Rajasthan

AI से बनाया फेक वीडियो, वसुंधरा राजे को लेकर फैलाया भ्रम, 3 कांग्रेस IT सेल कार्यकर्ता सहित चार गिरफ्तार

Last Updated:April 23, 2026, 07:14 IST

Vasundhara Raje Fake Video Case: राजस्थान के पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को लेकर फर्जी खबर फैलाने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें तीन लोग कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े बताए जा रहे हैं. आरोप है कि एआई तकनीक से फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसमें राजे द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन’ कानून की आलोचना दिखाने की कोशिश की गई. राजे ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया. पुलिस के अनुसार वीडियो को असली दिखाने के लिए चैनल लोगो, एंकर आवाज और स्टूडियो विजुअल्स का इस्तेमाल किया गया.

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AI से बनाया फेक वीडियो, वसुंधरा राजे को लेकर भ्रम फैलाने वाले चार गिरफ्तारZoomराजस्थान के पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को लेकर फर्जी खबर फैलाने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है

जयपुर: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर फर्जी खबर फैलाने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े बताए जा रहे हैं. आरोप है कि इन लोगों ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर एक फर्जी वीडियो तैयार किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया. इस वीडियो में दावा किया गया था कि वसुंधरा राजे ने ‘नारी शक्ति वंदन’ कानून को लेकर भाजपा की आलोचना की है, जबकि राजे ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया.

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वीडियो को विश्वसनीय बनाने के लिए एक स्थानीय टीवी चैनल का लोगो, एंकर की आवाज और स्टूडियो विजुअल्स का इस्तेमाल किया था, जिससे लोगों को भ्रमित किया जा सके. इस वजह से कई सोशल मीडिया यूजर्स इसे सच मान बैठे और वीडियो तेजी से वायरल हो गया. हालांकि वसुंधरा राजे ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की.

फर्जी वीडियो के अलावा कथित पत्र भी किया था तैयार

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने न केवल फर्जी वीडियो बनाया, बल्कि वसुंधरा राजे के नाम से एक कथित पत्र भी तैयार किया. यह पत्र आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को संबोधित बताया गया, जिसमें प्रधानमंत्री पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर भ्रामक आरोप लगाए गए थे. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की सामग्री का उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और राजनीतिक भ्रम फैलाना था.

इन चार लोगों को किया गया है गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश निवासी बिलाल खान (27), इनाम अहमद (29) और निखिल प्रजापत (22) के रूप में हुई है. इनके साथ पंजाब की अमृता धुमल (37) को भी हिरासत में लिया गया. जानकारी के मुताबिक, इन सभी को पहले मध्य प्रदेश पुलिस ने मंगलवार को डिटेन किया था, जिसके बाद बुधवार को औपचारिक गिरफ्तारी की गई.

पुलिस मामले की कर रही है जांच

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस फर्जी कंटेंट को तैयार करने और फैलाने के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि इस साजिश का मकसद क्या था और इसे किस स्तर पर अंजाम दिया गया. पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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Location :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

April 23, 2026, 07:14 IST

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