‘तुम जाकर सो जाओ…’ कन्नदासन की बात पर एमएसवी हुए परेशान, अगले दिन गाने से दिया ऐसा जवाब कि छूट गई हंसी

Last Updated:June 23, 2026, 20:55 IST
साउथ के मशहूर गीतकार कन्नदासन और संगीतकार एमएस विश्वनाथन से जुड़े किस्से आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहते हैं. फिल्म नेंजिल ओर आलयम के एक सुपरहिट गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान भी कुछ ऐसा हुआ था, जब कन्नदासन ने अपनी हाजिरजवाबी से एमएसवी को चौंका दिया था. यह मजेदार किस्सा आज भी तमिल फिल्म इंडस्ट्री में बड़े चाव से सुनाया जाता है.
नई दिल्ली. तमिल सिनेमा के दिग्गज गीतकार कन्नदासन और संगीतकार एमएस विश्वनाथन की जोड़ी ने कई ऐसे गाने दिए हैं, जो अमर हो गए. उनकी फिल्म नेंजिल ओर आलयम के एक सुपरहिट गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान तो कुछ ऐसा हुआ, जो यादगार बन गया.
साल 1962 में रिलीज हुई फिल्म नेंजिल ओर आलयम को श्रीधर ने डायरेक्ट किया था. फिल्म में मुथुरमन, देविका और कुट्टी पद्मिनी जैसे एक्टर्स नजर आए थे. इस फिल्म के गानों ने तो धमाल मचा दिया था. फिल्म के गानों को संगीत विश्वनाथन-राममूर्ति ने दिया था, वहीं इन गानों को कन्नदासन ने लिखा था.
जानेमाने एक्टर और डायरेक्टर चित्रा लक्ष्मणन ने एक इंटरव्यू में इस गाने की रिकॉर्डिंग के बारे में भी बताया था. उन्होंने इस किस्से का खुलासा करते हुए कहा था कि फिल्म के सबसे अहम गाने की रिकॉर्डिंग से पहले श्रीधर, कन्नदासन और एमएस विश्वनाथन एक होटल में रूके हुए थे. श्रीधर ने दोनों से कहा था कि अगले दिन फिल्म के सबसे अहम गाना रिकॉर्ड किया जाना है, इसलिए जल्दी सो जाओं.
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उस रात में एमएस विश्वनाथन की नींद लेने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन साथ वाले कमरे से आ रही आवाजों की वजह से वह सो ही नही पा रहे थे. वह जाकर देखते हैं तो कन्नदासन अपने दोस्तों के साथ बैठकर गाने गा रहे थे और मस्ती का माहौल बना हुआ था. एमएसवी ने उन्हें याद दिलाया कि अगले दिन रिकॉर्डिंग है, लेकिन कन्नदासन ने हंसते हुए कह दिया कि तुम जाओ और जाकर सो जाओ.
इसके बाद जब अगले दिन रिकॉर्डिंग के समय कन्नदासन को पहुंचने में देरी हुई तो, श्रीधर और एमएसवी उनका इंतजार कर रहे थे.श्रीधर बीती रात के बारे में सब कुछ जानते थे. जब कन्नदासन आए तो उन्होंने मजाक में कहा कि वह जल्दी सो गए थे, जबकि वह असली बात जानते थे.
गाने की रिकॉर्डिंग जैसे ही शुरू हुई तो माहौल और भी मजेदार हो गया. कन्नदासन ने गाने की शुरुआत ऐसी लाइन से की, जो सीधे एमएसवी की तरफ इशारा करती थी. ये सुनकर एमएसवी का चेहरा देखने लायक था और श्रीधर अपनी हंसी नहीं रोक पाए. यही वजह है कि इस गाने की रिकॉर्डिंग का यह किस्सा आज भी तमिल सिनेमा के सबसे दिलचस्प किस्सों में गिना जाता है.
बताया जाता है कि फिल्म का यह गाना बाद में इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी कई जगहों, खासकर संगीत महफिलों और बार में सुनाई देता है.
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