RTO जानें की नहीं जरूरत, घर बैठे बनावाएं ड्राइविंग लाइसेंस, जानिए ऑनलाइन आवेदन का आसान तरीका

Last Updated:May 09, 2026, 11:36 IST
How To Apply For Driving License: ऑनलाइन सुविधा के जरिए अब घर बैठे ही लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है. आज हम आपको आसान तरीके से बताएंगे कि कैसे मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से कुछ जरूरी दस्तावेजों के साथ आप खुद अपना लर्निंग लाइसेंस बना सकते हैं और बाद में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट भी दे सकते हैं.
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Driving License Apply. अगर आप वाहन चलाना सीख रहे हैं और लर्निंग लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं, तो अब इसके लिए लंबी लाइनों में लगने या बार-बार आरटीओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है. सरकार की ऑनलाइन सुविधा के जरिए अब घर बैठे ही लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है. आज हम आपको आसान तरीके से बताएंगे कि कैसे मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से कुछ जरूरी दस्तावेजों के साथ आप खुद अपना लर्निंग लाइसेंस बना सकते हैं और बाद में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट भी दे सकते हैं.
अजमेर जिला परिवहन अधिकारी मुकुल वर्मा ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदक को सिटीजन एंड पे वाहन पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होता है. आवेदन प्रक्रिया आधार कार्ड से जुड़े ओटीपी वेरिफिकेशन के जरिए पूरी की जाती है. इसके बाद पोर्टल पर ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा से जुड़ा एक ट्यूटोरियल दिखाई देता है, जिसे ध्यान से देखना जरूरी होता है. ट्यूटोरियल पूरा होने के बाद ऑनलाइन टेस्ट देना होता है. टेस्ट पास करते ही लर्निंग लाइसेंस ऑनलाइन जारी हो जाता है. उन्होंने बताया कि जो लोग मोबाइल और इंटरनेट का सामान्य उपयोग जानते हैं, वे थोड़ी कोशिश करके खुद ही आवेदन कर सकते हैं.
एक महीने बाद दे सकते हैं ड्राइविंग टेस्टपरिवहन विभाग के अनुसार लर्निंग लाइसेंस बनने के बाद व्यक्ति को कम से कम एक महीने तक वाहन चलाने का अभ्यास करना जरूरी होता है. इस दौरान चालक को ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग की अच्छी समझ विकसित करनी चाहिए. यदि किसी को वाहन चलाना पूरी तरह नहीं आता, तो वह छह महीने तक अभ्यास कर सकता है. इसके बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आरटीओ कार्यालय या ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर में जाकर ड्राइविंग टेस्ट देना होता है. राजस्थान के कई जिलों में अब ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर शुरू हो चुके हैं, जहां कैमरा और सेंसर आधारित सिस्टम से ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता है.
टेस्ट पास करते ही जारी हो जाता है ड्राइविंग लाइसेंसवर्मा ने बताया कि ड्राइविंग टेस्ट में वाहन नियंत्रण, ट्रैफिक नियमों की जानकारी और सुरक्षित ड्राइविंग को परखा जाता है. कई जगहों पर नंबरिंग और ऑटोमेटेड मूल्यांकन प्रणाली के जरिए उम्मीदवार की क्षमता जांची जाती है. टेस्ट सफलतापूर्वक पास करने के बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है. परिवहन विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि बिना लाइसेंस वाहन न चलाएं और पहले नियमों के अनुसार प्रशिक्षण लेकर ही सड़क पर उतरें, ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके और यातायात व्यवस्था सुरक्षित बनी रहे.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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