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NEET-UG 2026 cancelled| NEET Paper Leak Case: राजस्‍थान, महाराष्‍ट्र से बिहार तक..अब तक कितने गिरफ्तार? क्या-क्या खुलासा हुआ? जानें सबकुछ

NEET UG Paper Leak Case, NEET-UG 2026 cancelled highlights: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 अब सिर्फ एक परीक्षा नहीं बल्कि देशभर में चर्चा का बड़ा मामला बन चुकी है. बिहार से शुरू हुई जांच अब महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, झारखंड और कई दूसरे राज्यों तक पहुंच चुकी है. सीबीआई लगातार छापेमारी, पूछताछ और डिजिटल सबूत जुटाने में लगी है. इस बीच कई गिरफ्तारियां हुई हैं, करोड़ों के लेनदेन की बात सामने आई है और अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस पूरे नेटवर्क का असली मास्टरमाइंड कौन है?

डिजिटल सबूत खंगाल रही CBI

सीबीआई अब मोबाइल फोन, लैपटॉप, व्हाट्सऐप चैट, टेलीग्राम ग्रुप और बैंक ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है.एजेंसी उन सोशल मीडिया ग्रुप्स पर भी नजर रख रही है जहां कथित गेस पेपर और प्रश्नपत्र शेयर किए गए थे.जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं परीक्षा केंद्रों, प्रिंटिंग सिस्टम या ट्रांसपोर्ट चैन में किसी अंदरूनी व्यक्ति की मदद तो नहीं ली गई.

NTA अधिकारियों से भी पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के कुछ अधिकारियों से भी पूछताछ कर रही है क्योंकि परीक्षा को सुरक्षित तरीके से कराने की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी ऐसे में एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई.

राजस्थान बना जांच का बड़ा केंद्र

राजस्थान एसओजी और सीबीआई की जांच में कई बड़े नाम सामने आए हैं.जयपुर और सीकर से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. इनमें विक्रम यादव, योगेश प्रजापति, संदीप, मांगीलाल, विकास, दिनेश, यश यादव, सत्यनारायण चौधरी, राकेश मंडावरिया, रजत, अमित मीणा और रोहित जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं.सीबीआई इन सभी के लिखित और वीडियो बयान रिकॉर्ड कर रही है ताकि बयानों का मिलान किया जा सके.

महाराष्ट्र तक पहुंची जांच

महाराष्ट्र में भी इस मामले में बड़ा पुणे कनेक्शन सामने आया है.पुणे पुलिस क्राइम ब्रांच ने मनीषा वाघमारे नाम की महिला को हिरासत में लिया है. जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक नेटवर्क के तार पुणे और नासिक तक जुड़े हो सकते हैं.नासिक से पकड़े गए शुभम खैरनार को भी सीबीआई अदालत में पेश किया गया जहां एजेंसी उसकी रिमांड मांग रही है.इसी तरह सीबीआई ने इस मामले में महाराष्‍ट्र के धनंजय लोखंडे को भी हिरासत में लिया है.वह महाराष्ट्र के अहिल्यनगर जिले का रहने वाला है. उसकी उम्र करीब 26 साल बताई जा रही है. वह राहुरी तहसील के माहेगांव महाडूक सेंटर इलाके का मूल निवासी है.

अब तक कितने लोग गिरफ्तार?

नालंदा पुलिस अवधेश कुमार की निशानदेही पर बिहार के अलग-अलग जिलों में कार्रवाई कर चुकी है.अब तक मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, सीतामढ़ी और छपरा समेत कई जगहों से कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार आरोपियों में शामिल नाम इस प्रकार बताए जा रहे हैं:अवधेश कुमार-पावापुरी, नालंदाअमन कुमार सिंह- मोतिहारीहर्ष राज- सीतामढ़ीअवधेश कुमार-छपरापंकज कुमार-मुजफ्फरपुरमनोज कुमार-मुजफ्फरपुरइन सभी आरोपियों को पहले जेल भेजा गया था, लेकिन अब सीबीआई उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी.

पुलिस को देखकर दोनों गाड़ियां

बिहार के नालंदा जिले में 2 मई 2026 की रात पावापुरी थाना पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो और एक ब्रेजा कार को रोकने की कोशिश की गई. पुलिस को देखकर दोनों गाड़ियां भागने लगीं,लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो से करीब 2 लाख 95 हजार रुपये नकद बरामद हुए. पुलिस ने गाड़ी में मौजूद लोगों से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए.

MBBS छात्र ने खोली परतें

गिरफ्तार लोगों में अवधेश कुमार नाम का युवक भी शामिल था जो विम्स मेडिकल कॉलेज में MBBS सेकेंड ईयर का छात्र बताया गया. पुलिस ने जब उसका मोबाइल फोन खंगाला तो उसमें NEET परीक्षा से जुड़े एडमिट कार्ड, चैट, स्कैनर और पैसों के लेनदेन से जुड़ी जानकारी मिली.पूछताछ में अवधेश ने कथित तौर पर बताया कि उसका दोस्त उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू NEET परीक्षा में स्कॉलर बैठाने और पेपर सेट कराने का काम करता है. यहीं से पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं.

50-50 लाख रुपये में हुई थी डील!

जांच में यह भी सामने आया कि कई छात्रों और अभिभावकों से कथित तौर पर 30 लाख से 50 लाख रुपये तक की डील की गई थी.सूत्रों के मुताबिक कुछ छात्रों से 2 लाख से 5 लाख रुपये एडवांस भी लिए गए थे. जांच एजेंसियों को शक है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क हो सकता है.

CBI अब किन लोगों को रिमांड पर लेगी?

सीबीआई ने बिहार के सात आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर ली है. इनमें MBBS छात्र अवधेश कुमार भी शामिल है.जांच एजेंसी अब यह जानने की कोशिश करेगी कि पेपर कहां से आया, किसे भेजा गया और किन छात्रों तक पहुंचाया गया.

राजा बाबू पर सबसे ज्यादा शक

पूरे मामले में उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. जांच एजेंसियों को शक है कि वही इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड हो सकता है.उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है.

देशभर में छात्रों और अभिभावकों में चिंता

NEET पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है.हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में बैठते हैं. ऐसे में पेपर लीक के आरोपों ने पूरी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.फिलहाल सीबीआई की जांच लगातार जारी है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह सीमित स्तर का मामला था या फिर इसके पीछे देशभर में फैला कोई बड़ा संगठित रैकेट काम कर रहा था.जांच एजेंसियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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