Hantavirus in luxury Atlantic cruise MV Hondius : 38 लाख टिकट वाले लग्जरी क्रूज पर फैली ऐसी बीमारी, ‘अछूत’ हुए 170 यात्री

अटलांटिक महासागर की लहरों पर लग्जरी वैकेशन के लिए निकले यात्रियों को बीच समंदर में भयानक बीमारी ने पकड़ लिया है. एक टिकट के लिए 38 लाख रुपए खर्च करने वाले 170 यात्री अब इतने अछूत हो चुके हैं कि उन्हें जहाज से नीचे उतरने तक की इजात नहीं मिल रही है. जहाज पर लोग तड़प-तड़प कर मर रहे हैं और लाखों रुपए लेने वाली कंपनी उन्हें जहाज पर खत पहुंचाकर मास्क ना उतारने की सलाह दे रही है. ये किसी हॉरर फिल्म की कहानी नहीं है बल्कि लग्जरी क्रूज जहाज MV Hondius की हकीकत है.
हंता वायरस के मरीजों को देख देश ने दूर से जोड़े हाथ
MV Hondius पर चूहों से जानलेवा हंता वायरस (Hantavirus) फैल गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पुष्टि की है कि इस बीमारी की चपेट में आने से अब तक 3 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. फिलहाल ये जहाज केप वर्डे के तट पर लंगर डाले खड़ा है, लेकिन संक्रमण फैलने के डर से स्थानीय प्रशासन यात्रियों को नीचे उतरने की इजाजत नहीं दे रहा है.
जहाज पर सवार करीब 170 यात्रियों और 71 क्रू सदस्यों के लिए स्थिति ‘नरक’ जैसी हो गई है. क्रूज कंपनी Oceanwide Expeditions ने यात्रियों को पत्र लिखकर मास्क पहनने और एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी है. यात्रियों का कहना है कि वो जहाज पर दहशत के बीच फंसे हुए हैं और केप वर्डे प्रशासन से उतरने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं.
ये जहाज अर्जेंटीना के उशुआया से रवाना हुआ था और अंटार्कटिका व सेंट हेलेना होते हुए केप वर्डे पहुंचा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि या तो जहाज चूहों के मल-मूत्र से संक्रमित हुआ है या फिर किसी यात्री के जरिए ‘एंडिस’ वेरिएंट फैला है, जिसमें इंसानों से इंसानों में फैलने की क्षमता होती है.
क्या है जानलेवा हंता वायरल?
हंता वायरस चूहों के मूत्र, लार या मल के संपर्क में आने से फैलता है. ये इंसानों में ‘हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम’ जैसी घातक बीमारी पैदा करता है, जिसमें फेफड़ों में गंभीर समस्या होती है. इसके शुरुआती लक्षण तेज बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और पेट की समस्या के तौर पर दिखाई देते हैं. सीडीसी (CDC) के मुताबिक, सांस संबंधी लक्षण पैदा होने पर मौत के चांसेसे 38% तक बढ़ जाते हैं. इस वायरस का फिलहाल कोई सटीक इलाज या वैक्सीन नहीं है, केवल लक्षणों के आधार पर उपचार किया जाता है.
जहाज पर फंसे लोगों के साथ आगे क्या होने वाला है?
WHO और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं और वायरस के म्यूटेशन को समझने के लिए ‘सीक्वेंसिंग’ की जा रही है. अगर केप वर्डे से अनुमति नहीं मिलती है तो जहाज को 1,000 मील दूर स्पेन के कैनरी द्वीप समूह की ओर मोड़ा जा सकता है. ब्रिटिश विदेश मंत्रालय भी स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है.
हंता वायरस की चपेट में आए लोगों की हॉरर स्टोरी
मिड डे के मुताबिक इस वायरस ने सबसे पहले एक डच दंपति को अपना शिकार बनाया. 70 वर्षीय डच यात्री की मौत जहाज पर ही हो गई, जिसके बाद उसका शव सेंट हेलेना में उतारा गया. वहीं, उनकी पत्नी दक्षिण अफ्रीका के एक एयरपोर्ट पर घर लौटने के दौरान अचानक गिर पड़ीं और अस्पताल में उनकी मौत हो गई. इसके अलावा, एक 70 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे जोहान्सबर्ग के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.



