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‘द केरल स्टोरी 2’ पर नफरत फैलाने का आरोप, हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर को थमाया नोटिस

Last Updated:June 19, 2026, 00:04 IST

केरल हाईकोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है. याचिका में फिल्म के सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई है और इसके नाम से ‘केरल’ शब्द हटाने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म का कंटेंट केरल की इमेज खराब करता है, सामाजिक एकता पर असर डालता है.

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'द केरल स्टोरी 2' पर नफरत फैलाने का आरोप, हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर को थमाया नोटिसZoom‘द केरल स्टोरी 2’ की बढ़ी मुश्किलें.

नई दिल्ली : केरल हाईकोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ को लेकर बड़ा कदम उठाया है. कोर्ट ने निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को नोटिस जारी किया है. दरअसल, कोर्ट में एक याचिका दायर करके फिल्म के सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई है. याचिका में मांग की गई है कि फिल्म के नाम से ‘केरल’ शब्द को हटा दिया जाए. जब न्यायमूर्ति ने इस मामले की सुनवाई की, तो उन्होंने सवाल उठाया कि चूंकि फिल्म पहले ही रिलीज हो चुकी है और इसे लाखों लोग देख चुके हैं, तो क्या अब यह याचिका बेअसर नहीं हो गई है? इस पर याचिकाकर्ता ने दलील दी कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि यह फिल्म सिर्फ सिनेमाघरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी धड़ल्ले से देखी जा रही है. इससे समाज पर इसका असर लगातार बना हुआ है.

याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस फिल्म का कंटेंट केरल राज्य की इमेज को ठेस पहुंचाता है. समाज में एक बेहद गलत संदेश फैलाता है. दलील में कहा गया है कि फिल्म में दिखाए गए कई हिस्से ऐसे हैं जो आम लोगों के बीच नफरत और गलतफहमी पैदा कर सकते हैं, जिससे हमारी सामाजिक एकता और ताने-बाने को नुकसान पहुंच सकता है. इतना ही नहीं, याचिका में दावा किया गया है कि फिल्म का कंटेंट भारतीय न्याय संहिता के नियमों का उल्लंघन करता है. यह अलग-अलग समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम कर सकता है. इसी वजह से कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत एक्शन लिया जाए.

1 मई से ओटीटी पर देख रहे लोगफिल्म 1 मई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ पर रिलीज की गई थी, इसलिए याचिकाकर्ता ने इस कंपनी को भी मामले में शामिल करने की मांग की है. उनका कहना है कि जब कोई फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाती है, तो उस कंपनी की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कुछ सबूत भी पेश किए हैं, जिनमें ओटीटी के शिकायत अधिकारी को भेजे गए ईमेल और सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट शामिल हैं. इन सबूतों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि फिल्म को पूरी तरह सच बताकर प्रचारित किया जा रहा है, जिससे एक खास समुदाय के खिलाफ नकारात्मक माहौल बन रहा है. फिल्म पहले भी कई कानूनी विवादों में घिर चुकी है.

About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें

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