महाराजा मानसिंह के दौर की विरासत आज भी जिंदा, एक ऐसी दुकान जहां संगीत का इतिहास सांस लेता है! – हिंदी

जयपुर का ‘म्यूजिक मैन’: जिसके पास है 1500 ऐतिहासिक वाद्ययंत्रों का भंडार!
Jaipur Music Instruments Museum Abdul Aziz Collection: जयपुर के रामगढ़ मोड़ पर रहने वाले अब्दुल अजीज ने अपने पूर्वजों की 100 साल पुरानी संगीत विरासत को बड़े ही जुनून के साथ सहेज कर रखा है. उनके दादा-परदादा जयपुर के महाराजा मानसिंह के नक्कार खाने में मुलाजिम थे और तभी से यह वाद्ययंत्रों को संजोने का सिलसिला शुरू हुआ था. आज उनके पास 1500 से अधिक दुर्लभ वाद्ययंत्रों का विशाल संग्रह मौजूद है, जिसमें खाल, गाल और बाल तीनों श्रेणियों के साज शामिल हैं. इस खजाने में तानसेन का रबाव, बहादुर शाह जफर के दौर की सितार और मुगलकालीन नरसिंघा जैसे ऐतिहासिक वाद्ययंत्र सुरक्षित हैं. उनके संग्रह की महत्ता इतनी अधिक है कि जोधा-अकबर और पीके जैसी लगभग 25 बॉलीवुड फिल्मों में इन वाद्ययंत्रों का उपयोग किया जा चुका है. इसके अलावा, इनके द्वारा सहेजे गए खास साज आज ऑस्ट्रेलिया और स्पेन के अंतरराष्ट्रीय संग्रहालयों की शोभा बढ़ा रहे हैं. अब्दुल अजीज अब सरकार से इन दुर्लभ साजों के लिए एक स्थाई संग्रहालय बनाने की गुहार लगा रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियां भी संगीत के इस गौरवशाली इतिहास को देख सकें और यह अमूल्य धरोहर हमेशा के लिए संरक्षित हो सके.




