sitting on chair too long at work piles symptoms prevention tips | ऑफिस की कुर्सी पर घंटों बैठना और टॉयलेट में फोन चलाने की है आदत? हो सकती है ये खतरन

Prolonged Sitting Health Risks: ऑफिस में लैपटॉप के सामने घंटों बैठे रहना, मोबाइल देखते हुए आगे की ओर झुकना या लगातार ड्राइविंग करना आज लाखों लोगों की दिनचर्या बन चुकी है. खासकर आईटी प्रोफेशनल्स, ड्राइवर, कॉल सेंटर कर्मचारी, शिक्षक और अन्य डेस्क जॉब करने वाले लोग रोजाना 8 से 10 घंटे तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं. स्वास्थ्य एक्सपर्ट का कहना है कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना, गलत पोश्चर और कब्ज जैसी समस्याएं मिलकर बवासीर (पाइल्स) का खतरा बढ़ा सकती हैं. अगर आप भी दिनभर कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, तो कुछ छोटी-छोटी आदतें बदलकर इस परेशानी से काफी हद तक बच सकते हैं.
बवासीर क्या है?बवासीर (Hemorrhoids) गुदा (Anus) और मलाशय (Rectum) के आसपास मौजूद नसों में सूजन आने की स्थिति है. यह दो प्रकार की होती है.आंतरिक बवासीर – जो मलाशय के अंदर होती है.बाहरी बवासीर – जो गुदा के बाहरी हिस्से में विकसित होती है.
एक्सपर्ट के अनुसार, कब्ज, मल त्याग के दौरान अधिक जोर लगाना, गर्भावस्था, मोटापा, लंबे समय तक बैठे रहना और भारी वजन उठाना इसके प्रमुख जोखिम कारक हैं.
क्या आगे झुककर बैठने से बढ़ सकता है खतरा?लंबे समय तक आगे झुककर बैठने से शरीर का दबाव श्रोणि क्षेत्र पर अधिक पड़ सकता है. अगर इसके साथ व्यक्ति घंटों बिना उठे बैठा रहे, शारीरिक गतिविधि कम हो और कब्ज की समस्या भी हो तो गुदा की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. इससे बवासीर विकसित होने या पहले से मौजूद समस्या के बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है. एक्सपर्ट यह भी बताते हैं कि केवल बैठने का तरीका ही बवासीर का कारण नहीं बनता, बल्कि गलत पोश्चर, कम शारीरिक गतिविधि, पानी कम पीना और फाइबर की कमी जैसे कई कारण मिलकर जोखिम बढ़ाते हैं.
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
आईटी और सॉफ्टवेयर कर्मचारी
ड्राइवर
शिक्षक
बैंक और कॉर्पोरेट कर्मचारी
कॉल सेंटर कर्मचारी
लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले लोग
मोटापे या कब्ज से परेशान व्यक्ति
गलत बैठने की आदत कैसे नुकसान पहुंचाती है?जब कोई व्यक्ति लगातार आगे झुककर बैठता है तो कमर, पेल्विक फ्लोर और ग्लूटियल मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. अगर वह लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए बैठा रहता है, तो ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित हो सकता है. यही वजह है कि स्वास्थ्य एक्सपर्ट हर 30 से 40 मिनट में उठकर कुछ मिनट टहलने की सलाह देते हैं.
डेस्क जॉब करने से बढ़ गई हैं समस्याएंज्यादातर ट्रैफिक जाम और डेस्क जॉब के कारण यह समस्या और बढ़ गई है. उदाहरण के लिए, 35 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश दिन में 8 से 9 घंटे एक सख्त कुर्सी पर बैठकर काम करते थे. लैपटॉप देखते समय आगे झुकने से उन्हें बवासीर और दर्द की शिकायत रहती थी. उनके मामले में, आगे झुकना एक समस्या बन गया था. कुर्सी पर आगे झुककर बैठने से आखिर होता क्या है? दरअसल, आगे झुकने से पेल्विक फ्लोर और ग्लूटियल मांसपेशियों पर असमान दबाव पड़ता है. इससे ब्लड का प्रवाह मलाशय की ओर होता है और नसें खिंच जाती हैं. अगर कुर्सी की सीट सख्त हो, तो दबाव और भी बढ़ जाता है.
इस तरह की होनी चाहिए सीटआपको नरम गद्दी वाली कुर्सियों पर बैठना चाहिए, इनसे दबाव कम होता है. लेकिन गद्दी बहुत ज्यादा नरम नहीं होनी चाहिए. अगर ऐसा हुआ तो पीठ में दर्द हो सकता है. वेरीवेल हेल्थ के अनुसार, सख्त कुर्सियां बैठने में अच्छी होती हैं, लेकिन उनसे बवासीर का खतरा बढ़ जाता है. हेल्थलाइन ने बताया कि जो लोग लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठकर मोबाइल चलाते हैं, उनमें भी बवासीर का खतरा 46 प्रतिशत तक बढ़ जाता है. यही बात ऑफिस की कुर्सियों पर बैठने की आदत पर भी लागू होती है. इसलिए जो लोग कुर्सियों पर बैठते हैं, उन्हें सही तरीके से बैठना चाहिए. ध्यान रखें कि कुर्सी की सीट थोड़ी नरम हो.
बवासीर के शुरुआती लक्षणअगर ये लक्षण लगातार दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज ना करें—
मल त्याग के समय दर्द
मल के साथ खून आना
गुदा में खुजली या जलन
सूजन या गांठ महसूस होना
लंबे समय तक बैठने में असुविधा
बचाव के आसान उपायअगर आपकी नौकरी में लंबे समय तक बैठना जरूरी है तो इन आदतों को अपनाएं—
हर 30–40 मिनट में 2–5 मिनट के लिए उठकर चलें.
कुर्सी पर सीधे बैठें और कमर को उचित सपोर्ट दें.
बहुत सख्त या बेहद धंसने वाली सीट से बचें.
जरूरत हो तो मेमोरी फोम या कुशन का इस्तेमाल करें.
रोजाना पर्याप्त पानी (लगभग 2.5–3.5 लीटर, व्यक्ति की जरूरत के अनुसार) पिएं.
भोजन में फाइबर युक्त फल, सब्जियां, सलाद और साबुत अनाज शामिल करें.
नियमित व्यायाम और पैदल चलने की आदत डालें.
टॉयलेट में अनावश्यक देर तक ना बैठें और वहां मोबाइल इस्तेमाल करने से बचें.
कब्ज की समस्या को नजरअंदाज ना करें.
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?अगर मल के साथ बार-बार खून आए, तेज दर्द हो, सूजन लगातार बढ़ रही हो या घरेलू उपायों से आराम ना मिले, तो बिना देरी किए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या जनरल सर्जन से सलाह लें. खुद से दवा लेने की बजाय डॉक्टर की सलाह पर ही उपचार कराएं.
छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यानलंबे समय तक कुर्सी पर बैठना, आगे झुककर काम करना और शारीरिक गतिविधि की कमी बवासीर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं, लेकिन यह बीमारी केवल बैठने की वजह से नहीं होती. सही पोश्चर, नियमित ब्रेक, पर्याप्त पानी, फाइबर युक्त भोजन और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है. अगर शुरुआती लक्षण दिखाई दें तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित कदम है.



