Rajasthan

झोपड़ी से उठाकर ले गए कुत्ते, डेढ़ महीने के बच्चे की दर्दनाक मौत, पूरे गांव में पसरा मातम

Last Updated:April 28, 2026, 10:28 IST

Ajmer Dog Attack News: राजस्थान के अजमेर जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है. पीसांगन क्षेत्र के कालेसरा गांव में महज डेढ़ महीने के मासूम बच्चे ‘आकाश’ की आवारा कुत्तों के हमले के बाद इलाज के दौरान जवाहर लाल नेहरू (JLN) अस्पताल में मौत हो गई. यह दर्दनाक घटना 24 अप्रैल को हुई थी, जब बच्चा अपनी झोपड़ी में खाट पर सो रहा था. तब ही 4-5 आवारा कुत्तों ने सोते हुए मासूम पर अचानक हमला कर दिया और उसे खाट से नीचे खींच लिया. कुत्तों ने बच्चे को इतनी बुरी तरह नोंचा कि उसकी आंतें बाहर आ गई थीं. गंभीर हालत में बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने के लिए भरसक प्रयास किए, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि मासूम जिंदगी की जंग हार गया. पिता मकराम और माता कलेम का रो-रोकर बुरा हाल है.

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Dog Attack: झोपड़ी से उठाकर ले गए कुत्ते, डेढ़ महीने के बच्चे की दर्दनाक मौतZoomझोपड़ी से मासूम बच्चे को उठाकर ले गए कुत्ते (सांकेतिक फोटो)

अजमेर: अजमेर जिले के पीसांगन क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आई है. यहाँ आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए डेढ़ महीने के मासूम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस घटना ने न केवल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं, बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है.

यह पूरी घटना अजमेर के पीसांगन उपखंड के कालेसरा गांव की है. जहां 24 अप्रैल को मकराम और कलेम का डेढ़ महीने का बेटा आकाश अपनी झोपड़ी में एक खाट पर शांति से सो रहा था. माता-पिता अपने काम में व्यस्त थे, तभी अचानक 4 से 5 आवारा कुत्तों ने झोपड़ी में घुस गए. कुत्तों ने सोते हुए मासूम पर हमला बोल दिया और उसे खाट से नीचे खींच लिया.

बाहर आ गई थीं मासूम की आंतेंकुत्तों का हमला इतना हिंसक था कि उन्होंने बच्चे के पेट और नाजुक अंगों को बुरी तरह नोंच डाला. चश्मदीदों और परिजनों के अनुसार, हमले के कारण मासूम की आंतें शरीर से बाहर आ गई थीं. जब तक परिजन मौके पर पहुँचते और कुत्तों को भगाते, तब तक बच्चा लहूलुहान होकर अचेत हो चुका था. ग्रामीण तुरंत बच्चे को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे, जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अजमेर के जवाहर लाल नेहरू (JLN) अस्पताल रेफर कर दिया गया.

JLN अस्पताल में इलाज के दौरान मौतअस्पताल प्रशासन के अनुसार, बच्चे को अत्यंत गंभीर (Critical) अवस्था में भर्ती किया गया था. डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने मासूम को बचाने के लिए बेहतर प्रयास किए और उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया. हालांकि, घाव इतने गहरे थे और शरीर में संक्रमण इतना फैल चुका था कि डॉक्टर उसे बचा नहीं सके. अंततः, इलाज के दौरान आकाश की सांसें थम गईं.

उजड़ गई माता-पिता की दुनियामासूम आकाश की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई. पिता मकराम और माता कलेम का रो-रोकर बुरा हाल है. वे बार-बार प्रशासन और अपनी किस्मत को कोस रहे हैं. जिस मासूम को उन्होंने कुछ दिन पहले अपनी गोद में लिया था, आज उसे कंधा देने की नौबत आ गई. इस घटना के बाद कालेसरा गांव में भी गहरा शोक व्याप्त है और ग्रामीणों में आवारा कुत्तों को लेकर भारी रोष है.

आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे की ओर एक बड़ा इशारायह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे की ओर एक बड़ा इशारा है. ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन नगर निगम या स्थानीय प्रशासन ने इनकी धरपकड़ के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए. मासूम आकाश की जान जाने के बाद अब ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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Location :

Ajmer,Rajasthan

First Published :

April 28, 2026, 10:28 IST

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