World

Hantavirus Outbreak Issue: Hantavirus New Strain| WHO On Hantavirus| कोरोना वाली तबाही लाएगा हंतावायरस WHO ने बताया क्यों खतरनाक है नई स्ट्रेन

Last Updated:May 12, 2026, 09:05 IST

Hantavirus Outbreak VS Covid 19: इस वक्त दुनिया में एक और वायरस की चर्चा दुनियाभर में हो रही है, जिसका नाम है – हंतावायरस. एक क्रूज शिप में वायरस आउटब्रेक के बाद हालात तब खराब हो गए, जब तीन लोगों की मौत हो गई. क्रूज को स्पेन में डॉक किया गया और वहां से लोगों की जांच-पड़ताल के बाद उन्हें अपने देशों को भेज दिया गया. चिंता तब बढ़ गई जब पता चला कि ये वायरस शरीर में 2 महीने तक कभी भी लक्षण दिखा सकता है. कोविड जैसी तबाही लाएगा हंतावायरस? WHO ने बताया क्यों खतरकार है नई स्ट्रेनZoomहंतावायरस कितना खतरनाक?

Hantavirus Outbreak: दुनिया अभी तक कोविड-19 महामारी की यादों से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाई है. ऐसे में अब हंतावायरस का नाम सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है. दक्षिण अटलांटिक में यात्रा कर रहे क्रूज शिप एमवी हॉन्डियस से फैले हंतावायरस संक्रमण ने कई देशों को अलर्ट पर ला दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी ने चेतावनी दी है कि आने वाले हफ्तों में और मामले सामने आ सकते हैं, क्योंकि इस वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड यानी शरीर में छिपे रहने का समय 6 से 8 हफ्तों तक हो सकता है. यही बात इसे सबसे ज्यादा खतरनाक बनाती है.

हालांकि WHO ने साफ कहा है कि फिलहाल इस स्थिति की तुलना कोविड महामारी से नहीं की जानी चाहिए, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जिस तरह कोविड ने धीरे-धीरे कई देशों में पैर पसारे थे, उसी तरह यह संक्रमण भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के जरिए अलग-अलग देशों तक पहुंच चुका है. अब डर ये है कि क्रूज से निकले लोगों के टेस्ट में भले ही वो पॉजिटिव नहीं आ रहे हैं लेकिन अगर बाद में उनमें लक्षण दिखाई दिए, तो परिस्थिति विकट हो सकती है.

एमवी हॉन्डियस पोलर एक्सपेडिशन क्रूज शिप है, जो दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका क्षेत्र की यात्राओं के लिए इस्तेमाल होता है. यात्रा के दौरान जहाज पर कई यात्री बीमार पड़ने लगे. जांच में पता चला कि वे एंडीज स्ट्रेन के हंतावायरस से संक्रमित हैं. इसके बाद कई यात्रियों को अलग-अलग देशों में एयरलिफ्ट किया गया और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है. पहले सिर्फ तीन लोग इससे प्रभावित थे, लेकिन धीरे-धीरे ये स्ट्रेन बढ़ रही है.

(AI के इस्तेमाल से बना इंफोग्राफिक्स)

अब तक इस संक्रमण का असर कम से कम सात देशों में देखा गया है, जो पहले सिर्फ दो देशों तक ही माना जा रहा था. अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई संक्रमितों का इलाज आइसोलेशन में चल रहा है. चलिए आपको बताते हैं कि अब तक ये वायरस किन-किन देशों में पहुंच चुका है-

हंतावायरस और कोविड-19 में बड़ा अंतर यह है कि कोविड इंसान से इंसान में बहुत तेजी से फैलता था, जबकि हंतावायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क से फैलता है. हालांकि एंडीज स्ट्रेन ऐसा दुर्लभ प्रकार माना जाता है, जिसमें सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में संक्रमण संभव है. WHO प्रमुख ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है. उनका कहना है कि सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है वायरस का लंबा इन्क्यूबेशन पीरियड चिंता बढ़ा रहा है, क्योंकि कई संक्रमित लोगों में शुरुआती दिनों में कोई लक्षण नहीं दिखते और बाद में ये लक्षण सामने आते हैं. 2 महीने के बाद भी हंतावायरस किसी को अपनी चपेट में ले सकता है.

About the AuthorPrateeti Pandey

में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

(AI के इस्तेमाल से बना इंफोग्राफिक्स)

अब तक इस संक्रमण का असर कम से कम सात देशों में देखा गया है, जो पहले सिर्फ दो देशों तक ही माना जा रहा था. अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई संक्रमितों का इलाज आइसोलेशन में चल रहा है. चलिए आपको बताते हैं कि अब तक ये वायरस किन-किन देशों में पहुंच चुका है-

हंतावायरस और कोविड-19 में बड़ा अंतर यह है कि कोविड इंसान से इंसान में बहुत तेजी से फैलता था, जबकि हंतावायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क से फैलता है. हालांकि एंडीज स्ट्रेन ऐसा दुर्लभ प्रकार माना जाता है, जिसमें सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में संक्रमण संभव है. WHO प्रमुख ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है. उनका कहना है कि सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है वायरस का लंबा इन्क्यूबेशन पीरियड चिंता बढ़ा रहा है, क्योंकि कई संक्रमित लोगों में शुरुआती दिनों में कोई लक्षण नहीं दिखते और बाद में ये लक्षण सामने आते हैं. 2 महीने के बाद भी हंतावायरस किसी को अपनी चपेट में ले सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड की शुरुआत में भी संक्रमण सीमित मामलों तक ही दिख रहा था. धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और लोगों की आवाजाही के कारण वायरस पूरी दुनिया में फैल गया. एमवी हॉन्डियस मामले में भी यही चिंता सामने आ रही है, क्योंकि जहाज के यात्री अलग-अलग देशों में लौट चुके हैं. ऐसे में वायरस का संक्रमण बढ़ने का खतरा बना हुआ है. हालांकि स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं और संक्रमित यात्रियों को आइसोलेशन में रखा गया है, फिर भी दुनिया एक बार फिर यह समझ रही है कि वैश्विक यात्रा और संक्रमण का मेल कितनी तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है.

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Codelogin

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj