इन्वेस्टमेंट का गोल्डन चांस! पचपदरा जैसी किस्मत लेकर आ रहा है रोहट, जमीन खरीदने के लिए तरसेंगे लोग

Last Updated:May 11, 2026, 20:03 IST
Pali Rohat Industrial Corridor: पाली और जोधपुर के बीच रोहट क्षेत्र में बन रहा औद्योगिक कॉरिडोर भविष्य का बड़ा गेम-चेंजर माना जा रहा है. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित यह प्रोजेक्ट चीन जैसी औद्योगिक ताकत बनाने की दिशा में कदम है. यहां विदेशी कंपनियों का निवेश बढ़ने से रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव होगा. 9 गांवों में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. विशेषज्ञ इसे ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाला निवेश अवसर बता रहे हैं.
अगर आप भी प्रॉपर्टी में पैसा इन्वेस्ट करना चाहते हैं और कंफ्यूजन में हैं कि कहां करें, तो राजस्थान का ‘रोहट’ क्षेत्र आपकी किस्मत बदल सकता है. कभी कौड़ियों के भाव बिकने वाली पचपदरा की जमीन ने रिफाइनरी के बाद जैसा उछाल मारा, वैसा ही कुछ अब जोधपुर-पाली रोड पर देखने को मिल सकता है. यहां की जमीनों के भाव अब ऐसे बढ़ सकते हैं कि आने वाले समय में लोग इन्हें खरीदने के लिए तरसेंगे. राजस्थान का पचपदरा इलाका कभी गुमनाम था, लेकिन ‘काले सोने’ (रिफाइनरी) ने वहां की तस्वीर ऐसी बदली कि जमीनों के दाम रातों-रात आसमान छूने लगे. अब बिल्कुल वैसा ही नजारा रोहट के पास देखने को मिल रहा है. दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत विकसित हो रहा यह क्षेत्र भविष्य का बड़ा औद्योगिक हब बनने जा रहा है, जहां आज किया गया छोटा सा निवेश भविष्य में करोड़ों की संपत्ति बन सकता है.
जोधपुर-पाली मार्ग पर विकसित किया जा रहा नया औद्योगिक क्षेत्र देश और विदेश की दिग्गज कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है. यहां 1000 करोड़ रुपये से अधिक के शुरुआती निवेश के साथ प्रोजेक्ट को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर विकसित किया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट राजस्थान की औद्योगिक तस्वीर बदलने वाला साबित होगा. पचपदरा रिफाइनरी के बाद इसे राज्य का दूसरा सबसे बड़ा गेम-चेंजर प्रोजेक्ट माना जा रहा है. इससे इस पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और निवेश, रोजगार व जमीन की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा.
जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनुसार 1578 एकड़ में विकसित की जा रही यह इंडस्ट्रियल सिटी भारत को ग्लोबल रेस में आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी. यह परियोजना न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा करेगी. अनुमान है कि यहां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 2 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. इस कॉरिडोर में टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट और एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट्स मुख्य आधार होंगी. इससे स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और विकास की संभावनाओं को पंख लगेंगे.
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डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जा रहा यह प्रोजेक्ट भारत को चीन जैसी वैश्विक औद्योगिक ताकत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. जैसे-जैसे वैश्विक कंपनियां यहां अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी, रोहट और आसपास के गांवों का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित होगा और यह क्षेत्र किसी विकसित देश जैसा नजर आने लगेगा. यह सिर्फ एक औद्योगिक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के विकास की नई इबारत है. इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि जमीनों की कीमतों में भी बड़ा उछाल आएगा, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा.
प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का दावा है कि यह प्रोजेक्ट पाली और आसपास के क्षेत्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. वर्तमान में जो जमीन करीब 5 लाख रुपये में मिल रही है, उसकी कीमत प्रोजेक्ट पूरा होने तक 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. विकास की रफ्तार इतनी तेज रहने की उम्मीद है कि भविष्य में यहां जमीन का एक टुकड़ा मिलना भी मुश्किल हो सकता है. निवेशकों के लिए यह “अभी नहीं तो कभी नहीं” जैसा अवसर माना जा रहा है.
इस महा-परियोजना के दायरे में क्षेत्र के 9 प्रमुख गांव शामिल किए गए हैं, जिनमें डूंगरपुर, सिणगारी, धुंधली, दूदाली, निबली पटेलान, निबली ब्राह्मणान, दानासनी, रोहट और दलपतगढ़ शामिल हैं. वर्तमान में इन गांवों में पहले चरण का काम बजट और टेंडर प्रक्रिया के साथ शुरू हो चुका है. प्रोजेक्ट के आगे बढ़ते ही इन गांवों की भौगोलिक और आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और यह क्षेत्र ‘मिनी ग्लोबल सिटी’ के रूप में उभरेगा.
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