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Business Idea: खाद-बीज का करना चाहते हैं बिजनेस, तो करें ये काम आसानी से मिल जाएगा लाइसेंस, होगी अच्छी कमाई!

Last Updated:February 07, 2026, 09:57 IST

Agri Seed and fertilizer shop licence: बेरोजगार युवाओं के लिए यह खबर बेहद काम की है. अगर आप मैट्रिक पास हैं, नौकरी की तलाश कर रहे हैं या खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो खाद, बीजऔर दवाई की दुकान आपके लिए एक अच्छा विकल्प बन सकती है. यह ऐसा बिजनेस है, जिससे हजारों लोग सालों से अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं लेकिन इस कारोबार को शुरू करने से पहले सरकारी नियम, ट्रेनिंग, लाइसेंस और लागत की पूरी जानकारी होना जरूरी है. अगर नियम पूरे नहीं किए गए, तो लाइसेंस नहीं मिलता. (रिपोर्ट:सावन पाटिल/खंडवा)

मध्य प्रदेश के खंडवा के जय किसान कृषि क्लिनिक के एक्सपर्ट सुनील पटेल लोकल 18 को बताते हैं कि खाद-बीज का व्यापार आज भी एक मजबूत बिजनेस है लेकिन इसे शुरू करने के लिए सबसे जरूरी है कृषि विभाग से मिलने वाला लाइसेंस. बिना लाइसेंस दुकान खोलना पूरी तरह अवैध है. यह लाइसेंस जिला स्तर पर जारी किया जाता है.

एक्सपर्ट सुनील पटेल के मुताबिक, अगर आप खाद और दवाई (कीटनाशक) का व्यापार करना चाहते हैं, तो आपका बीएससी एग्रीकल्चर, एमएससी एग्रीकल्चर या बीएससी केमिस्ट्री होना जरूरी है लेकिन अगर आप सिर्फ बीज का व्यापार करना चाहते हैं, तो इसके लिए डिग्री जरूरी नहीं है. बीज व्यापार में शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता नहीं रखी गई है.

लाइसेंस लेने से पहले अभ्यर्थी को 15 दिन की आवासीय ट्रेनिंग करनी होती है. यह ट्रेनिंग कृषि महाविद्यालय द्वारा कराई जाती है. इस दौरान खाद और बीज के भंडारण, गुणवत्ता, नियंत्रण, किसानों को सही सलाह देना, दवाई के सुरक्षित उपयोग की जानकारी, सरकारी नियम और रिकॉर्ड संधारण ट्रेनिंग दी जाती है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद परीक्षा होती है, जिसे पास करना अनिवार्य होता है.

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ट्रेनिंग और परीक्षा पास करने के बाद जिला कृषि अधिकारी के पास आवेदन किया जाता है. कृषि विभाग द्वारा दुकान स्थल की जांच होती है. सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर खाद, बीज और दवाई विक्रय लाइसेंस जारी किया जाता है. शुरुआत में 8 से 10 लाख रुपये तक के निवेश की जरूरत होती है. इसके बाद व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार निवेश बढ़ा सकता है.

ट्रेनिंग और परीक्षा पास करने के बाद जिला कृषि अधिकारी के पास आवेदन किया जाता है. कृषि विभाग द्वारा दुकान स्थल की जांच होती है. सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर खाद, बीज और दवाई विक्रय लाइसेंस जारी किया जाता है. शुरुआत में 8 से 10 लाख रुपये तक के निवेश की जरूरत होती है. इसके बाद व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार निवेश बढ़ा सकता है.

इसमें शामिल होता है दुकान का किराया या खुद की दुकान, खाद, बीज और दवाई का शुरुआती स्टॉक रैक, गोदाम व्यवस्था, लाइसेंस और अन्य दस्तावेज खर्च. लाइसेंस मिलने के बाद भी कुछ नियमों का पालन अनिवार्य होता है, जैसे- तय रेट पर ही खाद-बीज बेचना, एक्सपायरी दवाई नहीं रखना, किसानों को गलत जानकारी नहीं देना, स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रिकॉर्ड रखना. कृषि विभाग समय-समय पर दुकान की जांच भी करता है.

सुनील पटेल बताते हैं कि आजकल हर शहर और कस्बे में युवा इस फील्ड में आ रहे हैं, इसलिए प्रतिस्पर्धा भी बढ़ गई है. इसमें टिके रहने के लिए ईमानदारी, सही मार्गदर्शन और किसानों का भरोसा सबसे जरूरी है. अगर आप नियमों के साथ काम करें, सही जानकारी रखें और किसानों को सही सलाह दें, तो खाद, बी और दवाई की दुकान एक स्थायी और भरोसेमंद रोजगार बन सकती है, खासकर ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है.

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February 07, 2026, 09:57 IST

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