स्ट्रेंथ ट्रेनिंग क्यों है जरूरी, क्या इसे बॉडी बिल्डर्स ही कर सकते हैं? जानें कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में अंतर, फायदे

Is Strength Training Good for Everyone: फिट रहने के लिए लोग वॉकिंग, रनिंग, योग और साइक्लिंग जैसी कई तरह की शारीरिक गतिविधियां अपनाते हैं. लेकिन जब स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की बात आती है, तो अक्सर इसे केवल बॉडीबिल्डर्स या जिम जाने वाले लोगों तक ही सीमित माना जाता है. हाल ही में ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन इस धारणा को बदलता है. शोध के अनुसार, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है और बेहतर स्वास्थ्य के साथ लंबी उम्र में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है.
30 साल तक किया गया 1.47 लाख लोगों का अध्ययन
इस अध्ययन में लगभग 1.47 लाख लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया. शोधकर्ताओं ने करीब 30 वर्षों तक प्रतिभागियों की शारीरिक गतिविधियों पर नजर रखी. इस दौरान यह देखा गया कि कौन लोग कार्डियो एक्सरसाइज करते हैं, कौन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं और कौन दोनों का संतुलित रूप से अभ्यास करते हैं.
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से कम हो सकता है गंभीर बीमारियों का जोखिम
अध्ययन में पाया गया कि नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने वाले लोगों में हृदय रोग, कुछ प्रकार के कैंसर और समय से पहले मृत्यु का जोखिम अपेक्षाकृत कम देखा गया. शोधकर्ताओं का कहना है कि मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज केवल शरीर की ताकत ही नहीं बढ़ाती, बल्कि समग्र स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकती है.
हफ्ते में कितना समय देना है पर्याप्त?
रिसर्च के मुताबिक, सप्ताह में लगभग 90 से 120 मिनट (करीब डेढ़ से दो घंटे) स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना सबसे अधिक लाभकारी पाया गया. इस अवधि तक नियमित अभ्यास करने वालों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम देखे गए. हालांकि, इससे अधिक समय तक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने पर अतिरिक्त लाभ में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं देखी गई.
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कम मात्रा में एक्सरसाइज भी देती है फायदा
शोध में यह भी सामने आया कि यदि कोई व्यक्ति सीमित समय के लिए भी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करता है, तो उसे भी कुछ स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं. यानी शुरुआत करने के लिए लंबे समय तक जिम में रहने की जरूरत नहीं है.
कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का साथ है सबसे बेहतर
अध्ययन के अनुसार, सबसे अच्छे परिणाम उन लोगों में देखे गए जिन्होंने कार्डियो एक्सरसाइज (जैसे वॉकिंग, रनिंग या साइक्लिंग) के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी अपनी दिनचर्या में शामिल किया. ऐसे लोगों में, बिल्कुल भी व्यायाम न करने वालों की तुलना में, समय से पहले मृत्यु का जोखिम करीब 50 प्रतिशत तक कम पाया गया.
दोनों तरह की एक्सरसाइज क्यों हैं जरूरी?
-विशेषज्ञों के अनुसार, कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शरीर पर अलग-अलग तरीके से काम करती हैं.
-कार्डियो एक्सरसाइज हृदय और फेफड़ों को मजबूत बनाने, रक्त संचार सुधारने और सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करती है.
-स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों, हड्डियों और शरीर की ताकत को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
-जब दोनों प्रकार की एक्सरसाइज को संतुलित रूप से किया जाता है, तो शरीर को अधिक व्यापक स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं.
स्टडी की सीमाएं भी समझना जरूरी
शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी है. इसमें प्रतिभागियों ने अपनी एक्सरसाइज से जुड़ी जानकारी स्वयं दी थी, इसलिए कुछ त्रुटियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. यह अध्ययन यह साबित नहीं करता कि केवल स्ट्रेंथ ट्रेनिंग ही लंबी उम्र का कारण है, लेकिन दोनों के बीच एक मजबूत संबंध जरूर दर्शाता है.



