24 घंटे के अंदर कितनी चीनी खाना चाहिए? इस लिमिट से ज्यादा खाएं तो बन सकता है धीमा जहर, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

Last Updated:May 14, 2026, 11:32 IST
Sugar Consumption Limit: भारत में चीनी के बिना कोई चारा नहीं है. लोग दिन भर में कुछ न कुछ मीठा खा ही लेते हैं. लेकिन चीनी मीठा जहर है. चीनी जब तैयार हो जाता है तो यह अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड बन जाता है. यह पेट में जाकर तुरंत एनर्जी में बदल जाता है लेकिन यह एनर्जी खराब तरह की होती है जो चर्बी में बदल जाती है. ऐसे में सवाल यह है कि एक दिन में कितनी चीनी खाएं कि हमारी सेहत को नुकसान न हो.एक दिन में कितने ग्राम चीनी खानी चाहिए.
Sugar limit : हर दिन हम न जाने कितनी तरह से चीनी का सेवन करते हैं. शरीर में मीठी चीज सिर्फ चीनी से ही नहीं जाती है बल्कि कई अन्य चीजों में चीनी मिली होती है जो हमारे शरीर में चली जाती है. जैसे चॉकलेट, बिस्कुट, कैचअप, चटनी, पैकेटबंद कई चीजें, जूस आदि सबमें चीनी बहुत होती है. वह भी खराब स्तर का. चीनी अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड है. अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का मतलब है कि इसे बनाने में कई तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं. इससे फूड की जो मूल गुणवत्ता होती है वह खराब होती है उपर से और खराब चीजें इसमें मिल जाती है. इसलिए चीनी का ज्यादा सेवन करने से फैटी लिवर डिजीज, हार्ट डिजीज, डायबिटीज आदि का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि एक दिन में या 24 घंटे में हम कितनी चीनी खाएं कि इससे सेहत को नुकसान न हो.
एक दिन में कितनी चीनी की जरूरत क्लीवलैंड क्लीनिक की डायटीशियन बेथ चेर्वोनी कहती हैं कि एक दिन में कितनी चीनी खानी चाहिए, यह इस बात पर निर्भर है कि आपको एक दिन में कितनी कैलोरी की जरूरत है. हर इंसान को जिंदा रहने के लिए कैलोरी की जरूरत होती है जो उसे भोजन से प्राप्त होता है. जो लोग जितना ज्यादा मेहनत करते हैं, उन्हें उतनी ज्यादा कैलोरी की जरूरत होती है. अमूमन एक दिन में एक पुरुष को 2000 से 3000 कैलोरी की जरूरत होती है. यह कैलोरी कई चीजों से आनी चाहिए. डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक एक दिन में कुल कैलोरी का 10 प्रतिशत कार्बोहाइड्रैट से आनी चाहिए. लेकिन कार्बोहाइड्रैट आपको कई अन्य चीजों से मिल जाता है. जैसे कि चावल, रोटी आदि से भी कार्बोहाइड्रैट मिल जाता है. ऐसे में हमें चीनी कितनी खानी चाहिए. आइए इसका गणित जानते हैं.
चीनी खाने का गणित एक दिन में कितनी चीनी खानी चाहिए. आइए इसका गणित समझते हैं. अगर कुल कैलोरी के 10 प्रतिशत कार्बोहाइड्रैट से हिसाब लगाए तो 3000 कैलोरी में आपको 300 कैलोरी कार्बोहाइड्रैट से लेनी होगी. तो क्या 300 कैलोरी के लिए सिर्फ चीनी ही खाएं. कतई नहीं. यह घातक हो जाएगा. चीनी अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड है जो तुरंत में घुलकर एनर्जी में बदल जाती है लेकिन यह एनर्जी रिफाइंड होती है यानी कुदरती नहीं होती है. इसलिए यह जल्दी ही चर्बी में बदल जाएगी या शरीर के मुख्य अंगों को नुकसान पहुंचाएगी. अब समझिए कि चीनी में कितनी कैलोरी होती है. 5 ग्राम चीनी से 20 कैलोरी मिलती है. एक चम्मच में लगभग 4 से 5 ग्राम चीनी आ जाती है. अगर आप 10 प्रतिशत के हिसाब से चलें तो 300 कैलोरी के लिए आपको 60 चम्मच चीनी खानी होगी. क्या ऐसा संभव है. बिल्कुल नहीं. यह घातक हो जाएगा.
तो फिर कितनी चीनी खानी चाहिए एक्सपर्ट के मुताबिक एक दिन में 2 से 3 चम्मच चीनी ही खाना चाहिए. लेकिन हर कोई इससे ज्यादा चीनी रोज खाते हैं. चाय में ही लोग दो-तीन चम्मच चीनी खा लेते हैं. इसके अलावा दूध, मिठाई, आइस्क्रीम आदि में कई ग्राम चीनी मिले होते हैं. इसका परिणाम बीमारियों में सामने आता है. इसलिए दो-तीन चम्मच चीनी पर्याप्त है. हालांकि डॉक्टर तो यही कहते हैं कि चीनी खानी ही नहीं चाहिए. इसकी जगह कुदरती चीनी खाएं तो उसका फायदा ज्यादा होगा. जैसे दूध, दही, अनाज, फल, आदि में कुदरती चीनी भरी पड़ी होती है. आपका शरीर इन चीजों को आसानी से ग्रहण कर लेता है. इससे कोई बीमारी नहीं होती.
ज्यादा चीनी खाने से नुकसानकई अध्ययनों से यह बात साफ है चीनी कई बीमारियों की जड़ है. आमतौर पर लोग समझते हैं कि ज्यादा चीनी खाने से डायबिटीज होती है. लेकिन इसके अलावा भी कई बीमारियां हो सकती है. चीनी ज्यादा खाने से फैटी लिवर डिजीज होती है. इससे लिवर को नुकसान पहुंचता है. चीनी किडनी के लिए बहुत खराब चीज है. ज्हयादा चीनी कई तरह के मेटोबोलिक डिसफंक्शन को जन्म देता है. ज्यादा चीनी लिवर, दांतों की परेशानी, कील-मुंहासे, ब्रेन समस्या, ज्वाइंट पेन, स्किन प्रोब्लम, हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज, डिप्रेशन जैसी बीमारियों के खतरों को बढ़ा सकती है.
About the AuthorLakshmi Narayan
18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें



