24 घंटे में दूसरी बार बोले PM मोदी: ऑनलाइन क्लास हो, वर्क फ्रोम होम करें, पेट्रोल-डीजल बचाएं

वडोदरा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में सरदारधाम हॉस्टल का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने देशवासियों से कई अहम अपील भी की, जिनमें सोने की खरीद कम करने, वर्क फ्रॉम होम, स्कूलों में ऑनलाइन क्लास, फर्टिलाइजर का सीमित उपयोग करने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की बात शामिल रही. प्रधानमंत्री मोदी ने वडोदरा में सरदारधाम भवन-3 का उद्घाटन किया और साथ ही सरदारधाम शिक्षा एवं सामाजिक विकास ढांचे से जुड़ी कई नई योजनाओं की घोषणा की.
प्रधानमंत्री ने 150 करोड़ रुपए की लागत से बने इस नए भवन का उद्घाटन किया. यह सरदारधाम कॉम्प्लेक्स के विस्तार का हिस्सा है, जिसे छात्रों को रहने और पढ़ाई की सुविधा देने के लिए बनाया गया है, खासकर उन छात्रों के लिए जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. नया भवन-3, गुजरात में सरदारधाम की बढ़ती आधारभूत संरचना का नवीनतम हिस्सा है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन ‘पुण्य पर्व’ जैसा है. उन्होंने बताया कि इससे पहले वे सोमनाथ में थे, जहां मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने का आयोजन चल रहा है. सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का सपना सरदार पटेल के संकल्प से पूरा हुआ था. उन्होंने कहा कि आज वडोदरा में सरदारधाम से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है, जो शिक्षा और समाज के विकास के लिए अहम है.
उन्होंने देश में चल रहे राजनीतिक और चुनावी माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि हाल के नतीजों से पूरे देश में उत्साह का माहौल है. साथ ही गुजरात में हुए निकाय और पंचायत चुनावों के परिणामों को भी उन्होंने शानदार बताया. पीएम मोदी ने कहा कि आज छोटे शहरों के युवा स्टार्टअप्स में आगे आ रहे हैं और महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है. सरकार की योजनाएं जैसे मुद्रा योजना, आयुष्मान भारत, मातृ वंदना और नल से जल जैसी योजनाएं महिलाओं और परिवारों को सशक्त बना रही हैं.
वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है. कोरोना महामारी, आर्थिक चुनौतियां और पश्चिम एशिया में तनाव इसका हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि इनका असर भारत पर भी पड़ रहा है, लेकिन देश मिलकर हर संकट का सामना कर सकता है. उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि देश के संसाधनों पर बोझ कम करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा. उन्होंने कहा कि विदेशी उत्पादों पर निर्भरता घटानी चाहिए और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए.
प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग अपनाने, वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने और डिजिटल तकनीक के अधिक उपयोग की सलाह दी. उन्होंने यह भी कहा कि सोने के आयात पर देश का बड़ा खर्च होता है, इसलिए वर्तमान समय में सोने की खरीद को टालना चाहिए. ‘वोकल फॉर लोकल’ को एक जन आंदोलन बनाना होगा ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके और देश आत्मनिर्भर बन सके. उन्होंने कहा कि अपने गांव, अपने शहर, अपने देश के उद्यमियों को ताकत दें.
पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में दुनिया लगातार अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है. पहले कोरोना का संकट, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौतियां, और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव. इन सारी परिस्थितियों का असर लगातार पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है. अगर कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी… तो पश्चिम एशिया में युद्ध से बनी परिस्थितियां… इस दशक के बड़े संकटों में से एक है. जब हमने मिलकर कोरोना का मुकाबला कर लिया तो इस संकट से भी अवश्य पार पा जाएंगे. सरकार भी लगातार ये प्रयास कर रही है, कि देश के लोगों पर इसका कम से कम असर हो.’
उन्होंने आगे कहा, “पहले के दशकों में भी जब-जब देश युद्ध या किसी और अन्य बड़े संकट से गुजरा है, सरकार की अपील पर हर नागरिक ने ऐसे ही अपना दायित्व निभाया है. आज भी जरूरत है कि हम सब मिलकर अपना दायित्व निभाएं… देश के संसाधनों पर पड़ने वाले बोझ को कम करें. हमें हर छोटे-बड़े प्रयास से ऐसे उत्पादों का उपयोग कम करना है, जो विदेश से आते हैं… और ऐसे व्यक्तिगत कामों से भी बचना है जिसमें विदेशी मुद्रा खर्च होती हो.”



