‘हमें फंसाया जा रहा है’, आरोपी विकास के बयान पर सियासी बवाल, डोटासरा बोले- बड़े मगरमच्छों को बचा रही सरकार

जयपुर. नीट पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान की राजनीति गर्मा गई है. जयपुर में बुधवार को पेशी के दौरान आरोपी विकास के बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार, जांच एजेंसियों और केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला. पेशी के दौरान विकास ने कहा कि “बड़े लोगों को बचाया जा रहा है और हमें फंसाया जा रहा है.” इस बयान को आधार बनाकर कांग्रेस ने मामले में बड़े आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी.
पीसीसी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र और राज्य सरकार को घेरा. डोटासरा ने कहा कि भाजपा पहले लगातार पेपर लीक होने से इनकार करती रही, लेकिन अब एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि 2025 के नीट पेपर लीक से जुड़े कई तथ्य अब सामने आ रहे हैं और मांगीलाल, दिनेश तथा उनके परिवार के बच्चों के अचानक चयन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. कांग्रेस का आरोप है कि पहले कम अंक लाने वाले छात्रों को बाद में सरकारी कॉलेजों में दाखिला मिल गया, जिससे पेपर पहले से हाथ लगने की आशंका मजबूत होती है.
राष्ट्रीय परीक्षा की जिम्मेदारी निजी संस्था को क्यों दी गई?
डोटासरा ने कहा कि 2026 के पेपर के साथ आरोपियों के पकड़े जाने के बाद 2025 के पेपर लीक की परतें भी खुलने लगी हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा की जिम्मेदारी निजी संस्था को क्यों दी गई. कांग्रेस ने एनटीए पर भी सवाल खड़े करते हुए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया. डोटासरा ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान पेपर लीक मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाया था. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा नेताओं के पुराने बयान भी याद दिलाए, जिनमें कांग्रेस सरकार पर पेपर लीक माफिया को संरक्षण देने के आरोप लगाए गए थे.
मोदी सरकार के कार्यकाल में देशभर में 79 पेपर लीक हुए
कांग्रेस ने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देशभर में 79 पेपर लीक हुए हैं. डोटासरा ने कहा कि राहुल गांधी ने भी 2024 में लोकसभा में पेपर लीक का मुद्दा उठाया था. उन्होंने भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह विफल करने का आरोप लगाया. डोटासरा ने राजस्थान में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में अब तक 11 पेपर लीक हो चुके हैं.
उन्होंने अलवर में NCC “सी” ग्रेड परीक्षा, चूरू में कक्षा 10वीं पेपर, शेखावाटी यूनिवर्सिटी, RUHS, राजस्थान यूनिवर्सिटी, सेकंड ग्रेड भर्ती और RAS परीक्षा की सील खुलने जैसे मामलों का उल्लेख किया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार “छोटी मछलियां” पकड़ रही है जबकि “बड़े मगरमच्छ” अब भी बचाए जा रहे हैं.
भाजपा शासन में लगातार हो रहे हैं पेपर लीक
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 2014 से भाजपा शासन में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं. जूली ने दावा किया कि सीकर में परीक्षा से एक महीने पहले ही पेपर आने की चर्चाएं थीं और पेपर खरीदने वाले पहले से बच्चों की सफलता का जश्न मना रहे थे. उन्होंने पूछा कि आखिर राजस्थान में पेपर लीक के “बड़े मगरमच्छ” कौन हैं और उन पर कार्रवाई कब होगी.
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई. साथ ही कहा कि यदि भाजपा सरकार ने मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगी. सीबीआई जांच को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए. डोटासरा ने कहा कि “सीबीआई केंद्र सरकार का तोता है” और मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से कराई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई सामने नहीं आएगी.
जब सीबीआई जांच कर रही है तो फिर JPC की मांग क्यों?
वहीं कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि “जो जैसा होता है, दूसरों को भी वैसा ही समझता है.” राठौड़ ने दावा किया कि मोदी सरकार में जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीबीआई जांच कर रही है तो फिर JPC की मांग क्यों की जा रही है. राठौड़ ने कहा कि सीबीआई के पास अनुभव और कार्रवाई की पूरी शक्तियां हैं. उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि “जो लोग खुद एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते, उन पर जनता कैसे भरोसा करे.”



