Agricultural Tips | अनाज भंडारण के वैज्ञानिक तरीके | अनाज को सड़ने और कीटों से कैसे बचाएं?

Last Updated:May 09, 2026, 06:36 IST
Agricultural Tips: रबी कटाई के बाद अनाज को सुरक्षित रखने के लिए डॉ. वी.एस. जैतावत ने वैज्ञानिक भंडारण की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि नमी मुक्त अनाज और उपचारित बोरियों का ही इस्तेमाल करें. इसके साथ ही, खाली खेतों की मिट्टी और पानी की जांच करवाने का यह सबसे सही समय है ताकि खरीफ फसल में संतुलित खाद का प्रयोग कर लागत कम और पैदावार बढ़ाई जा सके. खड़ी सब्जी फसलों में कीट नियंत्रण के लिए कीटनाशकों के सीमित और सही उपयोग की हिदायत दी गई है ताकि मिट्टी और फसल दोनों सुरक्षित रहें.
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Jodhpur. रबी फसलों की कटाई का कार्य लगभग अंतिम चरण में है और अब किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने खून-पसीने की कमाई यानी अनाज को सुरक्षित रखने और आने वाली खरीफ फसलों के लिए खेतों को तैयार करने की है. कृषि विश्वविद्यालय के कुल गुरु डॉ. वी.एस. जैतावत ने किसानों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी करते हुए वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा है कि कटाई के बाद की गई थोड़ी सी लापरवाही साल भर की मेहनत पर पानी फेर सकती है, इसलिए भंडारण से लेकर मिट्टी प्रबंधन तक हर कदम सावधानी से उठाना जरूरी है.
डॉ. वी.एस. जैतावत ने सलाह देते हुए कहा है कि अनाज को गोदाम या कोठार में रखने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उसमें नमी बिल्कुल न हो. यदि अनाज पूरी तरह सूखा नहीं होगा, तो उसमें कीट, घुन और फफूंद लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. भंडारण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बोरियों को भी कीटनाशक (इंसेक्टिसाइड) के घोल से उपचारित करना चाहिए. उपचार के बाद बोरियों को कड़ी धूप में अच्छी तरह सुखाकर ही उनमें अनाज भरें. भंडारण का स्थान पूरी तरह साफ, हवादार और नमी मुक्त होना चाहिए ताकि अनाज की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे.
मिट्टी और पानी की जांच का सही समयफसल कटाई के बाद खाली हुए खेत अगली फसल की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण होते हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह सबसे उपयुक्त समय है जब किसान अपने खेतों की मिट्टी और सिंचाई के पानी की जांच करवा लें. मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) से यह स्पष्ट हो जाता है कि जमीन में किन पोषक तत्वों की कमी है और किनकी अधिकता है. इसी रिपोर्ट के आधार पर किसान आगामी खरीफ फसल के लिए संतुलित उर्वरकों का चयन कर सकते हैं. इससे न केवल खेती की लागत में कमी आएगी, बल्कि पैदावार में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी और मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी.
सब्जी फसलों में कीट प्रबंधन अनिवार्यवर्तमान में जिन खेतों में सब्जियां खड़ी हैं, वहां बढ़ते तापमान के कारण कीटों और रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसान नियमित रूप से फसलों का निरीक्षण करें. कीटों के नियंत्रण के लिए केवल अनुशंसित मात्रा में ही कीटनाशक और फफूंदनाशक दवाओं का प्रयोग करें. दवाओं का अनियंत्रित या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल फसल की गुणवत्ता बिगाड़ने के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है. सही समय पर पहचान और वैज्ञानिक उपचार अपनाकर किसान अपनी सब्जी की फसल को भारी नुकसान से बचा सकते हैं और बाजार में बेहतर दाम प्राप्त कर सकते हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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