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बाड़मेर की बेटी लीला कंवर का कमाल; पैरों से लिखती हैं अपनी तकदीर, भामाशाहों ने दिया 11 लाख का इनाम – हिंदी

Video: हादसे ने हाथ छीने, पर सपनों को नहीं बांध सके! देखें लीला कंवर की कहानी
Motivational Story of Leela Kanwar Barmer: बाड़मेर की लीला कंवर ने बचपन में करंट लगने से अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय पैरों से लिखना और कंप्यूटर चलाना सीखा. ग्रेजुएशन के बाद बीएसटीसी में रिजेक्शन मिलने के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा. अब भामाशाह जोगेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह चौहान ने उन्हें 11 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है. यह सहायता लीला को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार स्थापित करने में मदद करेगी. लीला की कहानी साबित करती है कि जज्बा हो तो पैरों से भी तकदीर लिखी जा सकती है.




