पाली पुलिस ने भरा मायरा, मेस कर्मचारी की बेटियों की शादी में करी ₹2.11 लाख की मदद

Last Updated:April 21, 2026, 13:42 IST
Sojat Road Police Humanitarian Help : पाली के सोजत रोड थाने में पुलिसकर्मियों ने मानवता की मिसाल पेश की है. मेस कर्मचारी मंजू बाई की बेटियों के विवाह में पूरे स्टाफ ने मिलकर ₹2.11 लाख का मायरा भरा. इस पहल से न केवल एक परिवार को सहारा मिला, बल्कि समाज और पुलिस के बीच भरोसा भी और मजबूत हुआ.
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पाली पुलिस ने भरा मायरा
पाली : पाली जिले के सोजत रोड पुलिस थाने से मानवता और सामाजिक सरोकार की एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर एक जरूरतमंद परिवार की मदद करते हुए समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है. थाने में कार्यरत मेस कर्मचारी मंजू बाई प्रजापत की दो बेटियों के विवाह के अवसर पर पुलिस स्टाफ ने सामूहिक सहयोग से ₹2.11 लाख का मायरा (भात) भरकर उनकी आर्थिक चिंता को काफी हद तक कम कर दिया.
जानकारी के अनुसार, मंजू बाई लंबे समय से सोजत रोड थाने में मेस कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं. वे अपनी बेटियों के विवाह को लेकर चिंतित थीं और सीमित संसाधनों के कारण तैयारियों में कठिनाई का सामना कर रही थीं. जैसे ही यह बात थाने के स्टाफ तक पहुंची, थानाधिकारी कमला लौहार के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने आपसी सहयोग से मदद करने का निर्णय लिया.
पुलिस स्टाफ ने जुटाए ₹2.11 लाख, मायरा तैयारइस पहल के तहत थाने के समस्त पुलिस स्टाफ ने स्वेच्छा से आर्थिक योगदान दिया और कुल ₹2 लाख 11 हजार रुपये का मायरा तैयार किया. इसमें ₹1.71 लाख की नकद राशि के साथ-साथ कपड़े, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य आवश्यक सामग्री भी शामिल की गई, ताकि विवाह की रस्में सुचारू रूप से पूरी हो सकें.
शादी में पहुंचे पुलिसकर्मी, भावुक हुआ माहौलविवाह समारोह के दौरान जब थानाधिकारी कमला लौहार और अन्य पुलिसकर्मी मायरा लेकर पहुंचे, तो माहौल भावुक हो गया. मंजू बाई ने सभी पुलिसकर्मियों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और साफा पहनाकर स्वागत किया. इस दौरान उनके चेहरे पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी. परिवार के अन्य सदस्यों और उपस्थित लोगों ने भी पुलिसकर्मियों के इस कदम की सराहना की.
खाकी का मानवीय चेहरा, हर तरफ हो रही सराहनाइस अवसर पर प्रजापत समाज के गणमान्य लोगों ने भी पुलिस प्रशासन के इस मानवीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं. यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और संवेदनशीलता का प्रतीक है. खाकी वर्दी के इस मानवीय चेहरे की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है. आमतौर पर पुलिस को केवल कानून व्यवस्था तक सीमित भूमिका में देखा जाता है, लेकिन इस घटना ने यह साबित किया है कि पुलिस समाज के हर वर्ग के सुख-दुख में भागीदार बनने की क्षमता रखती है.
पुलिस पहल से बढ़ा भरोसा, बना मदद का उदाहरणयह पहल समाज और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करने का भी काम करती है. इससे यह संदेश जाता है कि पुलिस केवल सुरक्षा देने वाली संस्था नहीं, बल्कि जरूरत के समय सहारा बनने वाली संवेदनशील व्यवस्था भी है. सोजत रोड थाने की यह पहल निश्चित रूप से अन्य संस्थानों और लोगों को भी प्रेरित करेगी कि वे जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
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First Published :
April 21, 2026, 13:42 IST



