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चाय का नया हेल्दी अंदाज! बुंदेली हर्बल टी से पाएं तुरंत ताजगी और दिनभर की थकान गायब

Last Updated:May 09, 2026, 13:31 IST

Sidhi News: शहर के वन उत्पादन केंद्र में मिलने वाली बुंदेली हर्बल चाय गर्मियों में लोगों को ठंडक और ताजगी दे रही है. प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार यह चाय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जा रही है. गर्मी से बचाव में मदद मिलती है और इसलिए लोग इसे अपने रूटीन में शामिल कर रहे हैं.

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में इन दिनों वन उत्पादन केंद्र की बुंदेली हर्बल चाय लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. गर्मी के मौसम में लोग अब पारंपरिक चाय और ठंडे पेय पदार्थों की जगह प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में तुलसी, अदरक, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च, अर्जुन छाल और सौंफ जैसी औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार यह हर्बल चाय लोगों को स्वाद के साथ सेहत का लाभ भी दे रही है. वन उत्पादन केंद्र में तैयार की जा रही इस चाय में पेपरमिंट, कैमोमाइल और लेमनग्रास जैसी जड़ी-बूटियों का भी उपयोग किया जा रहा है. इन प्राकृतिक तत्वों की वजह से यह चाय शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ पेट संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक मानी जा रही है. गर्मी के मौसम में यह चाय ताजगी देने के साथ शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है.

हर्बल कैफे कैसे बनती है?हर्बल कैफे की कर्मचारी अनुप्रिया कुशवाहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि बुंदेली हर्बल चाय बघेलखंड क्षेत्र की पारंपरिक औषधीय जड़ी-बूटियों से बनाई जाती है. इसमें अर्जुन छाल, तुलसी, दालचीनी और सौंफ जैसे तत्व शामिल होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. यह चाय पाचन तंत्र को मजबूत करने, हृदय स्वास्थ्य बेहतर बनाने और वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक मानी जाती है.

इस हर्बल चाय का निर्माण ग्राम तिलवानी की राज लक्ष्मी बंधन स्व-सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं. इस पहल से गांव की महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है. महिलाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जड़ी-बूटियों को एकत्र कर पारंपरिक विधि से चाय तैयार कर रही हैं. इससे स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है.

आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा के अनुसार हर्बल चाय शरीर में बढ़े कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने, एसिडिटी कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है. विशेष रूप से अर्जुन छाल से बनी चाय हृदय को मजबूत करने के लिए उपयोगी मानी जाती है. उन्होंने बताया कि इसे बनाने के लिए एक कप पानी में लगभग एक ग्राम हर्बल मिश्रण डालकर उबालना चाहिए. इसके बाद छानकर इसमें गुड़ या देसी खांड मिलाकर सेवन किया जा सकता है. प्राकृतिक स्वाद और सुगंध से भरपूर यह चाय गर्मियों में लोगों को ताजगी और स्वास्थ्य दोनों प्रदान कर रही है.

About the AuthorDeepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining she has worked with Re…और पढ़ें

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Sidhi,Madhya Pradesh

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