उत्तर प्रदेश के बाद अब राजस्थान में भजनलाल मत्रिमंडल के विस्तार पर टिकी निगाहें

Last Updated:May 11, 2026, 14:02 IST
Bhajanlal Cabinet Expansion : उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार हो गया है. राजस्थान में भी बीजेपी की भजनलाल सरकार ढाई साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही है. यहां भी बेसब्री से मंत्रिमंडल के विस्तार का इंतजार किया जा रहा है. सीएम के बार-बार दिल्ली दौरों से इसके कयास और तेज हो रहे हैं. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ समय में सूबे की भजनलाल सरकार का भी विस्तार हो सकता है. 
राजस्थान की भजनलाल सरकार अपना आधा कार्यकाल पूरा करने वाली है.
जयपुर. पश्चिम बंगाल और असम समेत पांच राज्यों हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम के बाद देशभर में बीजेपी पार्टी में जबर्दस्त उत्साह का माहौल है. जीत के उत्साह से लबरेज बीजेपी ने आगे जिन राज्यों में चुनाव होने हैं वहां के लिए तैयारियां शुरू कर दी है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार कर आगामी विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने की शुरुआत की जा चुकी है. वहीं राजस्थान की भजनलाल सरकार भी अब ढाई साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही है. राजस्थान में बीजेपी नेता और कार्यकर्ता भजनलाल मंत्रिमंडल के विस्तार की आस लगाए बैठे हैं. लंबे समय से इसका इंतजार हो रहा है.
यूपी के बाद अब माना जा रहा है कि राजस्थान में भी कभी वह शुभ घड़ी जल्द आ सकती है. सीएम भजनलाल शर्मा के बार-बार हो रहे दिल्ली दौरों को इसी कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है. सीएम भजनलाल शर्मा के हालिया दिल्ली दौरे के बाद इस कयासों की चर्चा और तेज हो गई. पार्टी के नए अध्यक्ष नीतिन नवीन भी बीते दिनों राजस्थान का दौरा कर यहां संगठन की नब्ज टटोल चुके हैं. सूबे में मंत्रिमंडल में अभी 6 पद खाली हैं. राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटें हैं. कुल सीटों का 15 फीसदी हिस्सा मंत्रिमंडल में शामिल हो सकता है. इस लिहाज से राजस्थान में सीएम समेत कुल 30 मंत्री हो सकते हैं. फिलहाल राजस्थान में भजनलाल कैबिनेट में 23 मंत्री हैं. सीएम समेत कुल 24 सदस्यों का मंत्रिमंडल है.
कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं बार-बार होती रही है
हालांकि राजस्थान में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं बार-बार होती रही है. सीएम भजनलाल शर्मा जब भी दिल्ली दौरे पर जाते हैं तो इन चर्चाओं को और भी बल मिलने लगता है. सियासी गलियारों में जातीय राजनीतिक समीकरणों का गुणा भाग होने लगता है. राजनीति के जानकारों के अनुसार इसके पीछे एक बड़ी वजह पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव भी थे. क्योंकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का पूरा फोकस पांचों राज्यों खास तौर पर पश्चिम बंगाल और असम पर था. लेकिन अब पांचों राज्यों के चुनाव हो चुके हैं. लिहाजा अब पार्टी ने अपनी सरकारों वाले राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की फोकस कर रही है. इसी कड़ी में सबसे पहला नंबर यूपी का आया. उत्तर प्रदेश की योगी मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद अब राजस्थान का नंबर आ सकता है.
पंचायत और निकाय चुनाव भी होने हैंराजनीतिक विश्लेषक बताते हैं चूंकि राजस्थान में इस साल के अंत तक पंचायत और निकाय चुनाव भी होने हैं. लिहाजा पार्टी मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों के जरिये उन चुनावों को भी साध सकती है. राजस्थान में अभी तक राजनीतिक नियुक्तियों का मसला भी पेंडिंग हैं. चुनाव हार चुके और कई अन्य नेता राजनीतिक नियुक्तियों की आस लगाए बैठे हैं. इसको लेकर बीते दिनों कई वरिष्ठ नेताओं के बयान आए थे. वहीं आने वाले समय में राजस्थान में राज्यसभा की भी तीन सीटें खाली हो रही हैं. लिहाजा इन सभी में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को साधने का प्रयास किया जाएगा. बहरहाल सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल राठौड़ के दिल्ली दौरों से मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज होती जा रही है.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
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