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Kedarnath heart attack Safety Tips: केदारनाथ यात्रा के पहले दिन युवक की हार्ट अटैक से मौत, ट्रैक पर जाने से पहले करवाएं ये टेस्ट

Last Updated:April 23, 2026, 19:12 IST

Kedarnath Yatra 1St Day Man Died Of Heart Attack: 22 अप्रैल से केदारनाथ का कपाट खुल गया है. हजारों की संख्या में लोग यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. इस बीच यात्रा के पहले ही दिन एक युवक के हार्ट अटैक से मौत की खबर सामने आयी है. ऐसे में यदि आप भी केदारनाथ की ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो जाने से पहले ये दो टेस्ट जरूर करवा लें.

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केदारनाथ यात्रा में युवक की हार्ट अटैक से मौत, जाने से पहले करवाएं ये टेस्टZoom

उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में शामिल होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक है. 22 अप्रैल 2026 को दर्शन के लिए मंदिर के कपाट को खोल दिया गया है. पिछले कुछ सालों में केदारनाथ यात्रा का क्रेज युवाओं में काफी बढ़ा है. इसका पूरा क्रेडिट सोशल मीडिया को जाता है. दुख की बात ये है कि फोटो खिंचवाने और रील बनाने के सुर में लोग ये भूल गए हैं, कि ये एक मंदिर है जो कि पहाड़ों के बीच ऊंचाईयों पर स्थिति है. यहां पहुंचने के लिए आपका शरीरिक रूप से फिट रहना बहुत जरूरी है.

खुद की सेहत को नजरअंदाज करके पहाड़ों पर ट्रैक करने जाना जानलेवा भी साबित हो सकता है. ऐसा ही कुछ केदारनाथ की यात्रा के पहले दिन गुजरात के एक युवक के साथ हुआ. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, युवक को यात्रा के दौरान हार्ट अटैक आया जिसके बाद उसकी मौत हो गयी. ये घटना उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है जो फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं और बैग उठाकर सीधे अपनी चेयर से पहाड़ों में ट्रैक के लिए पहुंच जाते हैं. हार्ट डिजीज स्पेशलिस्ट डॉ. रिपेन गुप्ता, वाइस चेयरमैन एवं यूनिट हेड – कार्डियोलॉजी, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत इसलिए सेफ साइड के लिए जरूरी है कि ट्रिप प्लान करने से पहले आप इन दो टेस्ट को जरूर करवा लें.

हार्ट अटैक से बचाव के लिए जरूरी ये 2 टेस्ट

टीएमटी टेस्ट- टीएमटी यानी कि ट्रेडमील टेस्ट कहा जाता है. ये एक डायग्नोस्टिक टेस्ट है जिसका उपयोग तनाव के दौरान दिल की प्रतिक्रिया को जांचने के लिए किया जाता है. यह टेस्ट मुख्य रूप से कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) यानी दिल की धमनियों में ब्लॉकेज का पता लगाने और हार्ट की कार्यक्षमता को समझने के लिए किया जाता है.

TMT Test कैसे किया जाता है- टीएमटी टेस्ट के दौरान मरीज को ट्रेडमिल पर चलाते हैं. इसमें धीरे-धीरे स्पीड और झुकाव बढ़ाया जाता है. इस दौरान मरीज की हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम को लगातार मॉनिटर किया जाता है. यह टेस्ट यह दिखाता है कि शरीर की फिजिकल एक्टिविटी के दौरान दिल कितना अच्छे से काम करता है, यानी रोजमर्रा के तनाव जैसी स्थिति में हार्ट कैसे प्रतिक्रिया देता है.

जरूरत क्यों होती है? टीएमटी टेस्ट हार्ट की सेहत को जांचने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) को पहचानने में. ट्रेडमिल पर एक्सरसाइज के दौरान हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और ECG की जांच करके यह टेस्ट गड़बड़ी का पता लगाने में मदद करता है, जो CAD की ओर संकेत कर सकती है. यह एक नॉन-इनवेसिव (बिना सर्जरी वाला) टेस्ट है, जो दिल की बीमारियों की जल्दी पहचान और सही मूल्यांकन में मदद करता है.

ECG टेस्ट- इसीजी का फुलफॉर्म इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम टेस्ट होता है जो कि एक सरल और नॉन-इनवेसिव टेस्ट है. इसे दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है. इसकी मदद से अनियमित धड़कन, कोरोनरी हार्ट डिजीज का पता लगाया जाता है.डॉक्टर ECG की सलाह तब देते हैं जब व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना, बेहोशी, दिल का तेज, फड़फड़ाना, धड़कना या जोर से धड़कने जैसा एहसास जैसे लक्षण दिखते हैं. इसके अलावा ECG का उपयोग यह देखने के लिए भी किया जाता है कि हार्ट की बीमारी के इलाज जैसे दवाइयां या कार्डियक डिवाइस सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं.

ECG टेस्ट कैसे किया जाता है? इस टेस्ट को करने के लिए छाती, बांहों और पैरों पर छोटे-छोटे चिपचिपे डॉट (इलेक्ट्रोड) और तार लगाए जाते हैं. ये तार ईसीजी मशीन (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ) से जुड़े होते हैं, जो हार्ट की मांसपेशियों की इलेक्ट्रोनिक एक्टिविटी को रिकॉर्ड करती है और इसे स्क्रीन या कागज पर ट्रेस के रूप में प्रदर्शित करती है.

इन लक्षणों पर भी नजर रखेंयदि आपको पहाड़ों पर चढ़ते वक्त सीने के बीचों-बीच दबाव या जलन महसूस हो रही है या बहुत ज्यादा पसीना आना और अचानक घबराहट होना, गर्दन, जबड़े या बाएं कंधे में खिंचाव महसूस होना, आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आना जैसे लक्षण दिखते हैं तो इन्हें इग्नोर न करें.

About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें

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New Delhi,Delhi

First Published :

April 23, 2026, 19:12 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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