कौन हैं IPS कृष्ण कुमार विश्नोई? सीएम योगी से पाया खास मेडल, माता-पिता के साथ तस्वीर ने जीत लिया देश का दिल

Last Updated:December 30, 2025, 09:34 IST
IPS officer Krishna Kumar Bishnoi: सरहदी जिले बाड़मेर के धोरीमन्ना निवासी युवा आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी कार्यकुशलता और सख्त पुलिसिंग से राष्ट्रीय पहचान बनाई है. संभल जिले के पुलिस अधीक्षक रहते हुए उन्होंने जामा मस्जिद सर्वे के दौरान कानून-व्यवस्था को संतुलित ढंग से संभाला. इसके साथ ही एक वर्ष में 100 करोड़ से अधिक की बीमा और वित्तीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश कर 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इन्हीं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें पुलिस मंथन-2025 में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया.
सरहदी जिले के धोरीमन्ना निवासी युवा आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता से प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बाड़मेर जिले का नाम रोशन किया है. उत्तर प्रदेश के संभल जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें पुलिस मंथन-2025 सम्मेलन में बेस्ट पुलिस अवार्ड से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सौपा है.

संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान कानून-व्यवस्था को संयमित और सधे हुए तरीके से संभालने वाले आईपीएस कृष्ण बिश्नोई ने अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. उन्होंने एक वर्ष के भीतर 100 करोड़ रुपए से अधिक की बीमा और वित्तीय धोखाधड़ी का खुलासा कर एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त किया. इस गिरोह से जुड़े 17 अलग-अलग मामलों में कुल 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई उनकी प्रशासनिक दक्षता और सख्त पुलिसिंग का उदाहरण मानी जा रही है.

कृष्ण बिश्नोई ने महज 24 वर्ष की उम्र में आईपीएस बनकर इतिहास रचा है. यूपीएससी में उनकी रैंक 174 रही. आईपीएस बनने से पहले उन्होंने विदेश मंत्रालय में यूरोप-चीन मामलों से जुड़े राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में भी सेवाएं दी है. सेवा के शुरुआती वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने कुख्यात अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर 803 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त कराई, जिससे वे चर्चाओं में आए है.
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कृष्ण बिश्नोई एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता सुजानाराम बिश्नोई किसान हैं. कृष्ण की प्रारंभिक शिक्षा बाड़मेर के गांव में ही हुई है. उनकी मेहनत और प्रतिभा का ही परिणाम है कि फ्रांस सरकार ने उन्हें शिक्षा के लिए 40 लाख रुपए की अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप भी प्रदान की थी. पुलिस सम्मान अवार्ड के दौरान कृष्ण बिश्नोई अपने माता-पिता को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया है. कृष्ण कुमार विश्नोई की पहचान एक धाकड़ आईपीएस के रूप में है. वह माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए जाने जाते हैं. कृष्ण कुमार बिश्नोई मूलत: बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना निवासी हैं. उनके साथ उनके माता-पिता ने भी सीएम योगी से मुलाकात की है.

बचपन से ही केके विश्नोई पढ़ाई में तेज थे और उन्होंने 10वीं की परीक्षा सीकर के एक प्राइवेट स्कूल से फर्स्ट डिविजन में पास की. इसके बाद उन्होंने केंद्रीय विद्यालय से 12वीं की पढ़ाई की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. वे फ्रांस सरकार की स्कॉलरशिप पर पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में मास्टर डिग्री लेने गए और इसके बाद ‘द फ्लेचर स्कूल’ से भी पढ़ाई की.

केके बिश्नोई ने अपने करियर की शुरुआत एक शानदार नौकरी से की थी. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के ट्रेड सेंटर में 30 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर काम किया. हालांकि उनका दिल प्रशासनिक सेवा में था. एक साल तक इस नौकरी में काम करने के बाद उन्होंने भारत लौटने का निर्णय लिया और जेएनयू से एमफिल की डिग्री प्राप्त की. विदेश मंत्रालय में भी काम किया, लेकिन उनका सपना आईपीएस अफसर बनने का था. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी और दूसरे प्रयास में उसे पास कर आईपीएस अफसर बन गए.
First Published :
December 30, 2025, 09:34 IST
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कौन हैं IPS कृष्ण कुमार विश्नोई? जिन्हें सीएम योगी ने मेडल देकर किया सम्मानित



