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21 जून को दांबुला में सजेगा फाइनल का मंच, आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे से पहले वैभव सूर्यवंशी के पास फॉर्म में लौटने का आखिरी मौका

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दांबुला में सजेगा फाइनल का मंच, सूर्यवंशी के पास फॉर्म में लौटने का मौका

Last Updated:June 19, 2026, 22:16 IST

IND-A vs SL-A Final Vaibhav Sooryavanshi: तिलक वर्मा की कप्तानी में इंडिया-ए की टीम श्रीलंका में खेली जा रही वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुंच चुकी है, जहां 21 जून को खिताबी मुकाबले में उनका सामना मेजबान श्रीलंका-ए से होगा. श्रीलंका ने आखिरी लीग मैच में अफगानिस्तान-ए को 103 रनों से हराकर फाइनल का टिकट कटाया है.इस महामुकाबले में भारतीय टीम जहां श्रीलंका से ‘सुपर ओवर’ की पिछली हार का बदला लेने उतरेगी, वहीं सभी की नजरें 15 साल के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी पर होंगी, जिनसे फाइनल में एक बड़ी और मैच जिताऊ पारी की उम्मीद रहेगी. दांबुला में सजेगा फाइनल का मंच, सूर्यवंशी के पास फॉर्म में लौटने का मौका Zoomवैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू से पहले फाइनल में खेलनी होगी बड़ी पारी.

नई दिल्ली. श्रीलंका में खेली जा रही वनडे ट्राई सीरीज अब अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है. कप्तान तिलक वर्मा की अगुवाई में इंडिया ‘ए’ टीम ने पहले ही धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली थी. वहीं, 19 जून को दांबुला के मैदान पर खेले गए लीग स्टेज के आखिरी और करो या मरो के मुकाबले में मेजबान श्रीलंका-ए ने अफगानिस्तान-ए को 103 रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटा लिया है. अब 21 जून को होने वाले महामुकाबले में भारत का सामना श्रीलंका से होगा. इस खिताबी भिड़ंत में जहां टीम इंडिया के पास पुरानी हार का बदला चुकता करने का सुनहरा मौका होगा, वहीं सभी की नजरें बिहार के 15 वर्षीय युवा ओपनिंग बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी होंगी.

दांबुला के मैदान पर खेले गए इस निर्णायक मुकाबले में श्रीलंकाई ‘ए’ टीम का पूरी तरह से एकतरफा दबदबा देखने को मिला. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 322 रनों का विशाल स्कोर टांग दिया. बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भी धारदार गेंदबाजी की। 323 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान-ए की टीम इस दबाव को झेल नहीं सकी और 42.5 ओवरों में महज 219 रनों पर सिमट गई. 103 रनों की इस बड़ी जीत के साथ श्रीलंका ने न सिर्फ फाइनल में प्रवेश किया, बल्कि भारतीय टीम को भी आगाह कर दिया है कि उन्हें उनके घर में हराना कतई आसान नहीं होने वाला.

फाइनल में ‘वंडर बॉय’ वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सभी की नजरेंइस पूरी सीरीज में और भारतीय क्रिकेट गलियारों में जिस एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है 15 साल के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) . वैभव ने बहुत ही कम उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं को बेहद प्रभावित किया है. हाल ही में उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर खेली जाने वाली टी20 सीरीज के लिए सीनियर भारतीय स्क्वाड में भी शामिल किया गया है, जो उनकी प्रतिभा का सबसे बड़ा प्रमाण है. हालांकि, इस ट्राई सीरीज में अब तक वैभव का बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं गरजा है. उन्होंने अब तक खेले 4 मुकाबलों में 29.25 की औसत से कुल 117 रन बनाए हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस दौरान उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक देखने को नहीं मिला है.वैभव जैसे कद्दावर और आक्रामक बल्लेबाज के लिए ये आंकड़े उनके कद से थोड़े कम नजर आते हैं.

क्रिकेट पंडितों और फैंस को उम्मीद है कि बड़े मैचों के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी फाइनल जैसे बड़े मंच को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. टीम इंडिया को यदि श्रीलंका के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करना है, तो पावरप्ले में वैभव की एक तूफानी और बड़ी पारी बेहद जरूरी होगी. यह फाइनल मुकाबला वैभव के लिए खुद को एक बार फिर साबित करने और इंग्लैंड दौरे से पहले खोया हुआ फॉर्म वापस पाने का सबसे बेहतरीन मौका है.

टीम इंडिया के पास श्रीलंका से ‘सुपर ओवर’ की हार का बदला लेने का मौकातिलक वर्मा की कप्तानी वाली भारतीय-ए टीम ने इस ट्राई सीरीज का आगाज बेहद शानदार अंदाज में किया था. भारत ने अपने पहले ही मैच में मेजबान श्रीलंका-ए को 8 रनों से धूल चटाई थी. हालांकि, इसके बाद टीम इंडिया की गाड़ी थोड़ी पटरी से उतरी और उन्हें अफगानिस्तान-ए के खिलाफ डीएलएस (डकवर्थ-लुईस नियम) के तहत हार का सामना करना पड़ा. लेकिन सीरीज का सबसे रोमांचक और दिल थाम देने वाला मुकाबला तब देखने को मिला, जब लीग स्टेज के दूसरे मैच में भारत और श्रीलंका की टीमें आमने-सामने थीं. दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर हुई और मैच टाई पर छूटा. इसके बाद मैच का फैसला ‘सुपर ओवर’ के जरिए हुआ, जिसमें मेजबान श्रीलंका-ए बाजी मारने में सफल रही. लीग स्टेज की इस टीस को भारतीय खिलाड़ी अभी तक भूले नहीं होंगे. ऐसे में 21 जून को होने वाले फाइनल में भारतीय टीम उस कड़वी हार का बदला लेने और ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.

कप्तान तिलक वर्मा की रणनीति और फाइनल की चुनौतीभारतीय कप्तान तिलक वर्मा खुद शानदार फॉर्म में हैं और मध्यक्रम में टीम की रीढ़ बने हुए हैं.फाइनल जैसे बड़े मुकाबले के लिए तिलक वर्मा को अपनी प्लेइंग इलेवन और रणनीति पर विशेष ध्यान देना होगा. मध्यक्रम और गेंदबाजी विभाग ने अब तक अच्छा काम किया है, लेकिन फाइनल जीतने के लिए टीम को तीनों विभागों (बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग) में शत-प्रतिशत योगदान देना होगा. दांबुला की पिच को देखते हुए टॉस की भूमिका भी अहम हो सकती है. श्रीलंका की टीम अपने घरेलू मैदानों पर स्पिनर्स का बेहतरीन इस्तेमाल करती है, जिससे पार पाना भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुख्य चुनौती होगी. यदि वैभव सूर्यवंशी और उनके साथी ओपनर टीम को एक ठोस और आक्रामक शुरुआत दिलाने में कामयाब रहते हैं, तो भारत इस मैच में एक बड़ा स्कोर खड़ा कर सकता है या किसी भी बड़े लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकता है.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें

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