसा हो कि आपके नाम से आपके परिजनों, परिवार और शहर को जाना जाए. यह भी रेखांकित किया गया कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से ही अच्छे परिणाम आते हैं. यदि हम सब मिलकर इसी तरह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे, तो बच्चों के सपने अवश्य पूरे होंगे. संस्थान हर क्षेत्र में विद्यार्थियों का भविष्य बनाने के लिए संकल्पित है. विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि उन्हें अपने संकल्प के पूरे होने तक निरंतर पढ़ते रहना चाहिए. यदि हम अपने काम पर पूरी तरह फोकस करते हुए आगे बढ़ते रहेंगे, तो निश्चित तौर पर जीवन में एक अलग मुकाम स्थापित करेंगे.

बीकानेर के सीमावर्ती क्षेत्र के गद्देवाला गाँव की निवासी माँ पालू बिश्नोई ने गर्व के साथ बताया कि उनकी दोनों बेटियों का डॉक्टर बनना उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी खुशी है. उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय कोटा को देते हुए कहा कि यह शहर उनके परिवार को हमेशा याद रहेगा. उनकी छोटी बेटी प्रतिभा बिश्नोई इस वर्ष आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं, जबकि बड़ी बेटी प्रियंका बिश्नोई का चयन वर्ष 2022 में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के लिए हुआ था.
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आईआईटी दिल्ली के अबू धाबी कैंपस में अध्ययनरत मध्य प्रदेश के नवनीत सुरेका ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि विक्ट्री कार्निवल में शामिल होना उनका एक बड़ा सपना था, जिसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी. उन्होंने कहा कि हालांकि अबू धाबी में भी कई भव्य आयोजन होते हैं, लेकिन विद्यार्थियों के सम्मान में इतना विशाल और उत्साहजनक कार्यक्रम उन्होंने वहां भी नहीं देखा. नवनीत के अनुसार, कोटा में उन्होंने जो कुछ भी सीखा और जो अनुभव प्राप्त किए, वे उन्हें जीवनभर याद रहेंगे.
First Published :
December 26, 2025, 08:04 IST
homerajasthan
कोटा: जब दो सगी बहनें एक साथ बनीं डॉक्टर! मां पालू बिश्नोई की भावुक कर देने…



