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NTA Neet UG| NEET 2026 Paper Leak: फिर विवादों में नीट यूजी परीक्षा, गेस पेपर में थे 720 में से 600 अंकों के सवाल

Last Updated:May 11, 2026, 12:10 IST

NEET 2026 Paper Leak row: NEET UG 2026 को लेकर सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग गलियारों तक एक बार फ‍िर बवाल मच गया है. एक गेस पेपर के वायरल होने के बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है. राजस्थान SOG की शुरुआती जांच में कई बातें सामने आई हैं. सबसे ज्‍यादा संदेह गेस पेपर में मुख्‍य पेपर से मिलते जुलते सवालों और व्हाट्सएप सर्कुलेशन से खड़े किए हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.आखिर क्या है गेस पेपर का सच, कितने सवाल वाकई मैच हुए और जांच किस दिशा में बढ़ रही है? आइए जानते हैं पूरी कहानी…

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फिर विवादों में NEET UG परीक्षा, गेस पेपर में थे 720 में से 600 अंकों के सवालZoomNTA Exams, NEET 2026 Paper Leak case: नीट परीक्षा का गेस पेपर वायरल.

NEET 2026 Paper Leak row, NEET UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में आ गई है. इस बार मामला एक कथित गेस पेपर को लेकर सामने आया है जिसे लेकर राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) जांच कर रही है. दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से पहले छात्रों के बीच एक ऐसा पेपर घूम रहा था जिसके कई सवाल असली परीक्षा से मेल खाते थे. इस पूरे मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है.

NEET 2026 Paper Leak: 410 सवालों वाले गेस पेपर पर उठे सवाल

राजस्थान SOG की जांच में सामने आया है कि एक गेस पेपर में करीब 410 प्रश्न थे. आरोप है कि इनमें से लगभग 120 सवाल सीधे NEET UG 2026 के केमिस्ट्री सेक्शन में पूछे गए वहीं कुछ सूत्रों का दावा है कि कुल मिलाकर करीब 150 सवाल असली परीक्षा से मैच हुए हैं चूंकि NEET UG परीक्षा कुल 720 अंकों की होती है और हर सवाल 4 अंक का होता है, ऐसे में इतने बड़े स्तर पर सवालों का मिलना बेहद गंभीर माना जा रहा है. इसी वजह से पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है. छात्र की ओर से भेजे क्वेश्चन बैंक में करीब 300 सवाल थे जिनमें से 150 हुबहू आए थे. कुल 180 सवाल हल करने थे हर सवाल के चार अंक यानी 720 में 600 अंक के सवाल इस क्वेश्चन बैंक में थे. इससे आशंका बढ़ गई कि इतने सवाल कैसे किसी गैस पेपर में आ सकते हैं.

NEET UG 2026: केरल से सीकर तक पहुंचा था यह गेस पेपर

बताया जा रहा है कि यह कथित सैंपल या गेस पेपर केरल से राजस्थान के सीकर तक पहुंचा था. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पेपर परीक्षा से करीब 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक कई छात्रों के बीच पहुंच चुका था.SOG का कहना है कि यह गेस पेपर सैकड़ों छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप्स और मोबाइल फोनों से होकर गुजरा है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर इसका असली स्रोत यानी ओरिजिन क्या था और इसे सबसे पहले किसने तैयार या प्रसारित किया.

NEET के पेपर लीक जैसी बात नहीं 

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा कि NEET परीक्षा को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं. उन्होंने साफ कहा कि अभी तक की जांच में पेपर लीक जैसी बात साबित नहीं हुई है. ADG विशाल बंसल के मुताबिक अगर वास्तव में पेपर लीक हुआ होता तो वह इस तरह खुले तौर पर सर्कुलेट नहीं होता.उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच बहुत शुरुआती स्तर पर है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर किसी तरह की नकल या संगठित आपराधिक गतिविधि हुई थी.

50 पन्नों का पीडीएफ वायरल

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा से पहले करीब 150 पन्नों की एक पीडीएफ व्हाट्सएप पर वायरल हुई थी, जिसे गेस पेपर बताया जा रहा है.जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गेस पेपर किसने तैयार किया और इसे कैसे प्रसारित किया गया. एसओजी के अनुसार वायरल पीडीएफ में कुल 410 प्रश्न थे, जिनमें से करीब 120 प्रश्न केमिस्ट्री विषय के बताए जा रहे हैं जो परीक्षा में आए. इसी आधार पर मामले की जांच की जा रही है. एजेंसी का कहना है कि यह गेस पेपर पिछले करीब एक महीने से कई छात्रों के पास मौजूद था और सैकड़ों छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुपों में सर्कुलेट हुआ है.एडीजी विशाल बंसल ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल पेपर लीक या किसी अन्य तरह की बातों को लेकर भ्रम की स्थिति है. परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी ही अंतिम रूप से तय करती है कि मामला पेपर लीक का है या नहीं, जबकि एसओजी का काम जांच करना है.

अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं

एसओजी ने कुछ लोगों को डिटेन कर पूछताछ शुरू की है. मामले में देहरादून लिंक भी सामने आया है जिसकी गहन जांच की जा रही है. देहरादून के एक व्यक्ति से पूछताछ जारी है हालांकि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.एडीजी बंसल ने कहा कि यदि यह वास्तविक पेपर लीक होता तो संभवतः इस तरह खुले तौर पर व्हाट्सएप पर बड़े स्तर पर सर्कुलेट नहीं होता. फिलहाल जांच एजेंसी गेस पेपर की हर कड़ी जोड़कर उसके ओरिजिन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि इस तरह के डिजिटल कंटेंट का स्रोत पता लगाना बेहद कठिन, समय लेने वाला और मेहनत वाला काम है.एसओजी का कहना है कि मामले के हर पहलू की तकनीकी और साइबर स्तर पर जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा.ADG विशाल बंसल ने साफ किया है कि अभी तक इस मामले में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है. जांच एजेंसियां फिलहाल सबूत जुटाने और पूरे नेटवर्क को समझने में लगी हैं.उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला सिर्फ एक गेस पेपर तक सीमित था या फिर इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था.जांच के दौरान SOG ने देहरादून के एक व्यक्ति को भी जांच के दायरे में लिया है. अधिकारियों के मुताबिक उससे पूछताछ चल रही है हालांकि अभी तक उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है.SOG फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि उस व्यक्ति का इस कथित गेस पेपर से क्या संबंध था और क्या उसने इसे आगे प्रसारित किया था.

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

NEET UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में शामिल होते हैं. ऐसे में पेपर लीक या सवाल मैच होने जैसे दावों से छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ना स्वाभाविक है हालांकि फिलहाल जांच एजेंसियों ने किसी भी तरह के आधिकारिक पेपर लीक की पुष्टि नहीं की है, लेकिन SOG की जांच ने इस पूरे मामले को गंभीर बना दिया है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.

About the AuthorDhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्‍यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्‍सेस स्‍टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें

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